भ्रष्ट मंत्री, विधायक और अफसर नपेंगे; सम्राट चौधरी ने एजेंसियों से कहा- सीधे कार्रवाई करें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि मंत्री, विधायक, अफसर कोई भी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने जांच एजेंसियों को भी भ्रष्टाचारियों पर सीधे ऐक्शन लेने को कहा है।
बिहार में भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्री, विधायक और शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारी नपेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एजेंसियों से कहा कि भ्रष्ट नेताओं और अफसरों के खिलाफ सीधे कार्रवाई करें। सीएम ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) और आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को एक तरह से खुली छूट दे दी है। सम्राट ने ऐलान किया है कि भ्रष्टाचारियों को चिह्नित कर उनके पास से जब्त की गई संपत्ति पर सरकार स्कूल खोलेगी। उन्होंने जांच एजेंसियों को मजबूत करने के लिए कई ऐलान भी किए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के ज्ञान भवन में बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस एवं बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ किया। इस दौरान निगरानी अनवेषण ब्यूरो के नए लोगो का अनावरण भी किया गया। इस मौके पर सीएम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टोलरेंस नीति की प्रतिबद्धता दोहराया।
सीएम सम्राट की घोषणाएं
सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि अपराध एवं आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में सरकारी गवाहों को अगर गवाही देने के लिए कहीं जाना पड़े, तो उन्हें परिवहन भत्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। हर जिले में निगरानी थाना तथा सभी अनुमंडलों में निगरानी ओपी स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार ईओयू और एसवीयू अपने साथ विशेषज्ञों को जोड़ते हुए ऐसी आधुनिक एवं स्मार्ट कार्यप्रणाली विकसित करें कि विशेष परिस्थिति में ईडी और सीबीआई को भी इनके सहयोग की आवश्यकता महसूस हो।
मंत्रियों-अधिकारियों ने ली ईमानदारी की शपथ
इस कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रियों, अधिकारियों एवं कर्मियों ने अपने काम को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता से करने, सभी तरह के कानून और नियमावली, प्रक्रियाओं का पालन करने के साथ ही जनहित को सदैव सर्वोपरि रखने की शपथ ली। कार्यक्रम को डिप्टी सीएम विजय चौधरी, निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंदर एवं महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर मंत्री शीला कुमारी, जमा खान, संजय कुमार सिंह, लखेंद्र कुमार रौशन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, गृह सचिव कुंदन कुमार आदि मौजूद थे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रमंडलीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जुड़े थे।
पांच प्रमंडलों में विशेष निगरानी अदालत खुलेंगी
सीएम सम्राट चौधरी ने इस कार्यक्रम में ऐलान किया कि बिहार के सभी 9 प्रमंडल में विशेष निगरानी न्यायालय की स्थापना की जाएगी। ताकि भ्रष्टाचार के मामलों पर तुरंत सुनवाई हो सके और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि गरीबों को न्याय दिलाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सहयोग शिविर कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।
सीएम ने कहा कि न्याय के साथ विकास तभी संभव है, जब सरकार की नीतियों एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी गड़बड़ी के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शॉर्टकट की संस्कृति छोड़कर ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा अपनाना होगा। स्कूलों में भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास किया जाएगा।


