रग्बी के बाद ड्रैगन बोट में खेला? मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना में गड़बड़झाला, जांच के आदेश
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के डीजी रवींद्रण शंकरण ने ड्रैगन बोट खेल से नियुक्ति पाने वाले प्रत्येक खिलाड़ी के आवेदन, खेल उपलब्धियों और अन्य अभिलेखों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है।

Bihar Medal Lao Naukari Pao Schome: बिहार में ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के तहत ड्रैगन बोट खेल के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वाले सभी खिलाड़ियों की अब जांच होगी। खेल को बढ़ावा देने के लिए लाई गई बिहार सरकार की योजना का गलत उपयोग किया जा रहा है।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के डीजी रवींद्रण शंकरण ने इस खेल से नियुक्ति पाने वाले प्रत्येक खिलाड़ी के आवेदन, खेल उपलब्धियों और अन्य अभिलेखों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। हाल ही में एक पुलिस अवर निरीक्षक के खिलाफ आवेदन के दौरान आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप सामने आने के बाद प्राधिकरण ने यह कदम उठाया है। इसके पहले रग्बी खिलाड़ी का मामला सामने आ चुका है। खिलाड़ी ने बगैर एक मैच खेले सरकारी नौकरी ले ली।
जांच केवल एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहेगी। ड्रैगन बोट खेल के आधार पर अलग-अलग विभागों में नियुक्ति पाने वाले सभी खिलाड़ियों के आवेदन पत्र, स्व-घोषणा, चरित्र प्रमाणपत्र व अन्य आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी स्तर पर तथ्य छिपाने, गलत जानकारी देने अथवा नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आता है तो संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के डीजी ने बताया कि ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना का उद्देश्य वास्तविक और योग्य खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर देना है। ऐसे में यदि किसी अभ्यर्थी ने नियुक्ति प्राप्त करने के लिए तथ्यों को छिपाया है या गलत जानकारी दी है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया नियमावली के अनुरूप और निष्पक्ष होगी।
इससे पहले रग्बी खिलाड़ी सुधांशु ने एक भी मैच नहीं खेला। फर्जी सर्टिफिकेट दिखाकर उसने नौकरी ले ली। मामला उजागर होने पर उसे सस्पेंड कर दिया गया है। जिस जर्सी में सुधांशु ने खेलने का दावा किया था उसमें कोई और दिखा। डीजी रविंद्रण शंकरण को उसकी गतिविधियों पर पहले से ही शक था। जांच में पूरी सच्चाई खुलकर सामने आ गई। उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल कर लिया था। जांच में पाया गया कि सुधांशु के खिलाफ कई आपराधिक मामले भी पूर्व से दर्ज थे जिन्हें नौकरी की प्रक्रिया में छिपाई गई थी।
दो मामले सामने आने के बाद बिहार राज्य खेल प्राधिकरण काफी गंभीर है। मामलों के गहन जांच का फैसला किया गया है। कुछ खिलाड़ियों की चालाकी से अन्य स्पोर्ट्स पर्सन की परेशानी बढ़ती दिख रही है। सरकार का दावा है कि इस कार्रवाई से गलत करने वालों को सबक मिलेगी और सही खिलाड़ियों को बेहतर मौका मिलेगा।


