खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी नई ऊर्जा

खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी नई ऊर्जा

संक्षेप:

हेजलवुड स्कूल ने दीपावली और धनतेरस के अवसर पर सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया। बच्चों ने नृत्य, गीत और नाटक प्रस्तुत किए, जिसमें भारतीय परंपरा को जीवंत किया गया। खेल प्रतियोगिता में स्कूल ने शानदार...

Oct 19, 2025 08:57 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, छपरा
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फोटो- 18- दीपावली और धनतेरस के अवसर पर सांस्कृतिक उत्सवों की श्रृंखला में आयोजित कार्यक्रम में हेजलवुड के निदेशक बी सिद्धार्थ व बच्चे छपरा, एक संवाददाता। जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता 2025-26 में शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ हेजलवुड स्कूल ने दीपावली और धनतेरस के अवसर पर भी सांस्कृतिक उत्सवों की श्रृंखला आयोजित कर विद्यालय वातावरण को उत्साह, ऊर्जा और संस्कारों की रोशनी से भर दिया। खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन में संपन्न जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता 2025-26 में हेजलवुड स्कूल ने एक बार फिर अपने नाम का डंका बजाया। वालीबॉल (अंडर-14 गर्ल्स) में स्कूल की टीम ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय, दरियापुर को हराकर फाइनल जीत हासिल की।

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मैच कन्या उच्च विद्यालय, इनई में 17 अक्टूबर को हुआ। टीम की कप्तान सिफा परवीन, जो कि एक राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं ने शानदार नेतृत्व और खेल कौशल का परिचय दिया। बैडमिंटन में स्कूल ने अंडर-19 गर्ल्स और बॉयज़ (अंडर-19, अंडर-17, अंडर-14) सभी वर्गों में फाइनल जीत दर्ज की। चेस (अंडर-14) वर्ग में पार्थव ने प्रथम स्थान प्राप्त कर स्कूल का नाम रोशन किया। ताइक्वांडो (अंडर-17 गर्ल्स) में पर्खर प्रज्ञा ने हेवी वेट कैटेगरी में गोल्ड मेडल, और दिशा कुमारी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। (14 अक्टूबर 2025) वहीं रनिंग (अंडर-17) में अंशु कुमार ने 600 मीटर में तीसरा और 400 मीटर में चौथा स्थान प्राप्त किया। (15 अक्टूबर 2025) सांस्कृतिक और दीपावली उत्सव में बच्चों की रचनात्मक चमक: दीपों के पर्व दीपावली और धनतेरस के अवसर पर विद्यालय में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बच्चों ने मंच पर नृत्य, गीत, नाटक और भक्ति प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत की।स्कूल के अध्यक्ष बलदेव सिद्धार्थ ने कहा कि हेजलवुड स्कूल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और आत्मविश्वास का विद्यालय है। बच्चों ने खेलों में अनुशासन और समर्पण तो दिखाया ही, साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारतीय परंपरा की आत्मा को भी जीवंत किया है। -- कार्यक्रम का विशेष आकर्षण अयोध्या में दीपावली उत्सव का नाट्य मंचन रहा जिसमें बच्चों ने भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन का दृश्य भावनात्मक रूप में प्रस्तुत किया। मंच सजा दीपों, पुष्पों और भक्ति संगीत से, जिससे पूरा प्रांगण एक आध्यात्मिक वातावरण में डूब गया। इसी क्रम में छठ पर्व की भावना को समर्पित भक्ति गीतों की प्रस्तुति ने सभी को भावविभोर कर दिया। बच्चों ने ‘कांच ही बांस के बहंगिया और ‘उग हो सूरज देव जैसे पारंपरिक गीतों को सुर और भक्ति से सजाया, जिससे विद्यालय परिसर में लोक संस्कृति की गूंज सुनाई दी। सभी कक्षाओं के बच्चों ने मिलकर दीप उत्सव के अवसर पर रंग-बिरंगी, कलात्मक और मार्मिक रंगोलियाँ बनाईं। इन रंगोलियों में उन्होंने एकता, प्रकाश और सद्भाव का संदेश दिया। विद्यालय का पूरा परिसर दीपों की पंक्तियों, रंगोलियों और मुस्कुराते चेहरों से जगमगा उठा।