नये डिग्री कॉलेजों में एक जुलाई से शुरू होगी पढ़ाई
म के तहत सारण जिले के सभी प्रखंडों में उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के डिग्री कॉलेज विहीन नौ प्रखंडों में आगामी 1 जुलाई से डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू...

एक जुलाई से सारण के हर प्रखंड में उच्च शिक्षा की राह होगी आसान सात निश्चय-3 के तहत तैयारी तेज, विद्यालय भवनों में होगी अस्थायी व्यवस्था 20 जून तक बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त करने का निर्देश छपरा, नगर प्रतिनिधि। सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत सारण जिले के सभी प्रखंडों में उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के डिग्री कॉलेज विहीन नौ प्रखंडों में आगामी 1 जुलाई से डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू किया जाएगा। सारण के 11 प्रखंडों में पहले से डिग्री कॉलेज संचालित हैं। अब शेष नौ प्रखंडों- तरैया, मकेर, एकमा, दरियापुर, मढ़ौरा, मशरक, लहलादपुर, पानापुर और इसुआपुर में भी डिग्री कॉलेज शुरू किए जाएंगे।
नए शैक्षणिक सत्र को समय पर प्रारंभ करने के लिए फिलहाल चिन्हित विद्यालय भवनों में अस्थायी रूप से कॉलेजों का संचालन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विद्यालयों के कमरों का चयन कर लिया गया है। पूरी तैयारी को लेकर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूरी करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। बैठक में कॉलेज संचालन के लिए भवन, बुनियादी सुविधाओं तथा प्रशासनिक तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि सारण जिले के कुल 11 प्रखंडों में पहले से डिग्री कॉलेज संचालित हैं, जबकि शेष 9 प्रखंडों- तरैया, मकेर, एकमा, दरियापुर, मढ़ौरा, मशरक, लहलादपुर, पानापुर एवं इसुआपुर में अब तक डिग्री कॉलेज की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। सरकार के निर्देश के बाद इन सभी प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेजों का संचालन आगामी शैक्षणिक सत्र से शुरू किया जाएगा। तात्कालिक व्यवस्था के तहत प्रशासन ने संबंधित प्रखंडों में उपयुक्त विद्यालय भवनों की पहचान कर ली है, जहां प्रारंभिक चरण में अस्थायी रूप से कॉलेजों का संचालन किया जाएगा। चिन्हित विद्यालय भवनों में छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसके लिए स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन तथा भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को दो दिनों के भीतर आवश्यक कार्यों का प्राक्कलन तैयार कर कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया। मूलभूत सुविधाएं समय सीमा के भीतर उपलब्ध जिलाधिकारी ने कहा कि भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, शुद्ध पेयजल तथा आवश्यकतानुसार बिजली वायरिंग जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि 20 जून तक सभी आवश्यक कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएं, ताकि 01 जुलाई से पठन-पाठन सुचारू रूप से शुरू कराया जा सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी प्रतिदिन कार्यों की निगरानी करेंगे और प्रगति प्रतिवेदन जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराएंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके घर के नजदीक उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बाहर जाकर पढ़ाई करने की मजबूरी कम होगी। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के निदेशक सहित संबंधित प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी, भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता तथा स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के अधिकारी मौजूद थे। वहीं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
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