
गम और गुस्सा: मेरा संसार उजड़ गया हमको मेरा भाई शिवम चाहिए...
ती बहन और साथ मे मां फोटो-रोते-बिलखते शिवम के परिजन भेल्दी, एक संवाददाता। शिवम की हत्या के बाद मंगलवार को शव पहुंचते ही अमनौर के मंद्रौली गांव में गम और गुस्सा था। सात बहनों के पीछे इकलौते भाई की मौत...
भेल्दी, एक संवाददाता। शिवम की हत्या के बाद मंगलवार को शव पहुंचते ही अमनौर के मंद्रौली गांव में गम और गुस्सा था। सात बहनों के पीछे इकलौते भाई की मौत पर मां-बहनें और पिता के करुण क्रंदन से लोगों का कलेजा फटा जा रहा था। इस दृश्य ने ही गांव वालों और परिजनों को आक्रोशित होने पर विवश कर दिया। इकलौते भाई शिवम की हत्या के बाद बहन कुसुम रोते बिलखते हुए एक ही बात कह रही थी। मेरा संसार उजड़ गया। यही एक भाई था। दस-बारह दिन पुलिस क्या कर रही थी 12 दिन बाद मेरे भाई की लाश लाकर दिया है।
हमको कुछ नहीं, मेरा भाई शिवम चाहिए...। कुसुम के अलावा अन्य बहनें नेहा, काजल, सपना, नीशू, सनू मनू का भी रो-रोकर बुरा हाल था। मां अनिता देवी बार-बार बेहोश हो जा रही थी, वहीं पिता राजन गुप्ता पुत्र के वियोग में बेसुध पड़े हुए थे। सात बहनों के इकलौते भाई शिवम की हत्या से सभी स्तब्ध हैं। शिवम सातवी कक्षा का छात्र था। शव मिलने के बाद अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होने और पुलिस के किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने से बौखलाए लोग मंगलवार को सड़क पर उतर गए। जाम में महिलाएं भी डटीं, पुलिस से भी उलझीं मालूम हो कि शिवम की हत्या के बाद लोगों में इतना उबाल था कि सड़क पर उतरे सैकड़ों प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम, सांसद-विधायक व पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारी अपने-अपने हाथों में मृत शिवम की तस्वीर युक्त तख्तियां लेकर नारेबाजी कर रहे थे। वे पुलिस की एक बात भी सुनने के लिए तैयार नहीं थे। जाम में महिलाओं की संख्या भी पुरुषों से कम नहीं थी। महिलाएं हत्यारों को फांसी देने की मांग कर रही थीं। आक्रोशितों के समझाने के लिए भेल्दी पंचायत के मुखिया राहुल कुमार सिंह, पैगा मित्रसेन पंचायत के पूर्व मुखिया रमेश कुमार यादव, पूर्व मुखिया बिदेश्वरी राय, फैैजुल्लाह अंसारी, लालबाबू राय, मनोज राय, मुखिया प्रतिनिधि सरोज पासवान, असलम अंसारी, बीरेन्द्र बिहारी, नागेंद्र निराला, संतोष गुप्ता आदि पहुंचे हुए थे। इन लोगों ने इस घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुए दोषियो को कठोर सजा देने की मांग की है। जिले से भारी संख्या में बुलाए गए थे दंगा विरोधी दस्ता भेल्दी चौक पर एनएच जाम के दौरान प्रदर्शनकारी व पुलिस आमने-सामने दिखे। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का तनिक भी खौफ नहीं था। महिलाओं में तो गुस्सा इस कदर था कि वे पुलिस बल के साथ बार-बार उलझ जा रही थी। एक समय तो ऐसा हुआ कि वरीय पुलिस पदाधिकारियों के साथ धक्की-मुक्की शुरू हो गई। उनसे निपटने के लिए जिले से काफी संख्या में पुलिस बल के साथ-साथ दंगा विरोधी दस्ता को भी बुलाया गया था। छपरा से भेल्दी व सोनहो से पोखरेरा तक लगा 50 किमी लम्बा जाम शिवम हत्याकांड के विरोध में भेल्दी में अब तक का सबसे बड़ा जाम देखने को मिला। छपरा से भेल्दी चौक और सोनहो से पोखरेरा तक एनएच पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। करीब पांच घंटे तक चालक ट्रकों व अन्य वाहनों में भूखे-प्यासे बैठकर जाम के खुलने का इंतजार करते रहे। कुछ चालक तो सड़क के किनारे बैठ कर खाना बना रहे थे। पांच घंटे के बाद जाम खत्म होने पर वाहन चालक व राहगीर राहत की सांस लिए। एसडीपीओ सदर, मढ़ौरा व एसडीओ समेत आठ थाने की पुलिस पहुंची आक्रोशितों को समझाने व एनएच से जाम खत्म कराने के लिए मढ़ौरा एसडीओ नीधि राज, एसडीपीओ सदर रामपुकार सिंह, मढ़ौरा डीएसपी नरेश पासवान, मढ़ौरा इंस्पेक्टर नागेंद्र सहनी, गड़खा इंस्पेक्टर शशि रंजन, मुफस्सिल इंस्पेक्टर अशोक कुमार, मकेर थानाध्यक्ष पप्पु कुमार, अमनौर थानाध्यक्ष हेमंत कुमार, परसा थानाध्यक्ष ओमप्रकाश, डेरनी प्रीति कुमारी, भेल्दी थानाध्यक्ष राकेश कुमार आदि जाम स्थल पर उपस्थित थे।

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