4 साल की नौकरी में 6 बीघा जमीन, 40 लाख के जेवर; घूसखोर डीपीओ की काली कमाई का हिसाब
डीपीओ अजीत अमर ने करीब साढ़े चार साल के सेवाकाल में काली कमाई से करोड़ों की संपत्ति बनाई। पत्नी पूजा कुमारी के नाम पर सारण के एकमा में साढ़े छह बीघा जमीन और 40 लाख के जेवर खरीदे।

Action against Corruption: बिहार के सहरसा में तैनात शिक्षा विभाग के घूसखोर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अजीत अमर ने करीब साढ़े चार साल के सेवाकाल में काली कमाई से करोड़ों की संपत्ति बनाई। शुक्रवार को डीपीओ के सारण, सहरसा और सीवान स्थित चार ठिकानों पर ईओयू की हुई छापेमारी में यह खुलासा हुआ। ईओयू के अनुसार फरवरी 2022 में सेवा में आए डीपीओ अजीत अमर ने पत्नी पूजा कुमारी के नाम पर सारण के एकमा में छह बीघा 9 कट्ठा 8 धूर (481.36 डिसमिल) जमीन खरीदी। इस पर 41.50 लाख रुपये खर्च के दस्तावेज मिले हैं। हालांकि, इससे अधिक रकम चुकाने के भी कागजात जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं।
डीपीओ के निजी आवास से 40.05 लाख रुपये के आभूषण मिले। 2023 से 2025 के बीच 27 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीदे जाने के दस्तावेज भी मिले हैं। डीपीओ ने सीवान में अपने पैतृक जमीन पर 50 लाख से अधिक का घर बनाया है। एक महिंद्रा स्कॉर्पियो और एक यामाहा एफएच बाइक भी खरीदी है। जबकि, अजीत को लगभग साढ़े चार वर्ष के सेवाकाल में मात्र 38 लाख वेतन मद से प्राप्त हुए हैं। इसके मुकाबले उन्होंने काली कमाई से बड़े पैमाने पर चल-अचल संपत्ति बनाई।
छपरा में लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप
सहरसा में तैनात शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अजीत अमर के ठिकानों पर शुक्रवार को छापे से कई बड़े खुलासे हुए हैं। यह छापेमारी सीवान के दारौंदा थाना के रैनी स्थित पैतृक मकान, सहरसा नया बजार स्थित किराये का आवास, सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय कक्ष और छपरा गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर की गयी।
सरकारी सेवा में आने पर अजीत अमर ने सहरसा में योगदान दिया। इस बीच उनकी सारण (छपरा) में डीपीओ (योजना एवं लेखा) पद पर प्रतिनियुक्ति हुई। इस प्रतिनियुक्ति के दौरान इनके ऊपर भ्रष्टाचार के माध्यम से अवैध धनार्जन करने का आरोप लगा। स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा कराई गई जांच के बाद उन्हें मूल पदस्थापन स्थान सहरसा वापस कर दिया गया। ईओयू ने बताया कि डीपीओ ने सेवाकाल में दरौंदा के रैनी गांव में एक भव्य मकान का निर्माण कराया है। ईओयू ने डीपीओ पर आय से लगभग 72.35% अधिक संपत्ति के मामले में एफआईआर दर्ज की है।
सीवान स्थित पैतृक घर में साढ़े चार घंटे ली तलाशी
आय से अधिक संपत्ति मामले में सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सीवान जिले के दरौंदा प्रखंड के रैनी गांव निवासी अजीत अमर के पैतृक आवास पर ईओयू की टीम शुक्रवार को छापेमारी की। आर्थिक अपराध प्रभाग के अनुसार, विशेष न्यायालय निगरानी उत्तर बिहार मुजफ्फरपुर से निगरानी पत्र प्राप्त करने के उपरांत पुलिस उपाधीक्षक कोटि के अधिकारियों के नेतृत्व में दरौंदा थाना क्षेत्र के रैनी गांव समेत चार ठिकाने की तलाशी ली गई।
आर्थिक अपराध प्रभाग के अनुसार, प्राथमिक अभियुक्त अजीत अमर के चार ठिकाने में शामिल दरौंदा प्रखंड के रैनी गांव स्थित उनके पैतृक व निजी आवास तलाशी ली। बहरहाल, आर्थिक अपराध प्रभाग की नौ सदस्यीय टीम जब दरौंदा थाना क्षेत्र के रैनी गांव सुबह करीब आठ बजे पहुंची तो घर पर ताला लटका हुआ था। टीम ने ताला खुलवा तलाशी लेनी शुरू की। रैनी गांव में सहरसा के कार्यक्रम पदाधिकारी अजीत अमर के पैतृक व निजी आवास की तलाशी करीब साढ़े चार घंटे तक चली। इस दौरान घर के अंदर ईओयू टीम के सभी सदस्य व परिजन मौजूद थे। वहीं दरौंदा थानाध्यक्ष विकास कुमार सिंह, स्थानीय पुलिस व जिला पुलिस घर के बाहर तैनात रही।
छपेमारी की होती रही चर्चा
आर्थिक अपराधिक के डीएसपी सीपी यादव के नेतृत्व में 9 सदस्यीय टीम रैनी गांव में पहुंची। टीम के साथ दरौंदा थानाध्यक्ष विकास कुमार सिंह, स्थानीय पुलिस व जिला पुलिस भारी संख्या में मौजूद थी। सहरसा के डीपीओ आवास पर ईओयू की छापेमारी की खबर देखते ही देखते आस-पास के क्षेत्र में जंगल की आग की तरह फैल गई। हर कोई भ्रष्ट अधिकारी द्वारा सरकारी पद का दुरुपयोग कर अनैतिक ढंग से की गई धन उगाही की चर्चा कर रहा था। हर किसी की जुबान पर यही था कि जिस तरीक से अवैध संपत्ति बनाई गई है, वह ब्लैक मनी छोड़ कहीं से भी व्हाईट मनी नहीं हो सकती।
छापेमारी में कई कागजात मिले
रैनी गांव में ईओयू की टीम द्वारा की गई छापेमारी में कई महत्वपूर्ण का कागजात बरामद हुए हैं। टीम के सदस्यों ने बताया कि छापेमारी में बहुत सारे कागजात मिले हैं। इनकी अच्छे तरीके से जांच करने के बाद बहुत से अहम सुराग हाथ लगेंगे।


