Chapra News: जागरूकता की कमी से पेपरलेस रजिस्ट्री के बाद अबतक महज 71 निबंधन
Chapra News: जागरूकता की कमी और दस्तावेज नवीसों की हड़ताल के कारण बिहार में पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया धीमी हो गई है। 3 से 28 अगस्त के बीच महज 71 दस्तावेजों का ही निबंधन हुआ। अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता बढ़ने पर निबंधन की संख्या में सुधार होगा।

Chapra News: जागरूकता की कमी और दस्तावेज नवीसों की हड़ताल से रफ्तार पर ब्रेक सरकारी राजस्व की भी हो रही है भारी क्षति फोटो 12 - सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित निबंधन कार्यालय में जमीन की खरीद बिक्री के लिए बैठे लोग न्यूमेरिक 06 निबंधन कार्यालय हैं सारण में पेज पांच की लीड नोट:रक्षा बंधन 4 की लीड होगी छपरा, नगर प्रतिनिधि। सूबे में 3 अगस्त से लागू पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था ने जमीन निबंधन की रफ्तार पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। 3 से 28 अगस्त के बीच छपरा निबंधन कार्यालय में जागरूकता की कमी से महज 71 दस्तावेजों का ही निबंधन हो सका।
नई व्यवस्था के बारे में जागरूकता
शुक्रवार को हिन्दुस्तान की पड़ताल में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कार्यालय परिसर में पहले की तुलना में कम लोग ही नजर आए। हालांकि विभाग का दावा है कि नई व्यवस्था को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और जल्द ही निबंधन की संख्या पूर्व की तरह हो जाएगी।शुक्रवार को हिन्दुस्तान की टीम ने जिला मुख्यालय स्थित निबंधन कार्यालय पहुंचकर पेपरलेस रजिस्ट्री की जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की। सामान्य दिनों में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों और दस्तावेज नवीसों से गुलजार रहने वाले कार्यालय परिसर में इस दौरान अपेक्षाकृत सन्नाटा पसरा रहा।कम संख्या में लोग ही निबंधन कार्यालय में आते-जाते दिखे। इनमें कुछ लोग काउंटर पर पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया और इससे जुड़ी जानकारी लेते नजर आए। कार्यालय के अंदर जिला अवर निबंधक समेत सभी कर्मचारी अपने-अपने टेबल पर मौजूद मिले। कामकाज सामान्य तरीके से चलता दिखाई दिया। निबंधन कार्यालय में कुछ लोग पेपरलेस प्रक्रिया के तहत निबंधन के बाद अपने दस्तावेज प्राप्त करते भी दिखे। इससे यह साफ हुआ कि नई व्यवस्था के तहत निबंधन की प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन इसकी गति पहले की तुलना में काफी धीमी है। रजिस्ट्री नहीं होने से सरकारी राजस्व को भी भारी क्षति हो रही है।
दस्तावेज नवीसों की हड़ताल
जमीन रजिस्ट्री पर हड़ताल का भी असर दस्तावेज नवीस संघ ने पेपरलेस रजिस्ट्री के विरोध में 17 अगस्त से हड़ताल शुरू कर दी है। इससे निबंधन कार्यालय में आने वाले लोगों को प्रक्रिया समझने और दस्तावेज तैयार कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेज नवीसों में भी नई व्यवस्था को लेकर धीरे-धीरे समझ विकसित हो रही है और वे निबंधन कराने के लिए आगे आ रहे हैं। विभाग के अनुसार पेपरलेस रजिस्ट्री में कागजी दस्तावेजों की जरूरत काफी कम हो गई है। इससे प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाने का दावा किया जा रहा है।अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था के प्रति लोगों में जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ेगी, निबंधन कार्यालय में भीड़ और रजिस्ट्री की संख्या बढ़ने लगेगी। विभाग को उम्मीद है कि शुरुआती दौर में नई व्यवस्था को समझने में लग रहा समय जल्द खत्म होगा। लोगों और दस्तावेज नवीसों में जागरूकता बढ़ने के साथ निबंधन की संख्या भी बढ़ेगी और कार्यालय में पहले जैसी रौनक लौट आएगी।
पेपरलेस नीति के प्रभाव
पेपरलेस नीति के बाद घटा जमीन रजिस्ट्री का आंकड़ा जिला मुख्यालय स्थित निबंधन कार्यालय में पहले प्रतिदिन 60 से 70 तक जमीन की रजिस्ट्री होती थी। पेपरलेस नीति लागू होने के बाद रजिस्ट्री की संख्या में कमी आई है। ऑनलाइन प्रक्रिया और कागजी कार्रवाई में बदलाव के कारण पहले की तुलना में कम लोग जमीन की रजिस्ट्री करा रहे हैं। कार्यालय से जुड़े लोगों के अनुसार, नई व्यवस्था को लेकर लोगों को प्रक्रिया समझने में भी समय लग रहा है। इससे निबंधन कार्यालय में होने वाली दैनिक रजिस्ट्री की संख्या प्रभावित हुई है। निबंधन विभाग से जुड़े लोगों ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन प्रत्येक साल जमीन की खरीद बिक्री 70-80 होती थी, लेकिन इस बार के रक्षाबंधन के दिन महज छह रजिस्ट्री ही हुई। रक्षाबंधन को शुभ दिन मानकर लोग जमीन की खरीद बिक्री करते हैं।
ऑनलाइन प्रक्रिया की सुविधा
घर बैठे ऐसे करें ऑनलाइन प्रक्रिया बिहार में पेपरलेस जमीन रजिस्ट्री की सुविधा से निबंधन प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हुई है। सबसे पहले ऑनलाइन पोर्टल पर जमीन की जानकारी, जमाबंदी और न्यूनतम मूल्य (एमवीआर) की जांच करें। इसके बाद निबंधन के लिए जरूरी विवरण और दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करें। निर्धारित शुल्क का ई-पेमेंट करें और जमीन,फ्लैट रजिस्ट्रेशन के लिए स्लॉट बुक करें। नई व्यवस्था में भूमि की ऑनलाइन जांच और जीआईएस के माध्यम से सत्यापन भी किया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर दस्तावेज डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराए जाते हैं। रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज के लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
पेपरलेस रजिस्ट्री की समझ
कोट पेपरलेस रजिस्ट्री की प्रक्रिया काफी आसान है। आम लोगों को नई व्यवस्था को समझने की जरूरत है। पेपरलेस प्रक्रिया में जालसाजी की संभावना बिल्कुल नहीं है। अब लोग देश के किसी भी स्थान से अपनी जमीन की रजिस्ट्री करा सकते हैं। किसी प्रकार की परेशानी होने पर निबंधन कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। अभिषेक सिंह,जिला अवर निबंधक


