दर्शक विहीन रहा मढ़ौरा में आयोजित सरकारी होली महोत्सव
स्थानीय कलाकारों की उपेक्षा पर उठा सवाल सवाल स्थानीय विधायक व कला संस्कृति पूर्वमंत्री ने भी जताई नाराजगी मढ़ौरा। एक संवाददाता मढ़ौरा हाई स्कूल परिसर में सोमवार को कला संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित...

स्थानीय कलाकारों की उपेक्षा पर उठा सवाल स्थानीय विधायक व कला संस्कृति पूर्वमंत्री ने भी जताई नाराजगी मढ़ौरा। एक संवाददाता मढ़ौरा हाई स्कूल परिसर में सोमवार को कला संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित होली महोत्सव महज औपचारिकता बनकर रह गया। कार्यक्रम में दर्शकों की उपस्थिति नगण्य रही और बिना जनभागीदारी के ही सभी रस्में पूरी कर ली गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महोत्सव की समुचित सूचना आमजन तक नहीं पहुंचाई गई, जिसके कारण कार्यक्रम में भीड़ नहीं जुट सकी। कार्यक्रम में कुछ सरकारी अधिकारी, कर्मचारी व सीमित संख्या में छोटे स्कूली बच्चों की मौजूदगी में आयोजन का कोरम पूरा किया गया।
कुमारी अनीशा ने गणेश वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद लोक गायक सुमन कुमार और लखन लाल राम ने होली गीत प्रस्तुत किए। राहुल ग्रुप द्वारा झांकी पेश की गई, जबकि आलम राज, शुभम कुमार, बादल बवाली और मनोज कुमार महतो ने भी होली गीतों से समां बांधने का प्रयास किया। हालांकि मंच के सामने दर्शकों की कमी इन कलाकारों को खलती रही। कार्यक्रम का उद्घाटन अनुमंडल पदाधिकारी निधि राज ने किया, जबकि संचालन संजय भारद्वाज ने किया। स्थानीय कलाकारों में रोष इस वर्ष होली महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को आमंत्रित नहीं किए जाने से मढ़ौरा व आसपास के लोक कलाकारों में नाराजगी है। स्थानीय लोक गायक संत कुमार सिंह, रमाशंकर सिंह, अनिल कुमार श्रीवास्तव, पुष्पा सिंह और हेमंत कुमार सहित अन्य कलाकारों ने विभागीय अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। कलाकारों का कहना है कि न तो उन्हें आमंत्रित किया गया और न ही कार्यक्रम की पूर्व सूचना दी गई। उन्होंने आयोजन की पारदर्शिता और औचित्य पर प्रश्नचिह्न लगाया है। सरकारी राशि का किया गया दुरुपयोग : जितेंद्र स्थानीय विधायक व पूर्व कला संस्कृति मंत्री जितेंद्र कुमार राय ने भी आयोजन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मढ़ौरा में बसंत उत्सव व होली महोत्सव को उनके कला संस्कृति मंत्री रहते सरकारी कैलेंडर में शामिल कराया गया था और इन आयोजनों में व्यापक जनभागीदारी होती रही है। इस बार स्थानीय लोगों और होली महोत्सव समिति को कार्यक्रम से नहीं जोड़ा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि मढ़ौरा बसंत उत्सव और होली महोत्सव के लिए सरकार द्वारा चार लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है। उन्होंने कहा कि इस बार राशि का दुरुपयोग हुआ है, जिसकी जांच होनी चाहिए। कोट स्थानीय कलाकारों में मढ़ौरा के बादल बवाली को मौका दिया गया था और बाकी लोगों के लिए आगे से ध्यान रखा जाएगा। रही बात लोगों को सूचना देने की तो यह व्यवस्था स्थानीय स्तर पर करनी थी। डॉ विभा भारती जिला कला संस्कृति पदाधिकारी छपरा
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