DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   बिहार  ›  छपरा  ›  सारण में बाढ़ का खतरा बढ़ा, कटाव व चार गांवों में पानी
छपरा

सारण में बाढ़ का खतरा बढ़ा, कटाव व चार गांवों में पानी

हिन्दुस्तान टीम,छपराPublished By: Newswrap
Wed, 16 Jun 2021 08:10 PM
सारण में बाढ़ का खतरा बढ़ा, कटाव व चार गांवों में पानी

पानापुर में सारण तटबन्ध के पास तेजी से हो रहा कटाव

नेपाल से पानी छोड़ने पर गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा

कटाव जारी रहा तो टूट सकता है सारण तटबन्ध

लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए अलर्ट किया गया

छपरा। नगर प्रतिनिधि

नेपाल के तटीय इलाके में भारी वर्षा व बाल्मीकि बराज से चार लाख 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद सारण के पानापुर प्रखंड के चार गांवों में पानी प्रवेश करने लगा है। इससे सारण में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। तटबन्ध के निचले क्षेत्र में बसने वाले लोग अभी से ही सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं। ऐसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए अलर्ट भी कर दिया गया है। सलेमपुर,बसहीया, सोनवर्षा,रामपुर रुद्र 61 के लोगों की पानी के प्रवेश से परेशानी बढ़ने लगी है। सारण तटबंध पर करोड़ों की लागत से कराए गए बचाव कार्य के बाद भी नदी की मुख्य धारा सलेमपुर व सोनवर्षा गांव के समीप होने से लगातार कटाव जारी है। अगर स्थिति यही रही तो सारण तटबंध को टूटने से बचा पाना मुश्किल होगा। बुधवार की शाम में भी पानी छोड़ा जाना है। पानापुर में फिर पानी पहुंचा तो खतरा ज्यादा बढ़ जाएगा और कई गांव इसकी चपेट में आ जाएंगे। इससे कटाव में न सिर्फ तेजी आएगी बल्कि तटबन्ध टूटने का भी खतरा ज्यादा बढ़ जाएगा। बाढ़ नियंत्रण विभाग के कनीय अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि जब तक नदी का जलस्तर स्थिर नहीं हो जाता तबतक कटाव को रोकना मुश्किल है। मढ़ौरा एसडीओ विनोद कुमार तिवारी ने भी बुधवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कटाव को रोकने व सारण तटबंध को बचाने को लेकर मौके पर उपस्थित बाढ़ नियंत्रण विभाग के पदाधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। जिला प्रशासन ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। जिलाधिकारी डॉ नीलेश रामचंद्र देवरे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मढ़ौरा एसडीओ व पानापुर के बीडीओ-सीओ को सारण तटबंध की सुरक्षा की जिम्मेवारी सौंपी है । जिलाधिकारी ने बाढ़ से निपटने के लिए अन्य आवश्यक संसाधन भी जुटाने को कहा है ताकि लोगों को सुरक्षित पहुंचाया जा सके। एनडीआरएफ की टीम को भी जिम्मेवारी सौंपी गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।

सभी तटबंध सुरक्षित होने का दावा

तटबंध की सुरक्षा में लगे अभियंता विनोद कुमार का दावा है कि सभी तटबंध सुरक्षित हैं। हालांकि लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल सारण के सभी तटबंध सुरक्षित थे लेकिन गोपालगंज में सारण तटबंध क्षतिग्रस्त होने के कारण ही सारण के लोगों को बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ी थी। इस बार गोपालगंज में भी तटबंध को सुरक्षित रखने का भरपूर प्रबंध किया गया है।

संबंधित खबरें