
48 घंटे में फाइल निपटाएं, वरना होगी कार्रवाई
जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रधान लिपिकों को सख्त आदेश दिए हैं। कार्यालयी कार्यों में देरी और गड़बड़ी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रविष्टियां सही ढंग से दर्ज करना अनिवार्य होगा, और निरीक्षण में कमी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। कार्य का समानुपातिक बंटवारा भी अनिवार्य किया गया है।
डीएम के निर्देश पर डीईओ ने कसे प्रधान लिपिकों के लगाम छपरा। सरकारी दफ्तरों की सुस्त कार्यशैली पर लगाम लगाने के लिए जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रधान लिपिकों को सख्त आदेश जारी किया है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि कार्यालयी कार्यों में देरी, गड़बड़ी या अव्यवस्था अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम की अध्यक्षता में 3 जनवरी को हुई बैठक में मिले निर्देशों को आधार बनाकर डीईओ ने कार्यालयी अनुशासन पुख्ता करने के लिए नए मानक तय कर दिए हैं।आदेश के मुताबिक आगत-निर्गत पंजी में सभी प्रविष्टियां सही-सही दर्ज करना अनिवार्य होगा। निरीक्षण में किसी भी प्रकार की कमी मिलने पर प्रधान लिपिक सहित संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई होगी।
सप्ताह में एक बार पटल निरीक्षण कर लंबित पत्रों, की गई कार्रवाई और प्राप्त दस्तावेजों की अपडेट जांचना भी अब प्रधान लिपिक का अनिवार्य दायित्व है। साथ ही सभी लिपिकों के बीच कार्य का समानुपातिक बंटवारा कराना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी एक पर अत्यधिक बोझ और किसी पर कम जिम्मेदारी जैसी स्थिति न रहे।

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