5 सरकारी योजनाओं की आड़ में साइबर ठगी, बिहार से तेलंगाना तक नेटवर्क; गिरफ्तार ठग का कबुलनामा
पीएम मुद्रा लोन समेत पांच सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों को ठगी करते थे। गिरोह का नेटवर्क बिहार समेत पांच राज्यों में फैला हुआ है।

बिहार की राजधानी पटना के मीठापुर से बीते दिनों गिरफ्तार नौ साइबर ठगों ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। बताया कि वे पीएम मुद्रा लोन समेत पांच सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों को फोन करते थे। गिरोह का नेटवर्क बिहार समेत पांच राज्यों में फैला हुआ है। साइबर पुलिस इन राज्यों में गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
ठगी के लिए मीठापुर स्थित एक फ्लैट में छह कर्मचारियों को रखा गया था। ये कर्मचारी साइबर ठगी से प्राप्त रकम को दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े दो दर्जन से अधिक साइबर अपराधियों की अभी गिरफ्तारी होनी बाकी है।
इन योजनाओं के नाम पर ठगी
साइबर अपराधी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोगों को फोन करते थे। जिन योजनाओं के नाम पर लोगों से संपर्क किया जाता था, उनमें पीएम मुद्रा लोन, किसान सम्मान निधि, पीएम विश्वकर्मा और पीएम आवास योजना शामिल हैं। पुलिस के अनुसार ऐसे लोगों को खास तौर पर निशाना बनाया जाता था, जिन्हें दस्तावेजों में कमी या अन्य कारणों से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया था। साइबर अपराधी उन्हें फोन कर योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देते थे और इसके बाद जरूरी जानकारी लेकर ठगी करते थे।
कंपनी की तर्ज पर कारोबार
मीठापुर स्थित निजी फ्लैट को साइबर अपराधियों ने यह कहकर किराये पर लिया था कि वहां निजी कंपनी का कार्यालय चलाया जाएगा। फ्लैट में लैपटॉप और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था भी की गई थी, ताकि आसपास के लोगों को किसी कंपनी का कार्यालय संचालित होने का भ्रम रहे। पुलिस ने जब फ्लैट पर छापेमारी की तो आसपास के लोग भी वहां चल रहे पूरे खेल को देखकर हैरान रह गए।
पुलिस ने विभिन्न बैंकों में खुलवाए 17 खातों को कराया फ्रीज
पुलिस ने पिछले चार दिनों में साइबर अपराधियों द्वारा अलग-अलग बैंकों में खुलवाए गए 17 बैंक खातों को फ्रीज कराया है। इनमें जक्कनपुर थाना क्षेत्र के मीठापुर स्थित फ्लैट में छापेमारी के दौरान गिरफ्तार नौ साइबर अपराधियों के पांच खाते भी शामिल हैं। इसके अलावा राजीवनगर, कंकड़बाग और जमुई से गिरफ्तार तीन बदमाशों के बैंक खातों को भी फ्रीज कराया गया है। इन खातों में करीब 30 करोड़ होने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि इन खातों में ठगी के जरिए मंगाई गई रकम रखी गई है।
साइबर पुलिस ने समय रहते इन खातों की पहचान कर संबंधित बैंक अधिकारियों से इन्हें फ्रीज कराया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन खातों से किन-किन लोगों के बैंक खातों में रकम का लेनदेन किया गया है। साथ ही साइबर ठगी की शिकायत करने वाले लोगों के खातों से कहीं इन खातों में रकम तो नहीं भेजी गई थी, इसकी भी जांच की जा रही है।


