
छुड़छुड़ी ने भीड़ को उकसा पटना में करवाई दो शूटरों की हत्या, मर्डर कर भाग रहे अपराधियों को खदेड़ कर पकड़ा था
डीएसपी-टू,पटना सदर, रंजन कुमार ने कहा कि कानून हाथ में लेकर भीड़ ने दो शूटरों की हत्या की थी। सीसीटीवी में कैद भीड़ में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है। शूटरों को पीटकर मारने में पांच लोगों की अहम भूमिका सामने आई है।
गोपालपुर के भोगीपुर में दो शूटरों विजय कुमार और प्रवीण कुमार की पीट-पीटकर हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार की रात जमीन कारोबारी अशरफी लाल सिंह के पुत्र रविंद्र कुमार उर्फ छुड़छुड़ी गोप को गिरफ्तार कर लिया। शूटरों की हत्या में पांच लोगों की भूमिका विशेष रूप से सामने आई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जमीन कारोबारी अशरफी लाल की हत्या के बाद उनके पुत्र रविंद्र कुमार ने शोर मचाया व आसपास के लोगों के साथ बाइक से शूटरों को खदेड़ भोगीपुर में पकड़ लिया था। यहां भीड़ ने शूटर विजय कुमार (इंद्रपुरी पथ, सरिस्ताबाद, गर्दनीबाग) व प्रवीण कुमार उर्फ रोहन (कुम्हार टोली, चिरैयाटांड़, कंकड़बाग) को बेरहमी से पीटने लगे। रविंद्र ने दोनों को मार डालने के लिए उकसाया था।
डीएसपी-टू,पटना सदर, रंजन कुमार ने कहा कि कानून हाथ में लेकर भीड़ ने दो शूटरों की हत्या की थी। सीसीटीवी में कैद भीड़ में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है। शूटरों को पीटकर मारने में पांच लोगों की अहम भूमिका सामने आई है। हालांकि घटना में जो-जो शामिल थे उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
लोगों से पूछताछ और जांच के बाद पकड़ा
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी का डीवीआर जब्त कर लिया था। डीवीआर की जांच, स्थानीय लोगों से पूछताछ और गुप्त सूचना पर पुलिस ने रविंद्र उर्फ छुड़छुड़ी गोप को मुख्य अभियुक्त मानते हुए गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया।
SIT करेगी जांच
गोपालपुर थाने के डोमनचक में जमीन कारोबारी अशरफी लाल की हत्या मामले में पुलिस ने एसआईटी गठित की है। एसआईटी कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें पता चला है कि अशरफी का 14 भूखंडों को लेकर दूसरे लोगों से विवाद चल रहा था।
दोनों शूटरों के मोबाइल फोन पुलिस ने परिवार वालों से मांगे थे, लेकिन उपलब्ध नहीं कराए गए। हालांकि, परिवार वालों ने मोबाइल नंबर पुलिस को दिये हैं। इन्हीं नंबरों के आधार पर पुलिस एक माह पूर्व तक के सीडीआर खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अशरफी लाल की हत्या में दो शूटरों के साथ रेकी करने वाला भी शामिल था। पुलिस ने उन सभी इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की है, जहां से अशरफी लाल के घर आने-जाने का रास्ता था।
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि अशरफी लाल रोजाना अपने घर के बाहर पक्की सड़क के किनारे साढ़े तीन बजे से शाम सात बजे तक बैठता था। इसी जानकारी के आधार पर वारदात को अंजाम दिया गया है।





