संतुलित उर्वरक उपयोग पर किसानों को प्रशिक्षण
परसा के ई-किसान भवन में कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक और रासायनिक खाद का संतुलन, और फसलों में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के उपयोग की विधि समझाई गई।

परसा, एक संवाददाता। प्रखंड परिसर स्थित ई-किसान भवन के सभागार में किसानों के लिए उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन आत्मा के सौजन्य से कृषि विभाग द्वारा किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देना और कृषि उत्पादन में वृद्धि करना था। कार्यशाला का उद्घाटन प्रखंड आत्मा अध्यक्ष भगवान सिंह, बीएओ राजलक्ष्मी एवं बीटीएम राकेश त्रिवेदी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। प्रशिक्षण में विभिन्न पंचायतों से आए किसानों ने भाग लिया। कृषि विशेषज्ञों ने मिट्टी जांच के आधार पर उर्वरकों के संतुलित उपयोग की जानकारी देते हुए बताया कि रासायनिक खाद के अधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है, इसलिए जैविक और रासायनिक खाद का संतुलन जरूरी है।
किसानों को धान, गेहूं सहित अन्य फसलों में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के सही उपयोग की विधि समझाई गई। साथ ही सिंचाई, बीज उपचार और कीट नियंत्रण के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। बीएओ राजलक्ष्मी ने गरमा फसल में मूंग, उड़द और मक्का की खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया। अंत में किसानों ने ऐसे प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए नियमित आयोजन की मांग की। परसा एम कुमार
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