Chapra News: 75 फीसदी उपस्थिति नहीं तो नहीं भर सकेंगे परीक्षा फॉर्म
Chapra News: जयप्रकाश विश्वविद्यालय में अब कक्षाओं से गायब रहने वाले छात्र-छात्राओं पर शिकंजा कसने की तैयारी है। यूजी और पीजी कक्षाओं में 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी। इसके अलावा, बाढ़ प्रभावित छात्रों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में होगी, और शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शोधार्थी पढ़ाई कराएंगे।

Chapra News: छपरा, हिन्दुस्तान संवाददाता। जयप्रकाश विश्वविद्यालय में अब कक्षाओं से गायब रहने वाले छात्र-छात्राओं पर शिकंजा कसने की तैयारी है। यूजी और पीजी कक्षाओं में 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी। इसके बिना परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं मिलेगी। परीक्षा फॉर्म भरने के लिए संबंधित विभागाध्यक्ष की पूर्वानुमति भी जरूरी कर दी गई है। वहीं, स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को प्रतिदिन एक घंटे पुस्तकालय में बैठकर अध्ययन करना होगा। विश्वविद्यालय में पिछले पांच दिनों में हुई विभिन्न बैठकों में लिए गए निर्णयों को अब लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बाढ़ प्रभावित छात्रों की पढ़ाई
बाढ़ प्रभावित छात्रों की हाइब्रिड मोड में होगी पढ़ाई कुलपति प्रो. परमेंद्र कुमार बाजपेई की अध्यक्षता में सात सितंबर को सभी संकायाध्यक्षों एवं स्नातकोत्तर विभागाध्यक्षों की बैठक हुई। इसमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन सुचारू रखने के लिए हाइब्रिड मोड में वर्ग संचालन का निर्देश दिया गया। इससे बाढ़ के कारण कॉलेज पहुंचने में परेशानी झेल रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी। 75 फीसदी उपस्थिति के अनुपालन से समयबद्ध तरीके से सिलेबस पूरा कराने पर भी जोर दिया गया है।
छात्रावास का निर्माण
हर कॉलेज में छात्रावास बनाने की तैयारी विश्वविद्यालय के प्रत्येक महाविद्यालय में एक छात्रावास का निर्माण शुरू कराने का निर्णय लिया गया है। इससे छात्र-छात्राओं के आवासन की व्यवस्था बेहतर होगी। विभागों और कक्षाओं में बिजली-पानी जैसी आधारभूत सुविधाओं की अनवरत आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेवारी संबंधित संकायाध्यक्षों को दी गई है।
शिक्षकों की कमी दूर करेंगे शोधार्थी
जिन महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण वर्ग संचालन प्रभावित होता है, वहां अब वर्ष 2023 में पीएचडी के लिए पंजीकृत शोधार्थी पढ़ाई कराएंगे। शोधार्थियों को अपने गाइड के महाविद्यालय में जाकर कक्षा लेने की अनुमति दी गई है। इसके लिए उन्हें टीचिंग एंड टेक्नोलॉजी से रूबरू कराया जा रहा है। इससे शिक्षकों की कमी वाले कॉलेजों में भी कक्षाओं का संचालन सुचारू रखने में मदद मिलेगी।
कॉलेज के सहायता केंद्र पर आवेदन
छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक महाविद्यालय में संचालित हेल्प डेस्क की निगरानी के लिए अध्यक्ष, छात्र कल्याण की अध्यक्षता में कमिटी गठित की गई है। कमिटी बारी-बारी से सभी कॉलेजों का निरीक्षण करेगी। अंकपत्र सुधार समेत अन्य समस्याओं के लिए व्यवस्था तय - छात्र-छात्राओं को अपनी समस्या से संबंधित सभी कागजात कॉलेज के सहायता केंद्र पर जमा करने होंगे। - आवेदन जमा करने के बाद पावती प्राप्त करनी होगी। - कॉलेज के प्राचार्य को आवेदन एक सप्ताह के अंदर विश्वविद्यालय भेजना होगा। - विश्वविद्यालय अगले दो सप्ताह में आवेदन का निष्पादन सुनिश्चित करेगा। - एक माह में काम नहीं होने पर छात्र विश्वविद्यालय के सहायता केंद्र में लिखित शिकायत कर सकेंगे। - शिकायत मिलने के एक सप्ताह के अंदर कार्य पूरा करने का निर्देश है। देरी के लिए दोषी कर्मियों पर कार्रवाई होगी।


