माफी हुजूर, थोड़ी सी पी ली है... बिहार में शराब पीकर गवाही देने कोर्ट पहुंच गया आदमी
शराब पीकर गवाही देने पहुंचे सूचक की कोर्ट के आदेश पर बिरौल पुलिस ने ब्रेथ एनालाइजर से जांच की। 16 मिलीलीटर शराब पीने की पुष्टि हुई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

Bihar Liquor Ban: बिहार के दरभंगा कोर्ट में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक गवाह शराब के नशे में गवाही देने पहुंच गया। आरोपी व्यवहार न्यायालय स्थित जिला व अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में दायर परिवाद का सूचक है। कोर्ट के आदेश पर बिरौल पुलिस ने जब ब्रेथ एनालाइजर से जांच की तो 16 मिलीलीटर शराब पीने की पुष्टि हुई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, आरोपी माफी मांगने लगा। कहने लगा कि थोड़ी-सी पी है।
दरभंगा कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सूचक बैजनाथ राय की गवाही हो रही थी। बचाव पक्ष के वकील उससे सवाल पूछ रहे थे। तभी मुदालह के अधिवक्ता रामचन्द्र यादव ने कोर्ट में आवेदन देकर आरोप लगाया कि गवाह दारू पीकर गवाही दे रहा है। अधिवक्ता ने जांच कराने की मांग की। आवेदन पर संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने बिरौल पुलिस को तत्काल जांच का आदेश दिया। थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने आदेश मिलते ही गवाह की ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच कराई। जांच में बैजनाथ राय के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने उसे उसी समय हिरासत में ले लिया।
दिन भर होती रही चर्चा
थानाध्यक्ष ने बताया आरोपी बैद्यनाथ राय हांसी गांव का रहने वाला है। उसके विरुद्ध जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। रिपोर्ट न्यायालय में समर्पित कर आरोपी गवाह के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बैजनाथ राय को हिरासत में लेकर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इधर, न्यायालय परिसर में नशे में गवाही देने की घटना से वकीलों और लोगों में दिनभर चर्चा होती रही। कोर्ट में गवाह के नशे में मिलने का यह मामला इलाके में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
शराब के नशे में हंगामा करते धराया
इधर, बहेड़ी पुलिस ने थाना क्षेत्र के हरहच्चा गांव से शराब के नशे में हंगामा कर रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गंगेश सिंह के रूप में हुई है। थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता ने बताया कि गंगेश सिंह के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शुक्रवार को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बताते चलें की साल 2016 में तत्काली मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में पूर्ण शराबंदी कानून लागू किया था। राज्य में शराब के साथ किसी भी प्रकार का व्यवहार गैर कानूनी कार्य की श्रेणी में आता है। शराबबंदी कानून के तहत राज्य में लाखों लोग जेल जा चुके हैं।
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लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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