अफसरों के तबादले से लेकर उनकी निजी ख्वाहिशों का ख्याल रखता था रिशुश्री, SVU ने तैयार की सवालों की लिस्ट

हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
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ईडी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रिशुश्री ने कई अफसरों के परिवार सहित विदेश यात्रा का खर्च उठाया। उनको महंगे गिफ्ट दिए। उनके लिए देश-विदेश में संपत्तियां खरीदी। निजी इच्छाएं पूरी की।

अफसरों के तबादले से लेकर उनकी निजी ख्वाहिशों का ख्याल रखता था रिशुश्री, SVU ने तैयार की सवालों की लिस्ट

सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार मामले में एसवीयू की पूरी जांच ठेकेदार रिशुश्री के बयान पर टिकी है। ऐसे में जांच इकाई अब रिशु श्री को रिमांड पर लेने की तैयारी में कर रही है। इसके लिए सोमवार को न्यायालय में रिमांड की अर्जी दी जा सकती है। न्यायालय को सात से दस दिन के रिमांड का अनुरोध किया जा सकता है। इसके साथ ही रिशुश्री से पूछे जाने वाले सवालों की सूची भी तैयार हो रही है। गौरतलब है कि गुरुवार को गिरफ्तारी के बाद रिशुश्री को बेऊर जेल भेज दिया गया था।

खर्च की गई राशि का मिलान होगा

ईडी की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रिशुश्री ने सरकारी ठेके पाने के एवज में कई सरकारी पदाधिकारी व कर्मियों पर अपनी जबरदस्त कृपा बरसाई थी। ऐसे मेंउपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर इससे संबंधित सवाल पूछे जा सकते हैं। ईडी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रिशुश्री ने कई अफसरों के परिवार सहित विदेश यात्रा का खर्च उठाया। उनको महंगे गिफ्ट दिए। उनके लिए देश-विदेश में संपत्तियां खरीदी। निजी इच्छाएं पूरी की।

ऐसे में उसके निजी, सहयोगियों व कंपनियों के बैंक खाते से हुए खर्च और भुगतान की गयी राशि के लेन-देन का ब्योरे का मिलान कराया जा सकता है। ईडी का आरोप है कि रिशुश्री को टेंडर से पहले ही उससे जुड़े गोपनीय महत्वपूर्ण जानकारी मिल जाती थी। इसके आधार पर वह अपने मनपसंद ठेकेदारों और अधिकारियों कोफायदा पहुंचाता था। सरकारी गोपनीयता भंग करने वाले अधिकारी-कर्मियों की जानकारी मांगी जा सकती है।

रिशुश्री अफसरों के तबादले में था शामिल

ईडी की जांच में पता चला है कि रिशुश्री ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए कई अधिकारी व कर्मियों का तबादला भी कराया। उसने कई कार्य विभागों के जिला स्तरीय कार्यालयों में मनपसंद अफसर तैनात कराये ताकि ठेके बिना किसी अड़चन के पास हो सके। बदले में ऊंचे रसूखदारों को मोटी रकम दी। इस कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय में पिछले साल दानापुर में सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े एक अवर सचिव स्तर के पदाधिकारी के घर भी छापेमारी की थी।

ईडी का सहयोग लेगी एसवीयू

ठेकेदार रिशु श्री के विरुद्ध दर्ज एक साल पुराने मामले में उसकी गिरफ्तारी के बाद अब जांच तेज हो गयी है। चूंकि एसवीयू (विशेष निगरानी इकाई) ने यह कांड मुख्यत: ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की जांच रिपोर्ट पर दर्ज की है। ऐसे में एसवीयू जांच को आगे बढ़ाने में ईडी का सहयोग लेगी। ईडी की रिपोर्ट का मुख्य आधार रिशुश्री और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर हुई छापेमारी में बरामद डिजिटल साक्ष्य हैं।

यह डिजिटल साक्ष्य उसके मोबाइल कॉल रिकॉर्ड (सीडीआर) से लेकर लैपटॉप आदि से बरामद हुए हैं। इसके साथ ही दिल्ली व एनसीआर की ट्रेवल एजेंसियों और बिहार के सरकारी पदाधिकारियों के ठिकानों पर हुई छापेमारी में मिले दस्तावेज भी इस जांच के प्रमुख आधार हैं।

बैंकों के लेन-देन को खंगालने की तैयारी

रिशुश्री पिछले एक दशक से बिहार की ठेकेदारी में सक्रिय था। इसके लिए उसने आधा दर्जन से अधिक कंपनियां अपने व अपने सहयोगियों के नाम पर खड़ी की थी। विशेष निगरानी इकाई की जांच में रिशुश्री के निजी बैंक खातों व उसकी कंपनियों के बैंक खातों को भी खंगालने की कार्रवाई हो सकती है। इस जांच में ठेके में भ्रष्टाचार से जुड़े कई नये चेहरों का खुलासा हो सकता है। यह पता चलेगा कि इसने किन-किन को पैसे दिए।

ईडी ने दस महीने पहले ही की थी प्राथमिकी की अनुशंसा

ईडी ने आईएएस अधिकारी अभिलाषा और योगेश के विरुद्ध प्राथमिकी की अनुशंसा जुलाई 2025 में की थी। रिशु श्री से जुड़े ठिकानों पर छानबीन के दौरान ईडी को सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार और इसमें संजीव हंस के साथ ही अभिलाषा और योगेश सहित कई अफसरों व कर्मियों के संलिप्त होने की जानकारी मिली। इसके आधार पर ईडी ने ईओयू को दस पन्ने की चिट्ठी लिख कर मामले की जानकारी दी। साथ ही केस दर्ज कर कार्रवाई की अनुशंसा की। तब बिहार सरकार ने जांच रिपोर्ट अस्पष्ट बताते हुए इसे वापस कर दिया।

राज्य सरकार के अनुरोध पर ईडी ने नवंबर 2025 में पुन: विस्तृत रिपोर्ट दी। इस रिपोर्ट में आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा और योगेश कुमार सागर के साथ-साथ मुमुक्षु चौधरी, तारिणाी दास, उमेश कुमार सिंह आदि पर लगे आरोपों की विस्तृत जानकारी देते हुए कार्रवाई की पुन: अनुशंसा की गई थी। तारिणी दास और मुमुक्षु चौधरी पर नवंबर 2025 में और उमेश कुमार सिंह पर अप्रैल 2026 में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

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एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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