250 मेगावाट आपूर्ति का दावा, फिर भी गर्मी में बिजली संकट से जूझ रहा सारण
सारण में भीषण गर्मी ने बिजली व्यवस्था को संकट में डाल दिया है। तापमान 42 डिग्री पहुंचने पर बिजली की मांग बढ़ गई है, लेकिन तकनीकी समस्याओं और ओवरलोडिंग के कारण कटौती हो रही है। ग्रामीण इलाकों में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। किसानों को सिंचाई में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

भीषण गर्मी में कराह उठी बिजली व्यवस्था, ट्रिपिंग और कटौती से सारणवासी बेहाल बिजली की आंखमिचौली ने बढ़ाई मुश्किलें, रातभर जगने को मजबूर लोग फ़ोटो नाम से छपरा पावर ग्रिड न्यूमेरिक 36 मेगावाट बिजली मिल रही शहर को 42 डिग्री पहुंचा सारण का तापमानछपरा, नगर प्रतिनिधि। सारण में पड़ रही भीषण गर्मी ने बिजली व्यवस्था की असल परीक्षा शुरू कर दी है। तापमान 42 डिग्री के पार पहुंचते ही घरों में पंखा, कूलर और एसी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है तो खेतों में सिंचाई के लिए मोटरों की निर्भरता भी बढ़ गई है। बिजली कंपनी का दावा है कि जिले को मुख्यालय से पर्याप्त मात्रा में करीब 250 मेगावाट बिजली मिल रही है और मांग के अनुरूप आपूर्ति की जा रही है, लेकिन हकीकत यह है कि तकनीकी खामियों, ओवरलोड और बार-बार ट्रिपिंग ने शहर से लेकर गांव तक लोगों का जीवन बेहाल कर दिया है। कहीं घंटों बिजली गायब है तो कहीं लो वोल्टेज से मोटर तक नहीं चल पा रहा। सबसे अधिक असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां बिजली संकट अब पेयजल, खेती और रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डालने लगा है। जिले के छपरा शहर समेत बनियापुर, मशरक, अमनौर, तरैया, दिघवारा, सोनपुर और एकमा जैसे इलाकों में पिछले कई दिनों से बिजली की आंखमिचौली जारी है। दिन में कई बार फीडर ट्रिप कर जा रहे हैं और रात में भी बिजली कटौती से लोग चैन की नींद नहीं ले पा रहे।
बिजली कम्पनी का दावा
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