
कार्यपालक सहायकों नें स्थायीकरण समेत 11 सूत्री मांगो को लेकर दिया धरना
छपरा में लगभग 600 कार्यपालक सहायक अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। संघ के जिलाध्यक्ष निलेश कुमार के नेतृत्व में कार्यपालकों ने स्थायीकरण की मांग की है। वे आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे...
छपरा, एक संवाददाता। जिले के लगभग 600 छह सौ कार्यपालक सहायक अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखे हैं। बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ के आह्वान पर स्थायीकरण समेत 11 सूत्री मांगो को लेकर जिले के सभी विभागों में कार्यपालक सहायको ने जिलाध्यक्ष निलेश कुमार की अध्यक्षता में नगर पालिका चौक पर रविवार को धरना दिया। कार्यपालक सहायकों ने कहा कि उनकी मांगों को जब तक पूरा नहीं किया जाएगा। तब तक वे अलग-अलग तरीकों से आंदोलन जारी रखेंगे। इस दौरान कार्यपालक सहायक अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। वहीं संघ के जिला अध्यक्ष निलेश कुमार के कहा कि कार्यपालक सहायकों को बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाईटी बिहार, पटना के अधिकारियों ने केवल आश्वासन का लॉलीपॉप ही थमाया गया है।
मानदेय पुनरीक्षण का सपना तो दिखाया जाता है, पर देने के नाम पर अगली बैठक का हवाला दिया जाता है। धरना को रूपेश कुमार, मुन्ना कुमार, माधव राय, पप्पू पासवान, मिथलेश कुमार वर्मा, सतीश कुमार पाण्डेय, कर्मेन्द्र कुमार, राकेश कुमार, रितेश कुमार, मीनू कुमारी, प्रियंका कुमारी, रेखा कुमारी, रश्मि कुमारी, अंशुप्रिया, दीपमाला कुमारी आल्का कुमारी, खुशबु कुमारी, अर्पणा कुमारी, अनुप्रिया, अजय कुमार, अश्वनी भारती, विजय, ब्रजेश, अमित, राजेश, कुन्दन, अनिल, अमरजीत रजक, राहुल, संदीप रंजन, निखिल कुमार, निर्भय कुमार, मुकेश कुमार, रत्नेश तिवारी, प्रकाश कुमार, उपेंद्र कुमार, अनिल कुमार, सिंह, सौरभ कुमार, विश्वजीत कुमार, अभिमन्यु कुमार, पूनम कुमारी, राजन शर्मा, तिलेश्वर महतो, प्रंशांत कुमार, मो शकील, सोनु कुमार, जगमोहन कुमार, मनमोहन कुमार, नीतीश कुमार, आदित्य मल्होत्रा समेत दर्जनों कार्यपालक सहायकों ने संबोधित किया। आरोप:सहायकों को रविवार को भी ड्यूटी के नाम पर पत्र जारी जिले में कार्यपालक सहायक संघ के द्वारा स्थाईकरण समिति 11 सूत्री मांगों को लेकर पूर्व में ही धरना प्रदर्शन करने को लेकर आह्वान किया गया था। इसके बावजूद भी जिले के आला अधिकारियों के निर्देश पर कई कार्यालयों में आंदोलन को प्रभावित करने के उद्देश्य से कार्यपालक सहायकों को रविवार को भी ड्यूटी के नाम पर पत्र जारी किया गया है ताकि कार्यपालक सहायकों की आवाज को दबाया जाए लेकिन कार्यपालक सहायकों ने संघ के प्रति चट्टानी एकता का परिचय देते हुए अधिकारियों के तुगलकी फरमान का परवाह किये बगैर धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। संघ के नेताओं ने कहा कि हमारी मांगे सरकार से है, बावजुद यदि प्रशासन अगर हमारी आवाज को दबाने का प्रयास करेगी तो और ही उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी पूर्ण जवाबदेही प्रशासन की होगी।

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