जेपीयू के कॉलेज होंगे नशामुक्त: सभी संस्थानों में बनेगी नशा विरोधी समिति

जेपीयू के कॉलेज होंगे नशामुक्त: सभी संस्थानों में बनेगी नशा विरोधी समिति

संक्षेप:

जयप्रकाश विश्वविद्यालय ने छात्रावास और परिसर को नशामुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाया है। सभी कॉलेजों को नशा विरोधी समिति गठित करने का आदेश दिया गया है। नशीली वस्तुओं की उपलब्धता की पहचान और छात्रों की काउंसिलिंग के साथ ही नियमित कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।

Dec 12, 2025 09:32 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, छपरा
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छात्रावास से कैंपस तक होगी सख्त निगरानी, हर छह महीने चलेगा नशामुक्ति अभियान छपरा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जयप्रकाश विश्वविद्यालय ने परिसर और छात्रावासों को पूरी तरह नशामुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यूजीसी के निर्देश के बाद विवि प्रशासन ने सभी संबद्ध कॉलेजों को नशा विरोधी समिति गठित करने का आदेश जारी किया है। कॉलेजों को इसके लिए एक वरीय शिक्षक को नशा निरोधक अधिकारी नामित करने और पूरी जानकारी अपने-अपने पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। निर्देश के अनुसार कॉलेज स्तर पर यह समिति परिसर और आसपास के उन सभी स्थानों को चिन्हित करेगी जहां नशीली वस्तुओं की उपलब्धता या गतिविधियों की आशंका होती है।

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छात्रावास समिति द्वारा हर महीने ऐसे चिन्हित स्थानों की सूची भी ऑनलाइन डाली जाएगी। किसी छात्र पर नशा सेवन का संदेह होने पर उसकी तुरंत काउंसिलिंग कराई जाएगी। नियमित योग, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन विवि ने स्पष्ट किया है कि छात्र-छात्राओं को नशीले पदार्थों से दूर रखने के लिए नियमित योग, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। छात्रावास में भोजन नहीं करने वाले छात्रों पर विशेष निगरानी होगी, ताकि मादक पदार्थ सेवन की संभावना को समय रहते रोका जा सके। यूजीसी के आदेश के मुताबिक, कॉलेजों में छात्रों का क्लब नशामुक्त कैंपस के लिए नोडल इकाई की तरह कार्य करेगा। इसके तहत कॉलेज में आने वाली दवाओं, कूरियर और बाहरी व्यक्तियों पर भी निगरानी रखी जाएगी। छात्र, शिक्षक और गैर-शैक्षणिक कर्मियों के लिए नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रमों की सूची तैयार की जाएगी।परामर्शदाताओं का प्रशिक्षण एम्स, नई दिल्ली और राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान की सहायता से कराया जाएगा। विवि प्रशासन ने बताया कि आने वाले दिनों में सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालय मुख्यालय में छह-छह महीने पर एक सप्ताह का नशामुक्ति शिविर आयोजित किया जाएगा, ताकि कैंपस को पूर्ण नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल हो सके।