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पंजीयन रसीद सिक्यूरिटी कोड से होगी लैस

पंजीयन रसीद सिक्यूरिटी कोड से होगी लैस

छपरा। नगर प्रतिनिधि

जयप्रकाश विश्वविद्यालय में पंजीयन के 'खेल 'पर पूरी तरह से रोक लग

जाएगी। सही व नकली पंजीयन के खेल में पिस रहे छात्र-छात्राओं को भी अब

जल्द राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। छात्रों के लिए यह खुशखबरी

है कि विवि में पहली बार पंजीयन रसीद को सिक्यूरिटी कोड से लैस किया गया

है। सिक्यूरिटी कोड से कोई भी अब छेड़छाड़ नहीं कर सकता है। विवि प्रशासन

ने डिजिटाइजेशन के इस दौर में अपने को भी शामिल करते हुए फर्जीवाड़ा रोकने

के लिए नई तकनीक का सहारा लिया है। तकनीक का इस्तेमाल करते हुए

सिक्यूरिटी कोड से युक्त पंजीयन रसीद छात्रों को उपलब्ध कराया जा रहा है।

आठ अंकों का है सिक्यूरिटी कोड

जेपीविवि के सत्र 2018-19 के छात्र-छात्राओं के लिए विवि ने जो पंजीयन

रसीद उपलब्ध कराया है, वह आठ अंकों के सिक्यूरिटी कोड से लैस है।

फर्जीवाड़ा या जाली होने की आशंका पर ऑनलाइन पंजीयन रसीद का हो सकता है।

इससे विवि प्रशासन के साथ-साथ कॉलेज प्रशासन को भी काफी राहत मिलेगी। अब

आसानी से व बहुत कम समय में असली और नकली पंजीयन रसीद के बारे में पता चल

सकेगा।

कॉलेज का चक्कर लगाने से भी निजात

सिक्यूरिटी कोड पंजीयन रसीद के लैस होने से कॉलेज का चक्कर लगाने से भी

छात्र-छात्राओं को काफी हद तक निजात मिलने की संभावना है। पहले यह होता

रहा है कि रसीद में गड़बड़ी होने पर छात्र कॉलेज से लेकर विवि तक का चक्कर

लगाते थे। कॉलेज प्रशासन विवि प्रशासन को गड़बड़ी के लिए दोषी ठहराता था तो

विवि प्रशासन कॉलेज प्रशासन को। अब नई व्यवस्था में छात्रों को राहत

मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

40 हजार छात्रों को सेक्यूररिटी कोड वाला मिलेगा पंजीयन

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक,  विवि के करीब 40 हजार छात्रों को

मिलेगा। बेहद आकर्षक  चार रंगों में पंजीयन रसीद की छपाई की गई है।

पंजीयन रसीद विवि में आ जाने के कारण सत्र 2018- 19 स्नातक प्रथम वर्ष की

परीक्षा प्रपत्र भरने की तिथि  शीघ्र जारी होने वाली है।

पहले एक ही पंजीयन पर छात्रों का होता था नामांकन

जेपीविवि में पंजीयन का खेल खूब फला-फूला है । एक ही  पंजीयन रसीद पर कई

छात्रों का नामांकन होते रहा गया। विद्यार्थी जब मूल प्रमाण पत्र के लिए

विवि में आवेदन करता है। आवेदन की सत्यता की जांच होती है तब  फर्जी

पंजीयन का पता चलता है और इसके बाद छात्रों की परेशानी बढ़ जाती है ।

हाई कोर्ट में भी पंजीयन को लेकर रिट

डीवीएसडी कॉलेज कदना सहित अन्य संबद्ध कॉलेजों में पंजीयन नहीं होने या

गलत होने को लेकर कई छात्र पटना हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर चुके

हैं। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद छात्रों की समस्या का निदान निकला है।

इस मामले में विवि प्रशासन के विधि शाखा सहित अन्य प्रशासनिक अफसरों को

भी हाईकोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता है।

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