मुजफ्फरपुर-छपरा नई रेललाइन अधर में लटकी, प्रोजक्ट अधूरा छोड़ हटी एजेंसी

हिन्दुस्तान, सोमनाथ सत्योम, मुजफ्फरपुर
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मुजफ्फरपुर-छपरा नई रेललाइन का काम अब अधर में लटक गया है। दरअसल इस रेललाइन के निर्माण में जुटी एजेंसी ने अब काम आगे बढ़ाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2020 से लेकर 2024 तक निर्माण एजेंसी को एक्सटेंशन पर एक्सटेंशन दिया गया, लेकिन काम शुरू होने के आठ साल बाद भी प्रोजेक्ट महज 15% ही पूरा हो पाया है।

muzaffarpur chhapra rail line

बिहार में मुजफ्फरपुर-छपरा नई रेललाइन (Chhapra Muzaffarpur New Rail Line) का काम अधर में लटक गया है। निर्माण एजेंसी ने सिर्फ 15 फीसदी काम पूरा कर इस चर्चित प्रोजेक्ट को बंद करने के लिए क्लोजर मांग लिया है। इसकी वजह नौ साल में भी पूर्व मध्य रेलवे की ओर से डीपीआर नहीं सौंपा जाना बताया जा रहा है। इस रेलखंड पर गंडक नदी पर रेवा पुल से लेकर मुजफ्फरपुर तक माइनर ब्रिज, रोड अंडरब्रिज और एप्रोच रोड का निर्माण होना था। निर्माण एजेंसी को 2017 में काम मिला था। रेललाइन के निर्माण का काम साल 2018 में शुरू हुआ था। इसको लेकर हुए अनुबंध के अनुसार साल 2020 तक इस प्रोजेक्ट पूरा किया जाना था। लेकिन काम पूरा नहीं हो सका और अब इस अहम रेललाइन के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगता दिख रहा है।

पूर्व मध्य रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के सीएवी के सचिव मिंटू कुमार की रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है। पूर्व मध्य रेलवे नौ साल में निर्माण एजेंसी को नए रेलखंड की डीपीआर नहीं सौंप सका। डीपीआर नहीं मिलने से आगे का काम संभव नहीं हो पाया। बताया जा रहा है कि इससे नाराज होकर निर्माण एजेंसी ने काम छोड़ने का ऐलान अब कर दिया है। इधर रेलवे ने भी मामले में निर्माण एजेंसी को मेमोरेंडम दिया है। साथ ही यह भी बताया है कि फिलहाल जितना काम किया गया है, उसकी बिलिंग की प्रक्रिया की जा रही है।

2020 से 2024 तक एजेंसी को कई बार मिला एक्सटेंशन

नई रेल लाइन से मुजफ्फरपुर और छपरा के बीच दूरी कम हो जाती। एक बड़ी हैरानी की बात यह भी है कि वर्ष 2020 से लेकर 2024 तक निर्माण एजेंसी को एक्सटेंशन पर एक्सटेंशन दिया गया, लेकिन काम शुरू होने के आठ साल बाद भी प्रोजेक्ट महज 15% ही पूरा हो पाया है। यानी 8 साल में महज 15 फीसदी ही काम हुआ। अब इस अहम रेललाइन के निर्माण का काम कर रहे ठेकेदार के क्लोजर मांगने से इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना का भविष्य संकट में पड़ गया है।

सप्तक्रांति एक्सप्रेस साढ़े 10 घंटे देर से आई

इधर मुजफ्फरपुर जंक्शन से गुजरने वाली कई ट्रेनें शनिवार को काफी विलंब रहीं। इसमें सबसे अधिक 12558 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर सप्तक्रांति एक्सप्रेस 10.27 घंटे की देरी से जंक्शन पहुंची। इसके अलावा, 15706 चंपारण हमसफर एक्सप्रेस 4.07 घंटे, 04652 अमृतसर-जयनगर स्पेशल 6.02 घंटे लेट रही। वहीं, 15566 वैशाली 2.01 घंटे, 13022 मिथिला 2.05 घंटे लेट आई। ट्रेन की लेटलतीफी से याात्री काफी परेशान नजर आए।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

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एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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