
साइबर अपराध पर नकेल कसने की बनी रणनीति, सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम का अफसरों संग मंथन
राज्य में पुलिसिंग को जनोन्मुखी बनाने और भविष्य की चुनौतियों का मुकाबला करने के उद्देश्य से सोमवार को सरदार पटेल भवन स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय सभागार में दो दिवसीय राज्यस्तरीय पुलिस कांफ्रेंस की शुरुआत हुई।
बिहार पुलिस साइबर अपराधियों पर नकेल कसेगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय में दो दिवसीय मंथन सोमवार को शुरू हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई का विधिवत शुभारंभ किया। इसके अलावा मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो इकाई की शुरुआत भी मुख्यमंत्री ने की। राज्य में पुलिसिंग को जनोन्मुखी बनाने और भविष्य की चुनौतियों का मुकाबला करने के उद्देश्य से सोमवार को सरदार पटेल भवन स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय सभागार में दो दिवसीय राज्यस्तरीय पुलिस कांफ्रेंस की शुरुआत हुई।
इस कांफ्रेंस का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। समारोह में उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कांफ्रेंस के पहले दिन राज्य में साइबर अपराध के बढ़ते प्रभाव और मादक पदार्थों की आपूर्ति शृंखला पर नकेल कसने को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
पुलिस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार चौधरी, डीजीपी विनय कुमार के साथ ही मुख्यालय की सभी इकाइयों के एडीजी, रेंज आईजी, डीआईजी, सीनियर एसपी व एसपी मौजूद रहे। वहीं, क्षेत्रीय व जिला कार्यालयों में पदस्थापित डीएसपी एवं तमाम अंचल पुलिस निरीक्षक भी वेबकास्टिंग की मदद से इस कार्यक्रम से जुड़े।
भविष्य की चुनौतियों पर मंथन
डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि नवंबर 2025 में रायपुर में हुए सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक में आये सुझावों को जिला व थाना स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से यह कांफ्रेंस हुई है। साइबर, ड्रग्स, आतंकवाद व कट्टरता जैसे विषय भविष्य में पुलिसिंग को लेकर बड़ी चुनौती होगी। कांफ्रेंस में शामिल सभी आईजी, डीआईजी, एसपी अपने-अपने क्षेत्र में जाकर उसे जमीन पर उतारने का काम करेंगे।





