सीएम बनते ही एक बात में सम्राट चौधरी की कर्पूरी ठाकुर से बराबरी, 56 साल का वहम टूटेगा

Apr 15, 2026 08:51 am ISTRitesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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Samrat Choudhary News: बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज शपथ लेते ही 56 साल पुरानी एक अपशकुनी वहम तोड़ देंगे कि जो डिप्टी सीएम बना, वो सीएम नहीं बनता। वो कर्पूरी ठाकुर के बाद सीएम बनने वाले दूसरे डिप्टी होंगे।

सीएम बनते ही एक बात में सम्राट चौधरी की कर्पूरी ठाकुर से बराबरी, 56 साल का वहम टूटेगा

Samrat Choudhary News: बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी राज्य में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पहले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट को लगातार तीसरी बार नेता चुना गया है। सम्राट के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार आज 15 अप्रैल को शपथ ले रही है। उनके साथ आज जेडीयू से दो डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी ही शपथ लेंगे। सम्राट कैबिनेट का विस्तार आगे जब होगा, तब भाजपा, जदयू, लोजपा-आर, हम एवं रालोमो के नेताओं को मंत्री बनाया जाएगा।

सम्राट चौधरी आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही 56 साल पुरानी एक अपशकुनी वहम तोड़ देंगे, जो यह धारणा बनाता था कि जो डिप्टी सीएम बन जाता है, वो कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाता। सम्राट इसी के साथ एक बात में समाजवादी नेता भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की भी बराबरी कर लेंगे, क्योंकि कर्पूरी ठाकुर वह आखिरी डिप्टी सीएम हैं, जिन्हें 56 साल पहले पहली बार मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला था। सम्राट चौधरी कर्पूरी ठाकुर के बाद सीएम बनने वाले दूसरे डिप्टी सीएम होंगे।

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बिहार में कर्पूरी ठाकुर के बाद 56 साल से कोई उप-मुख्यमंत्री कभी मुख्यमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंच पाया। कर्पूरी ठाकुर 1967 में पहली बार सोशलिस्ट पार्टी की महामाया प्रसाद सिन्हा सरकार में डिप्टी सीएम बने थे। लगभग एक साल तक वह उप-मुख्यमंत्री पद पर रहे। 1970 में कर्पूरी ठाकुर पहली बार सीएम बने और सरकार लगभग छह महीने चली। इमरजेंसी के बाद हुए चुनाव में जनता पार्टी की सरकार बनी तो कर्पूरी 1977 में दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। इस बार कर्पूरी की सरकार 2 साल से कुछ कम समय तक चली।

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बिहार को आजादी के बाद से अब तक 10 डिप्टी सीएम मिले हैं। कर्पूरी ठाकुर से पहले कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिन्हा 11 साल डिप्टी सीएम रहे, लेकिन सीएम ना बन सके। कर्पूरी ठाकुर के बाद जगदेव प्रसाद, राम जयपाल सिंह यादव, सुशील मोदी, तेजस्वी यादव, तार किशोर प्रसाद, रेणु देवी, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा डिप्टी सीएम बने। कर्पूरी 1970 में पहली बार सीएम बने थे। उनके बाद बना कोई डिप्टी सीएम अब तक सीएम नहीं बन पा रहा था। 56 साल बाद सम्राट चौधरी ने उस रिकॉर्ड और उस मान्यता को ध्वस्त कर दिया है।

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बिहार में भाजपा के संस्थापक नेताओं में रहे सुशील मोदी कई बार नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम बने, लेकिन कभी सीएम नहीं बन पाए। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव भी दो बार डिप्टी सीएम बने, लेकिन मुख्यमंत्री नहीं बन पा रहे हैं। सम्राट चौधरी दो बार डिप्टी सीएम बनने के बाद प्रमोशन की लंबी छलांग मारकर सीएम बनने जा रहे हैं।

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सम्राट चौधरी अब तक तीन बार भाजपा विधायक दल का नेता चुने गए हैं। पहली दो बार वो डिप्टी सीएम बने। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भाजपा को सरकार का नेतृत्व करना है, इसलिए अब बीजेपी विधायक दल का नेता ही एनडीए का नेता और मुख्यमंत्री होगा। बिहार में भाजपा के नेतृत्व में यह पहली एनडीए सरकार होगी।

Ritesh Verma

लेखक के बारे में

Ritesh Verma
रीतेश वर्मा पत्रकारिता में 25 साल से अलग-अलग भूमिका में अखबार, टीवी और डिजिटल में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ बिहार में 5 साल तक जिला स्तर की प्रशासनिक और क्राइम रिपोर्टिंग करने के बाद रीतेश ने आईआईएमसी, दिल्ली में दाखिला लेकर पत्रकारिता की पढ़ाई की। एक साल के अध्ययन ब्रेक के बाद रीतेश ने विराट वैभव से दोबारा काम शुरू किया। फिर दैनिक भास्कर में देश-विदेश का पेज देखा। आज समाज में पहले पन्ने पर काम किया। बीबीसी हिन्दी के साथ आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े। अखबारों के बाद रीतेश ने स्टार न्यूज के जरिए टीवी मीडिया में कदम रखा। रीतेश ने टीवी चैनलों में रिसर्च डेस्क पर लंबे समय तक काम किया है और देश-दुनिया के विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सहयोगियों को आगे इस्तेमाल के लिए मुहैया कराई है। सहारा समय और इंडिया न्यूज में भी रीतेश रिसर्च का काम करते रहे। इंडिया न्यूज की पारी के दौरान वो रिसर्च के साथ-साथ चैनल की वेब टीम के हेड बने और इनखबर न्यूज पोर्टल को बतौर संपादक शुरू किया। लाइव हिन्दुस्तान के साथ एडिटर- न्यू इनिशिएटिव के तौर पर पिछले 6 साल से जुड़े रीतेश फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार की खबरों और दोनों राज्यों की टीम को देखते हैं। और पढ़ें
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