महिला को पीटा फिर मुंह में कपड़ा ठूस दिया, पटना के बाढ़ में एसएसबी कमांडेंट के घर डकैतों का तांडव
पटना में एक कमांडेंट के घर रात के वक्त घुसकर अपराधियों ने खूब तांडव मचाया है। सुबह लोगों ने घर का दरवाजा खुला देखा और महिला को जख्मी हालत में पाया तो उन्हें बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया जहां से डॉक्टरों ने उन्हें पटना रेफर कर दिया।

पटना से सटे बाढ़ में एसएसबी कमांडेंट के घर जमकर तांडव हुआ है। बाढ़ में एनटीपीसी थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में शुक्रवार की देर रात हथियारबंद बदमाशों ने यूपी में तैनात एसएसबी कमांडेंट राणा प्रिंस सिंह के घर में घुसकर उनकी मां को बंधक बना लिया और डकैती की। बदमाशों ने कमांडेंट की मां के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, ताकि वह शोर नहीं मचा सकें। इसके बाद घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण समेत अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। शुक्रवार की रात करीब 11 बजे से एक बजे तक बदमाश घर में रहे। परिजनों का कहना है कि करीब एक करोड़ के आभूषण और अन्य सामान ले गए हैं। शनिवार की सुबह आसपास के लोगों को जानकारी मिली। एफएसएल की टीम ने भी नमूने एकत्र किए।
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीपुर गांव के दिवंगत व्यवसायी धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ भानू बाबू के पुत्र राणा प्रिंस सिंह वर्तमान में यूपी के बलरामपुर जिले में एसएसबी कमांडेंट के पद पर तैनात हैं। उनकी मां तनुजा देवी गांव में अकेली रहती हैं। शुक्रवार की रात करीब 11 बजे पांच की संख्या में बदमाश घर में घुस आए। महिला शोर मचाने लगीं तो उनके साथ मारपीट की और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। उन्हें एक जगह बैठाकर हथियार का भय दिखाया और वहां से नहीं जाने की धमकी दी।
इसके बाद बदमाश आलमारी में रखे गहने, नकदी और अन्य सामान झोले में भरकर ले गए। करीब दो घंटे तक बदमाश घऱ पर ही रहे पर आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी। कमांडेंट के चाचा सुरेंद्र सिंह ने बताया कि करीब एक करोड़ के सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और अन्य सामान की डकैती हुई है। सुबह लोगों ने घर का दरवाजा खुला देखा और महिला को जख्मी हालत में पाया तो उन्हें बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया जहां से डॉक्टरों ने उन्हें पटना रेफर कर दिया।
एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम ने की जांच
एनटीपीसी थाने की पुलिस के अलावा एफएसएल टीम व डॉग स्क्वायड ने भी जांच की। परिजनों का कहना है कि घटना में गांव के ही कुछ लोगों की संलिप्तता हो सकती है। वहीं एनटीपीसी थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से घटना के संबंध में अब तक कोई आवेदन नहीं दिया गया है। मामले की छानबीन चल रही है। बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।


