नीतीश को गद्दी से उतारने की सम्राट को बधाई; इलेक्टेड और सेलेक्टेड से शुरू हो गया तेजस्वी का तंज

Jayendra Pandey लाइव हिन्दुस्तान, पटना
share

तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी, लेकिन साथ ही तंज कसा कि उन्होंने नीतीश कुमार को हटाने की अपनी प्रतिज्ञा पूरी कर ली। तेजस्वी ने बिहार की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि 21 साल के एनडीए शासन के बाद भी बिहार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और नीति…

नीतीश को गद्दी से उतारने की सम्राट को बधाई; इलेक्टेड और सेलेक्टेड से शुरू हो गया तेजस्वी का तंज

Bihar New Government News: बिहार में नेतृत्व परिवर्तन और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बुधवार को एक औपचारिक बयान जारी कर नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई दी, लेकिन इस बधाई संदेश में तंज और तीखे सवालों की भरमार रही। तेजस्वी ने सम्राट चौधरी को उनके द्वारा ली गई उस पुरानी प्रतिज्ञा की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार को गद्दी से उतारने की बात कही थी।

"प्रतिज्ञा पूर्ण करने पर बधाई"

तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कटाक्ष करते हुए कहा कि सम्राट चौधरी जी को अंततः नीतीश कुमार को गद्दी से उतारने की अपनी प्रतिज्ञा पूर्ण करने पर बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने सम्राट चौधरी को जनता द्वारा नहीं, बल्कि परिस्थितियों द्वारा "चयनित" मुख्यमंत्री बताते हुए उनके नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। तेजस्वी का यह बयान उस समय आया है जब बिहार में भाजपा पहली बार अपने किसी नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाने में सफल रही है।

जमीनी हकीकत को लेकर दागे सवाल

बधाई देने के साथ ही तेजस्वी यादव ने बिहार की जमीनी हकीकत का हवाला देते हुए नई सरकार को आइना दिखाया। उन्होंने कहा, "आशा है कि नए माननीय मुख्यमंत्री जी इस कड़वे, अप्रिय एवं कठोर तथ्य से पूर्ण रूप से अवगत होंगे कि 21 वर्षों के एनडीए शासन के बावजूद बिहार विकास के लगभग सभी मानकों पर देश के अन्य राज्यों से काफी पीछे है।" तेजस्वी ने आरोप लगाया कि नीति आयोग के मानकों और सतत विकास के सूचकांकों (SDG) में बिहार आज भी राष्ट्रीय औसत से बहुत नीचे है।

बिहार की बदहाली पर उठाए गंभीर सवाल

तेजस्वी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था और ध्वस्त हो चुकी विधि-व्यवस्था आज बिहार की पहचान बन गई है। उन्होंने नए मुख्यमंत्री से सवाल किया कि आखिर कब बिहार में आय और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे? नौकरी और रोजगार के लिए युवाओं का पलायन कब रुकेगा? और गरीबी और पलायन जैसे अभिशाप से राज्य को कब मुक्ति मिलेगी? उन्होंने उम्मीद जताई कि नए मुख्यमंत्री केवल उत्सव मनाने के बजाय इन गंभीर समस्याओं के समाधान पर ध्यान देंगे।

Jayendra Pandey

लेखक के बारे में

Jayendra Pandey
अदम गोंडवी के शहर गोण्डा से ताल्लुक रखने वाले जयेंद्र पाण्डेय मेनस्ट्रीम मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे एक ऊर्जावान युवा पत्रकार हैं। वर्तमान में ’हिन्दुस्तान’ (Hindustan Times Group) के साथ जुड़कर जनसरोकार की खबरों को कवर कर रहे जयेंद्र ने नोएडा के प्रतिष्ठित संस्थान जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की बारीकियां सीखीं और अपने करियर का आगाज ‘जी न्यूज’ की नेशनल टीम में इंटर्नशिप से किया। इसके बाद उन्होंने ’दैनिक भास्कर’ में बतौर ट्रेनी फीचर और स्पेशल स्टोरीज पर काम करते हुए कंटेंट की बारीकियों को समझा। अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग में अपना लोहा मनवाया, जिसमें नोएडा ट्विन टावर डिमोलिशन से लेकर बृजभूषण शरण सिंह बनाम पहलवानों के धरने तक कई हाई-प्रोफाइल इवेंट्स की ग्राउंड रिपोर्टिंग और अन्य कई स्पेशल स्टोरीज शामिल हैं। मीडिया के साथ-साथ जयेंद्र का रुझान पॉलिटिकल कंसल्टेंसी की ओर भी है। वे चुनावी समीकरणों और रणनीतिक प्रबंधन की अच्छी समझ रखते हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।