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बेटा–बेटी को समान अधिकार, कानूनी जागरूकता जरूरी - न्यायमूर्ति डॉ. अंशुमान

बेटा–बेटी को समान अधिकार, कानूनी जागरूकता जरूरी - न्यायमूर्ति डॉ. अंशुमान

संक्षेप:

दाउदपुर (मांझी) में आयोजित समारोह में पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति डॉ. अंशुमान ने कानूनी जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय के साथ महिलाओं को समान अधिकार मिले हैं और आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं। कार्यक्रम में जेपी विवि के कुलपति ने नारी शक्ति पर भी प्रकाश डाला।

Dec 06, 2025 10:01 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, छपरा
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दाउदपुर (मांझी)। किसी भी प्रकार के शोषण और प्रताड़ना से बचने के लिए कानूनी जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। कानून ने नागरिकों को जो अधिकार प्रदान किए हैं, उनकी जानकारी सभी तक पहुंचनी चाहिए। यह बातें पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति डॉ. अंशुमान ने मांझी प्रखंड के बरेजा गांव स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित भूपेंद्र-सुरेंद्र तिवारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नामकरण व संस्थापक सचिव पंडित सर्वदेव प्रसाद तिवारी की प्रतिमा अनावरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। उन्होंने कहा कि पहले पुत्री, मां, पत्नी और माता के रूप में महिलाओं को अलग-अलग अधिकार प्राप्त थे, पर समय-समय पर संशोधन के बाद कानून ने बेटा और बेटी दोनों को समान अधिकार दिए हैं।

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2005 के कानून और उस पर 2019 में सर्वोच्च न्यायालय की व्याख्या के बाद बेटियों के अधिकार और भी स्पष्ट हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज बेटियां शिक्षित होकर हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर समाज और क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। विद्यालय के बच्चों को उन्होंने निष्ठा और मन लगाकर पढ़ाई करने की प्रेरणा दी। नारी किसी लिंग भेद की प्रतीक नहीं: कुलपति कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेपी विवि के कुलपति डॉ. (प्रो.) परमेंद्र बाजपेई ने कहा कि नारी किसी लिंग भेद की प्रतीक नहीं, बल्कि एक चरित्र और गुण है, जो स्त्री-पुरुष दोनों में विद्यमान होता है। नारी शक्ति की धुरी है और सदैव शक्तिशाली रही है, बस आत्म-विश्वास और अवसर देने की आवश्यकता है। उन्होंने बालिकाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने की अपील की। कार्यक्रम को पूर्व प्रधानाध्यापक बलिराम पांडेय, डॉ. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी, डॉ. प्रमोद तिवारी, हरेंद्र तिवारी, सत्येंद्र तिवारी आदि ने भी संबोधित किया। मुख्य अतिथि द्वारा मूर्ति के अनावरण के बाद पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों को बुके और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। संचालन शिक्षिका प्रतिमा सिंह ने किया।