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राजेन्द्र कॉलेज में मनाया गया विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस

वार को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य प्रो. सुशील कुमार श्रीवास्तव ने की। उन्होंने कहा कि आज के दिवस की सार्थकता इस बात में हैं कि माहवारी से...

राजेन्द्र कॉलेज में मनाया गया विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस
हिन्दुस्तान टीम,छपराTue, 28 May 2024 09:45 PM
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माहवारी से जुड़ी मिथ्या धारणाओं से जागरूक करने की जरूरत
फ़ोटो 16 विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर राजेंद्र कॉलेज में जुटी छात्राएं

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छपरा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सेहत केंद्र, राजेंद्र कॉलेज के तत्वावधान में मंगलवार को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य प्रो. सुशील कुमार श्रीवास्तव ने की। उन्होंने कहा कि आज के दिवस की सार्थकता इस बात में हैं कि माहवारी से जुड़ी मिथ्या धारणाओं से आज की युवतियों को जागरूक करने व उनकी जरूरतों पर खुल कर चर्चा करने में हैं। मंच संचालन करते हुए सेहत केंद्र की नोडल पदाधिकारी डॉ जया कुमारी पांडेय ने कहा कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिससे हर महिला को हर महीने गुजरना पड़ता है। यह महिलाओं के लिए एक नितांत आवश्यक मानी जाने वाली प्रक्रिया है, हालांकि इस दौरान उन्हें कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है। इस दौरान साफ सफाई का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, अन्यथा कई तरह की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के अनुसार लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं माहवारी के दिनों में कपड़े से काम चलाती हैं, जिसे स्वच्छ और सुरक्षित नहीं माना गया है, इस अज्ञानता से स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं और यहां तक कि सर्वाइकल कैंसर, प्रजनन मार्ग में संकमण, सहित कई अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इसके लिए हम सभी को सम्मिलित प्रयास द्वारा अपने आस पास की महिलाओं को जागरूक करना होगा।मुख्य वक्ता डॉ रश्मि ने विस्तार से माहवारी के दौरान क्या क्या विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए, जैसे कि संतुलित आहार, साफ सफाई, योग एवम व्यायाम पर प्रकाश डाला। साथ ही युवतियों को प्राकृतिक रूप से जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जिससे उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अच्छा हो और वे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर कर सके। इस कार्यक्रम में सम्मिलित छात्राओं ने अपने माहवारी से संबंधित व्यक्तिगत प्रश्न पूछे, जिसका प्रो. पूनम व डॉ. रश्मि ने जवाब दिया। साथ ही अंत में प्रो. पूनम ने कहा कि माहवारी के दौरान स्वच्छता एक महत्वपूर्ण कार्यक्षेत्र हैं, जिसके माध्यम से वंचित महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारा जा सकता है। इसके लिए सरकारी प्रयासों के साथ ही हम सभी को अपने आस पास की महिलाओं को सजग बनाना होगा। जिससे समावेशी समाज की संकल्पना साकार हो।

शैक्षणिक गतिविधि मे एसीएस के अनावश्यक हस्तक्षेप पर सीएम को भेजा पत्र

छपरा, हिंदुस्तान प्रतिनिधि। शिक्षक नेता आनन्द पुष्कर ने महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधि में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के अनावश्यक हस्तक्षेप को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। पत्र में शिक्षक नेता ने कहा है कि कई महीनों से विश्वविद्यालय के कार्यकलाप में शिक्षा विभाग का अनावश्यक हस्तक्षेप बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है । शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालयो में संवादहीनता बढ़ रही है। शिक्षा विभाग के द्वारा विश्वविद्यालय के खाता संचालन पर लगाई गई रोक से कर्मियों के वेतन एवं सेवा निवृत कर्मियों के पेंशन के लाले पड़ गए । पटना उच्च न्यायालय ने भी विश्वविद्यालय के क्रियाकलापों में अनावश्यक हस्तक्षेप पर नाराजगी प्रकट की है।

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