सॉरी मम्मी पापा... लव मैरिज कर कपल ने खाया जहर, मौत से पहले मां को भेजा दर्दनाक Video
युवती अपने प्रेमी के कमरे में पहुंची जहां लक्ष्मीकांत ने अमृता की मांग में सिंदूर भरा। उसके बाद दोनों ने हार्ड किटनाश जहर खा लिया।
बिहार के भालगपुर में एक प्रेमी युगल ने परिवार की मर्जी के खिलाफ पहले लव मैरिज किया और उसके बाद ऐसा कदम उठाया जो दोनों के परिजनों को हमेशा दर्द देता रहेगा। प्रेमी के मोबाइल से वीडियो बनाते हुए दोनों नें किटनाशक(सल्फास) खाया और लड़के ने अपनी मां के पास भेज दिया। वीडियो देखकर जब तक माता पिता पहुंचते तबतक दोनों बेहोश हो चुके थे। मायागंज अस्तपताल ले जाते वक्त प्रेमी ने दम तोड़ दिया जबकि प्रेमिका का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। भागलपुर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था पर प्रेमी की मौत पर बड़ी तोहमत लगाई जा रही है।
"सॉरी मम्मी, पापा...हम गलत कदम उठाने जा रहे हैं...आप लोग तो शादी नहीं कराए...हम लोग सुसाइड करने जा रहे हैं... लास्ट ऑप्शन बचा है हम लोगों पास...इसको भी लाए हैं...हमारे घर वाले तो राजी हो गए हैं... इसके घर वाले मान नहीं रहे हैं... कहते हैं कि मार देंगे पर शादी नहीं करेंगे...तो हमलोग खुद से मर जा रहे हैं... गलत कदम उठाना पड़ा...सॉरी।"
ये शब्द भागलपुर के अडमंडा थाना इलाके के अदलपुर गांव निवासी सुभाष सिंह के 20 वर्षीय बेटे लक्ष्मीकांत के हैं जो बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र निवासी कुलदीप मंडल 18 वर्षीय बेटी अमृता से बेहद प्यार करता था। युवती अपने नाना के घर अदलपुर में रह रही थी। वहीं से दोनों के बीच पहचान बढ़ी जो समय के साथ मोहब्बत में बदल गई। दोनों शादी करना चाहते थे जो परिवार को मंजूर नहीं था। मां को भेजे वीडियो में अपनी बातें कहते हुए लक्ष्मीकांत ने सल्फास की कई गोलियां एक साथ खाकर पानी पी लिया।
जहर खाने से पहले प्रेमी ने अमृता की मांग में सिंदूर भरा और वीडियो बनाया। यह काम दोनों ने कहलगांव थाना क्षेत्र के शिवकुमारी पहाड़ मोहल्ले में एक बंद कमरे में किया। युवक वहीं किराए के कमरे में रहता था। वीडियो देखते ही उसके परिजनों के होश उड़ गए। भागते-भागते मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से दोनों को मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज हॉस्पीटल भेज दिया गया। रास्ते में ट्राफिक ने कठिन परीक्षा ली। एंबुलेंस एक घंटे तक जाम में फंसी रही। मरीजों की गंभीर हालत को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद जाम हटवाया, जिसके बाद एंबुलेंस को बाहर निकाला जा सका। शायद वही जाम लक्ष्मी कांत के लिए जानलेवा साबित हुई। मायागंज अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों के बीच करीब डेढ़ साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लड़की प्रेमी के गांव में अपने नाना के घर पर रहती थी। मृत युवक के पिता सुभाष सिंह ने बताया कि उन्हें चार महीने से इसकी जानकारी थी। वे फेरी लगाकर कपड़ा बेचने का काम करते हैं इसलिए बेटे से बात करने का समय नहीं मिला। अगर शादी करके घर ले आता तो बहू को जरूर रख लेते। यह बात कहते हुए वे फूट-फूटकर रोने लगे।
अस्पताल में भर्ती प्रेमिका का कहना है कि शादी के लिए पापा मना कर रहे थे जबकि करीब डेढ़ साल से हम लोग प्यार करते थे। पापा की जिद के कारण यह कदम उठाना पड़ा। हम अपनी मर्जी से उसके पास गए थे। सोचा कि साथ जी नहीं सकते हैं तो साथ मर सकते हैं। लेकिन, यह अरमान भी पूरा नहीं हुआ। बेटे की लाश पर मां दहाड़ मारकर रो रही थी।
इस मामले में अमदंडा थानाध्यक्ष विशाल कुमार सिंह ने बताया कि दोनों के परिजनों से जानकारी ली गयी है। पुलिस कार्रवाई कर रही है। प्रथम दृष्टया यह प्रेम प्रसंग में आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। परिजनों से वीडियो की मांग कर जांच की जाएगी।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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