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1400 फर्जी सिम और रोज 26 हजार कॉल; फोन एक्सचेंज खोल पूरे देश में ठगी का रैकेट

1400 फर्जी सिम और रोज 26 हजार कॉल; फोन एक्सचेंज खोल पूरे देश में ठगी का रैकेट

संक्षेप:

गोवा पुलिस की जांच में गौसपुर से बड़े पैमाने पर फर्जी तरीके से इंटरनेशन वीओआईपी (वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) कॉल को लोकल कॉल में बदलकर पूरे देश में कॉल किए जाने की बात सामने आई थी। सिम बॉक्स में 1400 सिम का इस्तेमाल हो रहा था।

Jan 04, 2026 10:14 am ISTNishant Nandan हिन्दुस्तान, प्रमुख संवाददाता, मुजफ्फरपुर
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नेपाल सीमा से सटे सुपौल के गौसपुर से अवैध तरीके से समानांतर फोन एक्सचेंज खोलकर पूरे देश में ठगी कर रहे साइबर शातिर 14 सौ फर्जी सिम इस्तेमाल कर रहे थे। ज्यादातर सिम वैशाली और मुजफ्फरपुर के लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से लिए गए थे। सीबीआई सिम बॉक्स के जरिए अंतरराष्ट्रीय कॉल को लोकल वॉयस कॉल में बदल ठगी के इस रैकेट की जांच कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि अवैध फोन एक्सचेंज से केवल साइबर ठगी की गई या देश विरोधी गतिविधियों को भी अंजाम दिया गया।

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गोवा पुलिस ने बीते साल अप्रैल में साइबर फ्रॉड के इस बड़े मामले का खुलासा किया था। गोवा में धरे गए एक चीनी नागरिक ने पुलिस को इसकी जानकारी दी थी। गोवा पुलिस की जांच में गौसपुर से बड़े पैमाने पर फर्जी तरीके से इंटरनेशन वीओआईपी (वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) कॉल को लोकल कॉल में बदलकर पूरे देश में कॉल किए जाने की बात सामने आई थी। सिम बॉक्स में 1400 सिम का इस्तेमाल हो रहा था। फर्जी सिम से हर दिन करीब 26 हजार कॉल की जाती थी।

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गोवा पुलिस की सूचना पर बिहार आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने बीएसएनएल के अधिकारियों के साथ पूरे मामले की जांच की। इसके बाद बीते साल 20 जुलाई को एक्सचेंज संचालक सुपौल निवासी हर्षित मिश्रा को गिरफ्तार किया था। मामले में बिहार आर्थिक अपराध इकाई ने वैशाली के महुआ से तीन सीएससी संचालकों समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। चिह्नित किए गए सात सिम विक्रेता व डिस्ट्रीब्यूटरों की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई प्रयास कर रही है।

पुलिस व ट्राई अधिकारी बन करते थे डिजिटल अरेस्ट

ठगों ने इस एक्सचेंज के जरिए पुलिस और ट्राई का अधिकारी बनकर पूरे देश में डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं को अंजाम दिया। यहां से जुड़े मामलों को लेकर 20 राज्यों में केस दर्ज हैं। अब सीबीआई जांच में इनकी परतें खुलने की उम्मीद है। सीबीआई की टीम ने महुआ में सिम विक्रेता एजेंटों और डिस्ट्रीब्यूटरों की जांच की है।

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Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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