
मतगणना केंद्र पर तय समय में लाई जाएंगी सभी ईवीएम, गिनती होगी शुरू
बिहार विधानसभा के सारण में 10 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतगणना 14 नवंबर को होगी। डीएम अमन समीर ने सुरक्षा और निगरानी के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए हैं। मतगणना केंद्र पर 14 टेबल बनाए गए हैं और सभी ईवीएम सुरक्षित हैं। मतगणना के दौरान मोबाइल फोन पर प्रतिबंध रहेगा और सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जाएगी।
डीएम ने चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का दिया निर्देश मतगणना के समय हर प्रत्याशी को राउंडवार प्राप्त मत बोर्ड पर अंकित होगा न्यूमेरिक 08 बजे सुबह से प्रारंभ होगी मतगणना 14 टेबल बनाए गए हैं मतगणना के लिए फोटो 13 मतगणना की तैयारी को लेकर बाजार समिति प्रांगण में बुधवार को सदर एसडीओ नितेश कुमार व सदर एसडीपीओ राम पुकार सिंह को दिशा निर्देश देते डीएम अमन समीर व सीनियर एसपी डॉ कुमार आशीष पेज तीन की लीड छपरा, नगर प्रतिनिधि। बिहार विधानसभा के सारण में 10 विधानसभा क्षेत्रों के लिए जिला मुख्यालय स्थित बाजार समिति प्रांगण में बनें मतगणना केंद्र पर 14 नवंबर को वोटों की गिनती होगी।
मतगणना केंद्र के समीप स्थित स्ट्रॉन्ग रूम (वज्रगृह) में तीन चक्रों में सख्त सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। बुधवार को जिला पदाधिकारी ने बताया कि मतगणना केंद्र व स्ट्रॉन्ग रूम पर सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इन स्थलों पर उम्मीदवारों और उनके मतगणना अभिकर्ताओं को भी निगरानी में मौजूद रहने के इंतजाम किए गए हैं। मतगणना केंद्र पर तय समय में सभी ईवीएम लाई जाएंगी और वहां वोटों की गिनती की जाएगी। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। मालूम हो कितीन दिन पूर्व स्ट्रॉन्ग रूम की मुख्यालय से आये अधिकारी मिथिलेश साहू ने जांच की थी। इस दौरान पाया गया कि सभी सीसीटीवी फुटेज संबंधित उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को दिखा भी दिया गया है। सभी ईवीएम सुरक्षित है। वहीं, मतगणना केंद्र पर एक ग्रिड के अतिरिक्त एक बैकअप ग्रिड बनाया गया है, ताकि निगरानी में सख्ती बरती जा सके। सुरक्षा व्यवस्था का डीएम- एसपी ने लिया जायजा जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी अमन समीर व वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष ने बुधवार को बाजार समिति परिसर अवस्थित सभी दस विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए स्थापित सभी दस वज्रगृहों का स्थलीय निरीक्षण किया। संपूर्ण परिसर के सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। गया। साथ ही दिनांक 14 नवंबर को उक्त परिसर में होनेवाले मतगणना कार्य के अवसर पर मतगणना परिसर व उसके आसपास विधि व्यवस्था संधारण तथा सदृढ़ यातायात नियंत्रण के परिप्रेक्ष्य में सभी सम्बन्धित मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी सदर नितेश कुमार व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर रामपुकार सिंह व पुलिस उपाधीक्षक यातायात को मतगणना के दिन विभिन्न रूट मार्ग और विभिन्न स्थलों पर वाहन पार्किंग चिह्नित करते हुए सुगम यातायात का संचालन कराने के लिये आवश्यक निर्देश दिए। उप निर्वाचन पदाधिकारी जावेद एकबाल को सभी पदाधिकारी से आपस में समन्वय बनाकर मतगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न करने पर भी जिला पदाधिकारी ने बल दिया है। एजेंटों की निगरानी व सोशल मीडिया पर भी नजर मतगणना के दौरान काउंटिंग एजेंट किसी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था न फैलाएं, इसके लिए जिला व पुलिस प्रशासन विशेष सतर्क है। काउंटिंग एजेंटों की निगरानी के लिए भी योजना बनायी गयी है। योजना के तहत किसी तरह की अफवाहों को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखेगी। मतगणना केंद्र के अंदर मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाया गया है। केंद्र के आसपास सभा या जुलूस निकालने पर रोक लगाई गई है।निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिलाधिकारी अमन समीर ने वरीय अधिकारियों को भी टास्क दिया है। इनको काउंटिंग एजेंटों की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। वरीय पदधिकारी के साथ जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी रविन्द्र कुमार भी सोशल मीडिया हैंडल की भी निगहबानी करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि कोई ऐसा पोस्ट नहीं करे, जिससे माहौल बिगड़े। अगर कोई ऐसा करते धराया तो सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।मालूम हो कि जिले के 10 विधानसभा सीट के लिए कुल 108 प्रत्याशी मैदान में हैं। एक विधानसभा की गिनती 14-14 टेबलों पर होगी। इससे हर टेबल पर एक काउंटिंग एजेंट की तैनाती होगी। ऐसे में काउंटिंग एजेंट पर डीएम के गाइडलाइंस के मुताबिक इसकी निगहबानी करेगी। मतगणना के समय हर प्रत्याशी को राउंडवार प्राप्त मत बोर्ड पर अंकित होगा। मतगणना की जांच के लिए प्रेक्षक किसी भी दो बूथ का रैंडम चयन कर मिलान कराएंगे। यही नहीं अंतिम मिलान कर तुरंत हस्ताक्षर नहीं करेंगे। इस बार विवाद से बचने के लिए विशेष तैयारी की गई है। गिनती के दौरान मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे अफसर बाजार समिति स्थित मतगणना केंद्र में मोबाइल, लैपटॉप जैसे गजट पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। मतगणना कार्य में लगे अधिकारी और कर्मचारी भी अपने साथ केंद्र के अंदर मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। यह नियम उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों पर भी लागू होगा। ये बातें सारण के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी अमन समीर ने बाजार समिति स्थित मतगणना केंद्र के निरीक्षण के बाद कही।उन्होंने कहा कि मतगणना से जुड़ी खबरें समय-समय पर मीडिया गैलरी और बाहर के स्क्रीन पर प्रसारित की जाएंगी। मतगणना कार्य पूरी तरह से पारदर्शी, स्वच्छ हो, इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मतगणना स्थल पर सुरक्षा, चिकित्सा, यातायात और बिजली आदि की व्यवस्था सुदृढ़ रखने के निर्देश दिये गए हैं। पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। वज्रगृह से लेकर पूरे परिसर की लगातार सीसीटीवी कैमरे से निगरानी भी की जा रही है।मतगणना स्थल पर प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों के रुकने की भी व्यवस्था है। वे वहां रुककर स्ट्रॉन्ग रूम (वज्रगृह) और मतगणना केंद्र पर लगातार नजर रख सकते हैं। किसी प्रकार का आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगे, इसके लिए भारत चुनाव आयोग के एसओपी के आधार पर तैयारी और सभी कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। मतगणना कर्मियों का प्रशिक्षण आज डीएम ने बताया कि मतगणना कार्य पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवधानरहित हो, इसके लिए करीब साढ़े सात सौ कर्मियों और पदाधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण दो चरणों में दिया जा रहा है। दूसरे चरण का प्रशिक्षण कार्य 13 नवंबर को होगा। इससे पहले 10 नवंबर को इन कर्मियों-पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पहले से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों की टीम ने मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण दिया। हर विस के लिए तैनात होंगे 14-14 मजदूर छपरा, नगर प्रतिनिधि। बाजार समिति स्थित मतगणना केंद्र पर वज्रगृह से ईवीएम गणना स्थल तक लाने के लिए प्रत्येक विस के लिए 14-14 मजदूर तैनात किए जाएंगे। ये मजदूर कड़ी सुरक्षा में वीडियोग्राफी और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में वज्रगृह से ईवीएम व वीवीपैट गणनास्थल तक लाएंगे।मतगणना के बाद ईवीएम सीलिंग के लिए प्रत्येक विस के लिए 28-28 मजदूर दो शिफ्टों में तैनात किए जाएंगे। मतगणना कार्य में लगे अधिकारियों, कर्मियों व अभिकर्ताओं को पानी पिलाने के लिए प्रत्येक विस क्षेत्र के लिए दो-दो मजदूर तैनात किए जाएंगे। वहीं, विविध कार्य के लिए प्रत्येक विस के लिए एक-एक मजदूर की,, तैनाती रहेगी। प्रत्येक विधानसभा के लिए तैनात किए गए मजदूरों का एक मेट होगा, जो इनका पर्यवेक्षण करेगा। मजदूरों के लिए अलग ड्रेस भी तय किए गए हैं। प्रति टेबल 5 सौ से अधिक मत की गणना नहीं पोस्टल बैलेट की गणना को लेकर मिला निर्देश छपरा, नगर प्रतिनिधि। पोस्टल बैलेट की मतगणना के समय एक टेबल पर 500 से अधिक मतपत्रों की गणना नहीं होगी। पोस्टल मतों और ईटीपीबीएस मतों की गणना को लेकर जारी गाइडलाइन में इसका निर्देश दिया गया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम अमन समीर ने मतगणना कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मी को इन गाइलाइन को सही से समझते हुए पालन करने को कहा गया है।14 नवंबर को मतगणना होनी है। मतगणना की निर्धारित तिथि से एक दिन पहले अर्थात गुरुवार को आरओ प्रेक्षक से मिलकर प्राप्त पोस्टल मतपत्रों और ईटीपीबीएस की अपडेट संख्या बताएंगे। पोस्टल बैलेट और ईटीपीबीएस की गिनती आरओ व एआरओ की देखरेख में अलग हॉल में कराने का निर्देश है। ईटीपीबीएस और डाक मतपत्रों की गणना के लिए एक टेबल पर 500 से अधिक मतपत्र की गणना नहीं की जाएगी। मतपत्रों की संख्या और उपलब्ध स्थान के आधार पर टेबल की संख्या बढ़ाई जा सकती है। मतपत्रों की गणना के लिए एक टेबल पर एक एआरओ होंगे। सुबह आठ बजे तक प्राप्त सभी पोस्टल बैलेटों की होगी गिनती सुबह आठ बजे तक प्राप्त सभी पोस्टल बैलेटों की पहले गिनती की जाएगी। सभी विस क्षेत्रों के पोस्टल बैलेटों की गिनती दो-दो टेबल पर होगी। प्रत्येक गणना टेबल एक सहायक निर्वाची पदाधिकारी, गणना पर्यवेक्षक, गणना सहायक व माइक्रो प्रेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। वहीं, पोस्टल बैलेट की गणना के समय प्रत्येक टेबल पर एक अतिरिक्त माइक्रो प्रेक्षक भी रहेंगे।इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजे गए पोस्टल मतपत्र की गिनती भी पोस्टल बैलेटों के साथ होगी। इसमें वैसे सेवा मतदाता शामिल होते हैं, जो अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर होते हैं। वे कहीं भी इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त पोस्टल बैलेट से मतदान कर सकते हैं। पोस्टल व ईटीपीबीएस से प्राप्त मतों की गिनती के बाद ही ईवीएम में प्रात मतों की गिनती होगी। गणना के क्रम में अस्वीकृत किए गए पोस्टल बैलेटों को अस्वीकृत की श्रेणी में रखने से पहले सहायक निर्वाची पदाधिकारी एक बार फिर से जांच करेंगे। जीत का अंतर अस्वीकृत किए गए पोस्टल बैलेटों की संख्या से कम होने की स्थिति में सभी पोस्टल बैलेटों की फिर से जांच की जाएगी। प्रेक्षक व निर्वाची पदाधिकारियों की मौजूदगी में अस्वीकृत पोस्टल बैलेटों की एक बार फिर से जांच कर ही चुनाव परिणाम तैयार किए जाएंगे। हर विस के पांच बूथ के वीवीपैट के पेपर स्लिप की होगी गणना प्रत्येक विस के किन्हीं पांच बूथ का रैंडमली चयन कर उसके वीवीपैट के प्रिटेंड स्लिप की गणना की जाएगी। इसे अनिवार्य किया गया है। प्रिंटेड पेपर स्लिप की गणना में संबंधित बूथ के वीवीपैट को गणना पटल पर रखा जाएगा। वीवीपैट के ड्रॉप बॉक्स के एड्रेस टैग की जांच की जाएगी कि वह संबंधित बूथ का ही है। ध्यान रखना है कि एक भी पेपर स्लिप ड्रॉप बॉक्स में नहीं पड़ा रह जाए। खाली ड्रॉप बॉक्स भी गणना एजेंट को दिखा देना है। ईवीएम के अंतिम राउंड से ठीक पहले के राउंड की गिनती तब तक प्रारंभ नहीं की जाएगी, जब तक कि पोस्टल बैलेट और ईटीपीबीएस की गिनती समाप्त नहीं हो जाती है।

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