बिहार में विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मियों का बकाया वेतन देने का आदेश, कब तक मिलेगा
बिहार में अपने बकाये वेतन का इंतजार कर रहे विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। राज्यपाल सचिवालय ने इन सभी के बकाये वेतन के भुगतान का आदेश जारी कर दिया है।

बिहार के सभी विश्वविद्यालयों से संंबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। इन शिक्षकों और कर्मचारियों को अब जल्द ही उनका बकाया वेतन मिल सकेगा। दरअसल लोक भवन ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिया है कि विवि और कॉलेज के शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों और 30 जून, 2026 तक सेवानिवृत्त हुए शिक्षक-कर्मियों का वेतन, बकाया वेतन और सेवानिवृत्ति का लाभ 20 जुलाई तक भुगतान करें। इसकी रिपोर्ट 24 जुलाई तक राज्यपाल सचिवालय को उपलब्ध कराएं।
लोक भवन ने कुलपतियों को कहा है कि शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के चालू एवं बकाया वेतन व सेवानिवृत्ति का लाभ मिशन मोड में करें। लोक भवन ने इसके लिए नाराजगी भी जतायी है कि आवंटन उपलब्ध रहने के बावजूद वेतन, बकाया वेतन व सेवानिवृत्ति लाभ की स्वीकृति एवं भुगतान में अनावश्यक विलंब हो रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए इन मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
लोक भवन को विभिन्न स्रोतों से लगातार इसकी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। विवि प्रशासन की जानकारी से बाहर रह गए मामलों के निस्तारण के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय मुख्यालय में 27 एवं 28 जुलाई को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां कुलसचिव, वित्तीय सलाहकार एवं वित्तीय पदाधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर सभी शिकायतों का पंजीकरण कर उनका समयबद्ध निष्पादन करेंगे। शिविरों में प्राप्त सभी शिकायतों का विशेष अभियान चलाकर 14 अगस्त तक निष्पादन किया जाएगा व इसकी रिपोर्ट 21 अगस्त तक राज्यपाल सचिवालय को उपलब्ध कराया जाएगा।
जिन मामलों में भुगतान संभव नहीं हो सकेगा, उनके कारणों का स्पष्ट व विस्तृत उल्लेख करना अनिवार्य होगा। शिविर में उच्च शिक्षा विभाग के एक प्रतिनिधि भी रहेंगे, जो संबंधित विवि को वेतन, बकाया वेतन एवं सेवानिवृत्ति लाभ को उपलब्ध कराए गए आवंटनों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
अंक पत्रक उपलब्ध नहीं कराने वाले विभागों की कुलपति से होगी शिकायत
भागलपुर जिले में टीएमबीयू में स्नातक सेमेस्टर-4 का अंक पत्रक बार-बार परीक्षा विभाग के रिमाइंडर के बाद भी चार पीजी विभाग नहीं भेज रहे हैं। उन विभाग के हेडों को चेतावनी दी गई है। इसमें पीजी संस्कृत विभाग, पीजी ग्रामीण अर्थशास्त्र विभाग, पीजी संगीत विभाग और पीजी आईआरपीएम विभाग शामिल हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. विनोद कुमार ओझा ने हेड को दिए पत्र में कहा है कि यह विवि आदेश का उल्लंघन है। समय से अंक पत्रक उपलब्ध नहीं कराने पर उनकी शिकायत के लिए कुलपति से की जाएगी।
इधर टीएमबीयू में वर्षों बाद शिक्षकेतर कर्मियों को प्रोन्नति मिलेगी। कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा के निर्देश पर सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जो प्रोन्नति की प्रक्रिया को लेकर रणनीति तैयार कर रहे हैं। शिक्षकेतर कर्मियों द्वारा कुलसचिव कार्यालय में आवेदन हर दिन जमा किया जा रहा है। आवेदन के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। इसके बाद स्क्रूटनी आदि की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


