जवान का शव पहुंचा गांव, अंतिम दर्शन के लिए जुटी लोगों की भीड़
जगदीशपुर गांव के सीआरपीएफ जवान उमाशंकर पांडेय (55) की बीमारी के कारण मुंबई के अस्पताल में मौत हो गई। उनके निधन से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। वह अपनी पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार ने सरकार से सहायता की मांग की है।

अस्पताल में बीमारी के कारण हुई जगदीशपुर गांव में पसरा मातम गड़खा, एक संवाददाता गड़खा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी व सीआरपीएफ की 115 वीं बटालियन में तैनात जवान उमाशंकर पांडेय (55) की मौत हो गई। वे पिछले 20 दिनों से मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती थे, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार सहित पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मूल रूप से जलाल बसंत पंचायत अंतर्गत जगदीशपुर गांव रामपदारथ पांडेय के पुत्र थे। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर गांव लाया गया। आमी घाट पर सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी।
इस दौरान मोहरमपुर और जलाल बसंत सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए लोग पहुंचे और नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। जवान की असामयिक मौत से पूरा क्षेत्र गमगीन है। वे अपने पीछे पत्नी रेणु देवी, 17 वर्षीय पुत्र हिमांशु पांडेय और 19 वर्षीय पुत्री साक्षी पांडेय को छोड़ गए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने सीआरपीएफ जवान की सेवाओं को याद करते हुए सरकार से शोक संतप्त परिवार को उचित मुआवजा और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। -- मृत महिला के शव की हुई पहचान, परिजन ले गए शव भेल्दी, एक संवाददाता। छपरा-मुजफ्फरपुर एनएच 722 पर भेल्दी इंटर कॉलेज स्थित यात्री शेड में शुक्रवार को मृत पड़ी महिला के शव की पहचान कर ली गई। मृतका गंगा देवी(60) अमनौर थाने के विशुनपुरा गांव की है। मिली जानकारी के अनुसार मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला काफी साल से भेल्दी बाजार में खूम रही थी।शुक्रवार की अहले सुबह लोगों ने देखा कि महिला एनएच 722 के किनारे यात्री शेड में मृत पड़ी है। ठंड के कारण महिला की मौत की आशंकाहै। भेल्दी बाजार के ग्रामीण नागेंद्र निराला ने बताया कि उक्त महिला के दाह-संस्कार के लिए बाजार के लोगों के सहयोग से हजारो रुपये इकट्ठा किए गए। तीन घंटे के बाद उक्त महिला के शव की पहचान हो गई। महिला का मायके विशुनपुरा गांव में है और उसके भाई भीम साह ने पहुंचकर शव को ले लिया। लोगों ने इकट्ठा किए चंदे के रूपए को मृतका के भाई को सुपुर्द कर दिया।
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