पति की लंबी उम्र की कामना संग वट सावित्री पूजा में उमड़ा आस्था का सैलाब, मांझी के रामघाट पर दिनभर

Jitendra Kumar Pandey हिन्दुस्तान, छपरा
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वट सावित्री पूजा के पर्व पर दाउदपुर के रामघाट पर बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाएं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं। उन्होंने बरगद के वृक्ष की विधि-विधान से पूजा कर पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना की। दिनभर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।

 पति की लंबी उम्र की कामना संग वट सावित्री पूजा में उमड़ा आस्था का सैलाब, मांझी के रामघाट पर दिनभर

पति की लंबी उम्र की कामना संग वट सावित्री पूजा में उमड़ा आस्था का सैलाब, मांझी के रामघाट पर दिनभर गूंजते रहे भक्ति गीत दाउदपुर (मांझी)। सुहाग और अखंड सौभाग्य के पर्व वट सावित्री व्रत पर शनिवार को मांझी का प्रसिद्ध रामघाट आस्था और श्रद्धा से सराबोर नजर आया।

महिलाओं की पूजा-अर्चना

सुबह से ही बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाएं पूजा-अर्चना के लिए रामघाट पहुंचने लगीं। किसी ने पवित्र सरयू नदी में स्नान कर पूजा की शुरुआत की तो कई महिलाएं सोलह श्रृंगार कर सीधे घाट पहुंचीं। पूरे रामघाट परिसर में पूजा की थालियों, फल-फूल, दीप और भक्ति गीतों के बीच धार्मिक माहौल बना रहा। महिलाओं ने बरगद के वृक्ष की विधि-विधान से पूजा कर पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। व्रती महिलाओं ने बरगद के पेड़ में मौली धागा बांधकर परिक्रमा की तथा सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी। पूजा-पाठ और परिक्रमा का सिलसिला देर दोपहर तक चलता रहा। भारी भीड़ के कारण रामघाट का नजारा मेले जैसा दिखा।

महिलाओं की श्रद्धा और भक्ति

रीना देवी, पूनम देवी, सुनीता देवी, ममता देवी, आशा देवी और किरण देवी समेत बड़ी संख्या में महिलाओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ व्रत रखा। पूजा के बाद महिलाओं ने पति के चरण स्पर्श कर प्रसाद अर्पित किया और परिवार की मंगलकामना की। नगर पंचायत एकमा बाजार, दाउदपुर बाजार तथा आसपास के गांवों में भी महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा कर अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा। धार्मिक मान्यता है कि माता सावित्री ने अपने तप, त्याग और दृढ़ संकल्प से यमराज से पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। उसी परंपरा और आस्था के प्रतीक के रूप में आज भी सुहागिन महिलाएं वट सावित्री व्रत रखती हैं। दिनभर मांझी के रामघाट पर महिलाओं की श्रद्धा, उत्साह और पूजा-अर्चना का दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। (दाउदपुर से संजय कुमार पाण्डेय)

पूछे जाने वाले प्रश्न

वट सावित्री पूजा किस दिन मनाई जाती है?
वट सावित्री पूजा सुहाग और अखंड सौभाग्य के पर्व पर मनाई जाती है।
Jitendra Kumar Pandey

लेखक के बारे में

Jitendra Kumar Pandey

शॉर्ट बायो: जितेंद्र कुमार पांडेय पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ के छपरा जिला ब्यूरो टीम से जुड़कर शिक्षा, कृषि बीट में रिपोर्टिंग करते हैं। नियमित तौर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए रिपोर्टिंग करते हैं।


परिचय एवं अनुभव
जितेंद्र ने सारण जिले के दाउदपुर से 2008 में रिपोर्टिंग की शुरुआत की। 2015 में छपरा जिला मुख्यालय में हिन्दुस्तान की ब्यूरो टीम का हिस्सा बने। प्रिंट के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।


कॅरियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अपने कॅरियर की शुरुआत 2008 में हिन्दुस्तान अखबार से की। यहां प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2015 में जिला मुख्यालय में प्रिंट और डिजिटल में कदम रखा।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएमसी मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हैं। राष्ट्रीय स्तर की चार पांच खबरें एक्सक्लूसिव के तौर पर ब्रेक किया। इसके बाद राष्ट्रीय चैनलों ने भी उस खबर को उठाया।


विशेषज्ञता
खबरों में तथ्य उद्भेदन
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