जलालपुर और सकड्डी में कैसरे हिंद की जमीन से नहीं हटा अवैध कब्जा
जलालपुर और सकडी बाजार में डाकघर के भवन का निर्माण अवैध कब्जे के कारण रुका हुआ है। सांसद सीग्रीवाल और संचार मंत्री के निर्देश के बावजूद अवैध कब्जा हटाने के प्रयास सफल नहीं हो रहे हैं। डाक कर्मचारी संघ ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है जबकि किराए के भवन में डाकघर का संचालन जारी है।

- राशि के बावजूद नहीं हो डाकघर के भवनों का निर्माण - दोनों जगह किराए के भवन में चलता है डाकघर जलालपुर, एक प्रतिनिधि। प्रखंड के जलालपुर बाजार और सकडी बाजार स्थित डाकघर की कैसरे हिंद के नाम से जमाबंदी जमीन से अब तक अवैध कब्जा नहीं हटाया जा सका है जिसके कारण दोनों स्थान पर डाक घर के भवन का निर्माण नहीं हो रहा है। हैरत की बात तो यह है कि सांसद सीग्रीवाल और संचार मंत्री के निर्देश के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस संबंध में डाक कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश्वर कुंवर ने बताया कि पोस्टऑफिस की इन दोनों जमीन की जमाबंदी कैसरे हिन्द के नाम से है।
इस जमीन से अवैध कब्जा हटाए जाने की मांग संचार मंत्री व बीजेपी सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल से की गई थी। संचार मंत्री के निर्देश के बाद सहायक डाक अधीक्षक ने जलालपुर अंचल कार्यालय को अवैध कब्जा हटाए जाने के लिए छह महीने पहले पत्र लिखा लेकिन अब तक इस जमीन से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया है। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि छह महीने से वे इस जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए सीओ से कई बार मिल चुके हैं लेकिन सिर्फ आश्वासन देकर टाल मटोल किया जा रहा है। वहीं सारण प्रमंडल डाक घर के वरीय अधिकारियों ने भी इस मामले में संचार मंत्री के पत्र का हवाला देते हुए शीघ्र अवैध कब्जा हटाने के लिए और जमीन की मापी कराने के लिए पत्र दिया था। डाक घर से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि दोनों स्थान पर डाक घर के भवन के निर्माण के लिए राशि पड़ी हुई है लेकिन अवैध कब्जा नहीं हटाए जाने के कारण इन स्थानों पर डाकघर के भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है। फिलहाल दोनों स्थान पर किराए के भवन में डाकघर चल रहा है। परसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिजेरियन डिलीवरी हुई प्रारंभ परसा,एक संवाददाता। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में पहली बार गुरुवार को सफल सी-सेक्शन (सिजेरियन)डिलीवरी की सुविधा शुरू हुई व इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत बहड़माड़र की प्रसूता मिथलेश कुमार की 23 वर्षीय पत्नी ऊषा कुमारी का सिजेरियन से डिलीवरी कराया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने प्रसूति की प्रसव पीड़ा में जटिलताएं को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत निर्णय लिया ऐसे मरीज़ को तुरंत डिलीवरी ना होने पर मरीज़ या गर्व को ज़ोख़िम हो सकता है। समय की नज़ाकत को देखते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने तुरंत एक टीम का गठन किया। डॉक्टरों की टीम डॉ.सुमन कुमार(सर्जन),डॉ रिद्धि (स्त्री रोग विशेषज्ञ),जीएनएम चाँदनी,एएनएम अघनि और अन्य स्वास्थ कर्मी के रूप में एक कुशल टीम ने सुरक्षित रूप से सी-सेक्शन सर्जरी को पूरा किया। ऑपरेशन के बाद, माता-पिता , चिकित्सा दल और प्रखंड स्वास्थ प्रबंधक शिव कुमार पासवान के संयुक्त प्रयासों से, एक घंटे के भीतर ही नवजात को स्तनपान भी कराया गया । माँ और नवजात शिशु दोनों स्वस्थ हैं। ----------------
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


