
नए साल में फिर सारण की ओर मुख्यमंत्री की नजर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नए साल में जनता के प्रति आभार जताने के लिए यात्रा पर निकलने की तैयारी कर रहे हैं। सारण जिले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है, जहां विकास योजनाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि इस यात्रा से सारण को नई सौगातें मिलेंगी और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
यात्रा के बहाने विकास की नई पटकथा लिखने की तैयारी स्थल चयन और प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा हो रही तैयार छपरा, नगर प्रतिनिधि। विधानसभा चुनाव में एनडीए के बेहतर प्रदर्शन और एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नए साल में जनता के प्रति आभार जताने के लिए यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं। इसी क्रम में सारण सहित राज्य के विभिन्न जिलों में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। कड़ाके की ठंड के बावजूद प्रशासनिक महकमे पूरी तरह सक्रिय हैं और संभावित मुख्यमंत्री दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को मुख्यमंत्री की संभावित यात्रा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। राज्य मुख्यालय से मिले निर्देशों के आलोक में सारण जिला प्रशासन ने भी मुख्यमंत्री के संभावित प्रवास को सर्वोच्च प्राथमिकता में लेते हुए स्थल चयन और प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना शुरू कर दिया है। जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव स्वयं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एकमा सहित विभिन्न प्रखंडों का दौरा कर रहे हैं। वे संभावित सभा स्थल, उद्घाटन स्थलों और निरीक्षण योग्य परियोजनाओं का गहन मूल्यांकन कर रहे हैं, ताकि मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान जिले के विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके। इस क्रम में प्रभारी डीडीसी सह एडीएम इंजीनियर मुकेश कुमार, एडीएम विभागीय जांच शिवकुमार पंडित, सदर एसडीओ नितेश कुमार, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की निदेशक सुमिता कुमारी, मनरेगा डीपीओ कुंदन कुमार और सदर बीडीओ विनोद आनंद ने भी बुधवार को कई स्थलों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है।प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो सदर प्रखंड की करिंगा पंचायत स्थित डीआरसीसी के समीप निर्माणाधीन बस स्टैंड मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निरीक्षण कार्यक्रम में शामिल हो सकता है। इसके अलावा महिला आईटीआई के नवनिर्मित भवन, पोखरा के जीर्णोद्धार, फकुली पंचायत के हाई स्कूल के समीप बने पंचायत सरकार भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पुस्तकालय और मनरेगा से निर्मित खेल मैदान का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री के सारण प्रवास के दौरान संभावित माना जा रहा है। इन परियोजनाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह देखा जा रहा है। जलालपुर के कुमना का भी निरीक्षण किया गया है। हालांकि अभी स्थल चयन के बारे में कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है प्रगति यात्रा में नौ जनवरी को सारण आये थे नीतीश कुमार गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इससे पहले नौ जनवरी 2025 को प्रगति यात्रा के तहत सारण पहुंचे थे। उस दौरान जिले को लगभग 985 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात मिली थी। मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से 52 विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था। इनमें 688.17 करोड़ रुपये की लागत से 32 योजनाओं का उद्घाटन और 296.42 करोड़ रुपये की लागत से 20 योजनाओं का शिलान्यास शामिल था। इन योजनाओं का सकारात्मक असर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में स्पष्ट रूप से देखने को मिला।प्रगति यात्रा से पहले जिला प्रशासन ने व्यापक होमवर्क किया था, जिसके चलते कई वर्षों से लंबित योजनाओं को गति मिली और नए विकास कार्यों का मार्ग प्रशस्त हुआ। लोगों में नई उम्मीदें जगी एक बार फिर मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को लेकर लोगों में नई उम्मीदें जागी हैं। आमजन को भरोसा है कि इस बार भी सारण को विकास की नई सौगातें मिलेंगी और बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को लेकर जिले में प्रशासनिक सक्रियता के साथ-साथ राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है। जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता विकास योजनाओं की सूची तैयार कराने में जुटे हैं, ताकि सारण के लिए अधिक से अधिक योजनाएं स्वीकृत कराई जा सकें। नए साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संभावित सारण यात्रा को जिले के विकास के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि यह यात्रा न केवल आभार जताने का माध्यम बनेगी, बल्कि सारण के विकास को नई दिशा और गति भी देगी।

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