बिहार में बागी विधायकों को कांग्रेस का नोटिस; मनोज का दावा- राजेश राम ने वोटिंग में स्वतंत्र कर दिया था
बिहार कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से गायब रहे 3 विधायकों को नोटिस भेजकर 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। कांग्रेस के 3 और आरजेडी के एक विधायक ने वोटिंग से दूरी बनाई थी, जिससे आरजेडी प्रत्याशी एडी सिंह को हार का सामना करना पड़ा।
बिहार में राज्यसभा चुनाव के मतदान से दूरी बनाकर बागी हुए कांग्रेस के तीन विधायकों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव ने तीनों विधायकों को नोटिस जारी कर दिया है। उनसे 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है। कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास, मनोहर प्रसाद और सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा के वोट नहीं देने से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी एडी सिंह को हार का सामना करना पड़ा था। आरजेडी विधायक फैसल रहमान भी सोमवार को वोट डालने नहीं पहुंचे थे।
बिहार कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव ने बुधवार को कहा कि मतदान के दौरान इन विधायकों से मोबाइल फोन के माध्यम से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया था। उन्होंने पहले तो कॉल नहीं उठाया, फिर बाद में उनके फोन स्विच ऑफ हो गए थे। बताया जा रहा है कि विधायकों द्वारा अगर राज्यसभा चुनाव के मतदान में शामिल नहीं होने की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
मनोज बोले- राजेश राम ने कहा था वोटिंग में स्वतंत्र हैं विधायक
राज्यसभा चुनाव के मतदान में शामिल नहीं होने वाले फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम पर ही ठीकरा फोड़ दिया था। उन्होंने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि राजेश राम के निर्देश पर ही वे वोट करने नहीं पहुंचे। विश्वास ने दावा किया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मतदान से पूर्व हुई बैठक में विधायकों से कहा था कि वोट देने के फैसले पर वे स्वतंत्र हैं। तेजस्वी यादव ने कांग्रेस से बिना चर्चा किए एडी सिंह को उतार दिया, इसलिए उन्हें वोट नहीं दिया।
राजेश राम बोले- कार्रवाई होगी
हालांकि, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने बागी विधायकों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि मतदान से गायब रहने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद ऐक्शन करने की बात कही थी।
4 विधायकों के वोट नहीं मिलने से हारे एडी सिंह
राज्यसभा चुनाव में तेजस्वी की पार्टी आरजेडी ने सांसद एडी सिंह को मैदान में उतारा था। उन्हें जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट की जरूरत थी। महागठबंधन के पास 35 विधायक थे। तेजस्वी ने AIMIM के 5 और बसपा के 1 विधायक को भी अपने साथ ले लिया था। इस तरह 41 का आंकड़ा पूरा हो गया था। सोमवार को जब वोटिंग हुई तो 37 विधायकों ने एडी सिंह को वोट दे दिया, लेकिन कांग्रेस के तीन और आरजेडी के 1 विधायक का वोट नहीं मिला तो भाजपा प्रत्याशी शिवेश राम जीत गए।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


