निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की जांच के बाद जुबानी जंग

Newswrap हिन्दुस्तान, छपरा
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दिघवारा नगर पंचायत के 18 वार्डों में नाला निर्माण और अन्य कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप की जांच पूरी हो गई है। नगर पंचायत की मुख्य पार्षद नीतू देवी ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। शिकायतकर्ता संजय कुमार ने निर्माण नियमों के पालन में अनियमितताओं की शिकायत की थी। जांच में कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं मिली।

निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की जांच के बाद जुबानी जंग

दिघवारा निस l नगर पंचायत के 18 वार्डों में नाला निर्माण व अन्य कार्यों में हुए वित्तीय अनियमितता के आरोप को लेकर बिहार सरकार के निगरानी सचिव को दिए गए आवेदन के आधार पर जांच पूरा होने के बाद से जुबानी चर्चा तेज हो गई हैl एक तरफ वादी नाली व स्लैब निर्माण व मरम्मत में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगा रहे हैं तो दूसरी तरफ नगर पंचायत की मुख्य पार्षद नीतू देवी ने आरोप को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया है l दिघवारा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 1 से 18 तक पुराने नाले की मरम्मत व उस पर स्लैब निर्माण से संबंधित कार्यों की जांच पिछले शनिवार को अधिकारियों द्वारा की गई थीl उक्त जांच अपर समाहर्ता के द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी व अभियंता दल के द्वारा किया गया थाl बता दें कि सैदपुर निवासी संजय कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में कार्यपालक पदाधिकारी, अभियंता व कर्मचारियों द्वारा वार्ड 1 से वार्ड 18 तक में स्थित नाला की मरम्मत में निर्माण नियमों का पालन नहीं करने की शिकायत वरीय पदाधिकारियों के यहां की गई थी lउधर नगर पंचायत की मुख्य पार्षद नीतू देवी ने बताया कि प्राक्कलन के अनुसार कनीय अभियंता व नाजिर की देख रेख में कार्य कराया गया है और कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा गया हैl नगर के कार्यपालक पदाधिकारी ने नगर विकास व आवास विभाग के विभागीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को पत्र लिखकर बताया है कि नगर क्षेत्र में नाला स्लैब और नाला निर्माण को लेकर प्राक्कलित राशि 89 लाख 42 हजार 700 थी जिसके आलोक में कार्य होने पर लगभग 82 लाख का भुगतान किया गया हैl योजनाओं का चयन नगर पंचायत की सशक्त स्थायी समिति द्वारा किया गया हैlशिकायत प्राप्त होने पर निर्माण कार्यों की फिर से जांच हुई जिसमें कोई प्रतिकूल टिप्पणी प्राप्त नहीं हुई हैl परसा: पीएचसी में आठ माह में नहीं हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक परसा,एक संवाददाता।

स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित लाभ मरीजों को दिलाए जाने एवं अस्पताल की व्यवस्था को दुरुस्त रखने और इसकी निगरानी को लेकर गठित रोगी कल्याण समिति की बैठक के लिए आठ माह भी कम पड़ गए और बैठक नहीं हो सकी। रोगी कल्याण समिति की बैठक तीन माह पर बुलाए जाने का प्रावधान है। बैठक नहीं होने से सदस्यों में रोष व्याप्त हैं। रोगी कल्याण समिति सदस्य अनु देवी एवं रंजिता देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बीते वर्ष के 29 अगस्त को बैठक बुलाई गई थी। बैठक में कई समस्याओं पर चर्चा की गई और समाधान का निर्णय लिया गया लेकिन आज आठ माह से अधिक हो गए लेकिन अभी तक इस नए वर्ष में बैठक नहीं बुलाई गई। सदस्यों ने बताया कि पूर्व में भी साढ़े पांच साल तक रोगी कल्याण समिति की बैठक नहीं बुलाई गई थी जिस पर जनप्रतिनिधियों ने रोष जताते हुए बीडीसी की बैठक में इस मुद्दे को उठाया था।इसके बावजूद भी अस्पताल प्रबंधन व चिकित्सा पदाधिकारी इसकी उपेक्षा करते आ रहे हैं।

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