टेंडर फिक्सिंग घोटाला: तीन अफसर गिरफ्तार, संजीव हंस IAS को भी तलाश रही SVU टीम
टेंडर घोटाला को लेकर ईडी रेड में तारिणी दास, मुमुक्षु चौधरी और उमेश सिंह के ठिकानों से करोड़ों रुपये बरामद हुए थे। ये तीनों गिरफ्तार हो गए हैं। एसवीयू टीम टेंडर फिक्सिंग केस में आईएएस संजीव हंस को भी खोज रही है।

बिहार के चर्चित टेंडर फिक्सिंग घोटाले में विशेष निगरानी ईकाई ने तीन आरोपी अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसवीयू की टीम आईएएस अफसर संजीव हिंस को भी तलाश रही है, लेकिन वो आवास पर नहीं मिले। संजीव हंस कुछ महीने पहले ही ईडी के केस में जेल से छूटकर आए हैं। गिरफ्तार तीन अफसरों में बिहार प्रशासनिक सेवा के मुमुक्षु चौधरी, भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास और नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यपालक अभियंता उमेश सिंह शामिल हैं। ईडी रेड में तारिणी दास के ठिकानों से करीब 8.50 करोड़, मुमुक्षु चौधरी के ठिकानों से 2 करोड़ और उमेश सिंह के ठिकानों से एक करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। इनके खिलाफ टेंडर घोटाले में कई आरोप हैं।
छापेमारी के बाद विशेष निगरानी इकााई ने तरिणी दास, मुमुक्षु चौधरी और उमेश कुमार सिंह के खिलाफ अपने पद का गलत इस्तेमाल कर आय से अधिक संपत्ति हासिल करने का केस दर्ज किया था। आरोप है कि सीताामढ़ी और सहरसा में नगर आयुक्त के पद पर रहते हुए मुमुक्षु चौधरी ने रिशु श्री की कंपनियों को करोड़ों रुपये के ठेके दिए थे और रिश्वत ली थी। तारिणी दास पर भी कमीशन लेने का आरोप है। उमेश कुमार सिंह पर ठेकेदारों तथा एजेंसियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने और बिलों के भुगतान में मोटी कमाई करने का आरोप लगा।
रिशु श्री से जुड़े ठेकों में भ्रष्टाचार की हो रही जांच
दरअसल ठेकेदार रिशु श्री प्रकरण के बाद बिहार सरकार के विभिन्न कार्य विभागों में ठेकों की गड़बड़ियां खंगाली जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच रिपोर्ट पर विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) पहले से ही बुडको, जल संसाधन विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग आदि से जुड़े ठेकों की जांच कर रही थी। अन्वेषण ब्यूरो ने भी कई विभागों में ठेकों में मिली गड़बड़ी की जांच शुरू कर दी है।
विशेष निगरानी इकाई ने सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार मामले में ठेकेदार रिशु श्री और उनकी कंपनियों से जुड़े कई योजनाओं को खंगाला है। इसमें जल संसाधन विभाग के वीरपुर (सुपौल) में फिजिकल मॉडलिंग सेंटर से जुड़े ठेके से लेकर सहरसा नगर निगम में डस्टबिन सहित अन्य उपकरणों की खरीद से जुड़े मामले शामिल हैं। ईडी की रिपोर्ट पर नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा नालों के जैविक उपचार को लेकर जारी योजनाओं में गड़बड़ी की भी जांच हो रही है। इन मामलों में ठेकेदार रिशु श्री, बिप्रसे अधिकारी मुमुक्षु चौधरी सहित कुछ IAS अधिकारी भी आरोपित हैं।
बता दें कि सरकारी ठेको में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में ईडी ने 27 मार्च 2025 को तारिणी दाास और मुमुक्षु चौधरी के अलावा बुडको के तत्कालीन उप प्रोजेक्ट निदेशक, डीजीएम, (प्रोजेक्ट) और भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता के यहां रेड मारी थी।


