बगहा चीनी मिल पर साइबर अटैक, गोपनीय डाटा पर असर; करोड़ों रुपये का नुकसान
बगहा मिल के कार्मिक एवं प्रशासनिक विभाग के महाप्रबंधक त्रिपुरारी कुमार ने साइबर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। बगहा एसपी राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस की तकनीकी शाखा और साइबर विशेषज्ञ मामले की जांच कर रहे हैं।

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा स्थित तिरुपति शुगर्स मिल पर साइबर हमला होने का मामला सामने आया है। हैकरों ने मिल के मुख्य सर्वर और एसएपी डिजिटल सिस्टम को हैक कर लिया। इससे मिल का महत्वपूर्ण और गोपनीय डाटा प्रभावित हुआ है। सर्वर के क्षतिग्रस्त होने के कारण चीनी की बिक्री, बिलिंग, स्टॉक प्रबंधन व डिस्पैच के काम ठप हो गए हैं। मिल प्रबंधन ने साइबर हमले से 100 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया है।
मिल के कार्मिक एवं प्रशासनिक विभाग के महाप्रबंधक त्रिपुरारी कुमार ने साइबर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। बगहा एसपी राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस की तकनीकी शाखा और साइबर विशेषज्ञ मामले की जांच कर रहे हैं। आवेदन के अनुसार, 18 से 20 अगस्त के बीच मिल के सिस्टम को हैक किया गया। इससे वित्तीय लेखा-जोखा के साथ गन्ना किसानों के भुगतान से संबंधित डाटा भी प्रभावित हुआ है।
पुलिस जांच कर रही है कि हमले में किस तरह के तकनीक का इस्तेमाल किया गया और कितने डाटा तक हैकरों की पहुंच हुई। मिल प्रबंधन के अनुसार, शुरुआती तौर पर रैनसमवेयर हमला प्रतीत हो रहा है। डाटा के बदले हैकरों द्वारा रकम मांगने की चर्चा भी है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं की गई।
तिरुपति शुगर्स मिल के महाप्रबंधन (केन), बीएन त्रिपाठी ने कहा कि सॉफ्टवेयर के हैक होने से मिल को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। हैकिंग के कारणमहत्वपूर्ण डाटा के नष्ट होने की आशंका बनी हुई है। डाटा वापस नहीं लौटने पर मिल को भारी क्षति हो सकती है।


