चालाकी में चली गई सीओ साहब की नौकरी; बर्खास्तगी पर क्या बोले भू राजस्व मंत्री विजय सिन्हा?

Feb 22, 2026 09:11 am ISTSudhir Kumar पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरो
share

उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार की नीति स्पष्ट है। सरकारी सेवा में किसी भी प्रकार की जालसाजी, कूटरचना या फर्जी प्रमाण पत्र के लिए शून्य सहनशीलता अपनाई जाएगी। नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा।

चालाकी में चली गई सीओ साहब की नौकरी; बर्खास्तगी पर क्या बोले भू राजस्व मंत्री विजय सिन्हा?

बिहार सरकार ने जाली और कूटरचित शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त करने के मामले में सुपौल सदर के पूर्व अंचलाधिकारी प्रिंस राज को सेवा से विमुक्त (बर्खास्त) कर दिया है। शुक्रवार को राज्य मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उनकी सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया।

उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार की नीति स्पष्ट है। सरकारी सेवा में किसी भी प्रकार की जालसाजी, कूटरचना या फर्जी प्रमाण पत्र के लिए शून्य सहनशीलता अपनाई जाएगी। नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा, जो भी व्यक्ति धोखाधड़ी कर सेवा में आया है, उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि गलत लोगों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो खुद जाली करके नौकरी लेंगे वे कभी जनता को इमानदार सेवा नहीं दे सकते। ऐसे लोगों का प्रशासन में कहीं कोई स्थान नहीं है जिनसे सरकार की बदनामी होती है।

विभागीय अभिलेखों के अनुसार, प्रिंस राज पिता रघुनंदन साह, ग्राम झिक्की, पोस्ट हिसार, जिला मधुबनी ने बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित 60-62वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में चयन के दौरान वर्ष 2006 की माध्यमिक परीक्षा का अंकपत्र एवं प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया था। उन्होंने यह परीक्षा एसटीएसवाई हाई स्कूल, मनमोहन (मधुबनी) से पास की थी। इससे पहले वर्ष 2004 में वे धर्मेंद्र कुमार के नाम से हाईस्कूल, खिड़हर (मधुबनी) से मैट्रिक की परीक्षा पास किये थे।

जांच में पता चला कि 2006 में पासिंग का जो प प्रमाण-पत्र उन्होंने उपयोग में लाया था उसे जाली तरीके से प्राप्त किया गया था। जांच होने पर पूरी बात उजागर हो गई। मामले की जांच के क्रम में विशेष निगरानी इकाई द्वारा दर्ज कांड संख्या 04/2025 में यह तथ्य सामने आया कि उन्होंने दो अलग-अलग नाम और जन्मतिथि से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की थी। आरोप है कि इसी दस्तावेज का उपयोग आयु और शैक्षणिक अर्हता सिद्ध करने के लिए किया गया।

जांच प्रकरण में निर्णायक स्थिति तब बनी जब बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना ने वर्ष 2006 की माध्यमिक परीक्षा के अंकपत्र और प्रमाण-पत्र को जालसाजी पाते हुए 1 अगस्त 2025 को रद्द कर दिया। इसके बाद विभाग ने बिहार लोक सेवा आयोग से मंतव्य प्राप्त किया, जिसमें आयोग ने निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करते हुए चयनमुक्त करने के मामले में विभाग को स्वतंत्र बताया। प्रिंस राज का पहला पदस्थापन राजस्व अधिकारी के रूप में चनपटिया (पश्चिम चंपारण) में हुआ था। उनसे दिए गए वेतन की रिकवरी की मांग की जा रही है।

Sudhir Kumar

लेखक के बारे में

Sudhir Kumar

टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।