गड़खा बाजार के पेट्रोल पंप पर एक सप्ताह से ईंधन खत्म, लोगों को लौटना पड़ रहा खाली हाथ
पेज चार की लीड का शेष भाग पंपों पर बढ़ी भीड़ फोटो- 9 - ईंधन खत्म होने के कारण गुरुवार को गड़खा बाजार का बंद पेट्रोल पंप गड़खा गड़खा, एक संवाददाता। गड़खा बाजार स्थित एक पेट्रोल पंप पर बीते करीब एक...

पेज चार की लीड का शेष भाग कम्पनियों ने उधार देना किया बन्द, कैश एंड कैरी व्यवस्था लागू मिडिल ईस्ट तनाव और तेल महंगाई की अफवाहों से बढ़ी पेट्रोल पंपों पर बढ़ी भीड़ फोटो- 9 - ईंधन खत्म होने के कारण गुरुवार को गड़खा बाजार का बंद पेट्रोल पंप गड़खा गड़खा, एक संवाददाता। गड़खा बाजार स्थित एक पेट्रोल पंप पर बीते करीब एक सप्ताह से पेट्रोल और डीजल खत्म होने के कारण लोगों को बिना ईंधन लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। गुरुवार को भी पंप पर ताला लटका रहा, जिससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पंप पर ईंधन नहीं मिलने की वजह से आसपास के अन्य पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ देखी गई। कई वाहन चालक पेट्रोल लेने के लिए दूसरे पंपों पर भटकते नजर आए। वहीं, लोगों के बीच इस समस्या को लेकर तरह-तरह की चर्चा भी हो रही हैं। कुछ लोग इसे मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से जोड़कर देख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अब तक तेल कंपनियां डीलरों को दो से चार दिनों तक उधार पर ईंधन उपलब्ध कराती थीं, लेकिन हाल के दिनों में इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण कंपनियों ने कैश एंड कैरी मॉडल लागू कर दिया है। इसके तहत अब डीलरों को तेल का स्टॉक उठाने के लिए पहले ही भुगतान करना होगा। इस वजह से फ्यूल स्टेशन ड्राई होने लगे हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित पेट्रोल पंप की ओर से 7 और 8 मार्च को ड्राफ्ट जमा कर दिया गया था। इसके बावजूद डिपो से ईंधन की आपूर्ति नहीं हो सकी, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि इस संबंध में पंप संचालक की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इधर, दो दिन पहले गड़खा-मानपुर रोड स्थित एक अन्य पेट्रोल पंप पर भी कुछ समय के लिए ईंधन समाप्त हो गया था। पंप संचालक ने बताया था कि स्टॉक खत्म होने के कारण यह स्थिति बनी थी, लेकिन जल्द ही आपूर्ति होने पर समस्या दूर कर ली गई। तेल की कमी और बढ़ती कीमतों के अफवाहों के कारण वैसे भी पेट्रोल पंपों पर अचानक गाड़ियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। हालांकि प्रशासन और तेल कंपनियों ने साफ किया है कि सप्लाई बिल्कुल सामान्य है। बावजूद इसके डर की वजह से लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करा रहे हैं। कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि मिडिल ईस्ट में उपजे तनाव के कारण आने वाले दिनों में देश में पेट्रोल-डीजल मिलना मुश्किल हो जाएगा। इन झूठी खबरों पर यकीन करके कुछ लोग घबरा रहे हैं और सावधानी के तौर पर बड़ी संख्या में फ्यूल स्टेशनों पर पहुंच रहे हैं। वहीं प्रशासन की माने तो डीजल, पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।इधर एलपीजी गैस सिलेंडर को बुक करने के लिए उपभोक्ताओं को इन दिनों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग गैस एजेंसी के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। सिलेंडर की किल्लत के बीच खबरें आ रही हैं कि लोग कॉल करके अपना सिलेंडर बुक नहीं करवा पा रहे हैं। नतीजतन गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। गैस सिलेंडर की किल्लत के चलते लोग कॉल पर सिलेंडर बुक नहीं करवा पा रहे हैं। कुदरबाधा निवासी अजय कुमार सिंह ने बताया कि गैस बुकिंग के लिए वे पिछले पाँच दिनों से परेशान हैं। कॉमर्शियल र सिलेंडर पर पूर्ण प्रतिबंध है। किसी भी हालत में सिलेंडर की मांग या सप्लाई बंद है। पिछले तीन दिनों से सिलेंडर की नहीं आई गाड़ी, उमड़े ग्राहक बुकिंग के लिए लग रही लंबी लाइन कई घरों में इंडक्शन और लकड़ी के चूल्हे का सहारा फोटो - 14 मढ़ौरा के इंडेन गैस एजेंसी पर आज तीसरे दिन भी नही पहुची गैस सिलेंडर की गाड़ी, बुकिंग के लिए उपभोक्ताओं की उमड़ी भीड़ मढौरा मढ़ौरा, एक संवाददाता। गैस सिलेंडर की आपूर्ति में कमी आने के कारण मढ़ौरा की विभिन्न गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ गई है। पिछले तीन दिनों से सिलेंडर की गाड़ी नहीं पहुंचने के कारण सैकड़ों उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। मढ़ौरा स्थित बजरंग इंडेन गैस एजेंसी पर गुरुवार को भी बड़ी संख्या में लोग गैस सिलेंडर के लिए पहुंचे, लेकिन गैस उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर वापस जाना पड़ा। वहीं बुकिंग कराने के लिए दर्जनों लोग एजेंसी परिसर में लाइन में खड़े दिखाई दिए। गैस सिलेंडर लेने पहुंचे प्रमोद कुमार पप्पू, अशोक राय, सुरेंद्र सिंह, दिनेश सिंह और अमरेंद्र सिंह सहित अन्य उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके घर का गैस सिलेंडर खत्म हो चुका है। एजेंसी पर गैस उपलब्ध नहीं होने से खाना बनाने में काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में कई परिवारों को मजबूरन इलेक्ट्रिक इंडक्शन या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी कठिन हो गई है। गैस की आपूर्ति कम होने के कारण कई लोग दोबारा लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को विवश हो गए हैं। इधर गैस सिलेंडर को लेकर किसी प्रकार का विवाद या हंगामा न हो, इसके लिए अनुमंडल प्रशासन ने विभिन्न गैस एजेंसियों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी है। प्रशासन की निगरानी में सिलेंडरों का वितरण कराने की व्यवस्था की जा रही है। गैस सिलेंडरों की कमी का असर होटल और छोटे खाद्य व्यवसायों पर भी देखने को मिल रहा है। रसूलपुर में रसोई गैस को लेकर उपभोक्ता हलकान 1 - रसूलपुर भारत गैस एजेंसी पर पर्ची कटाने व केवाईसी कराने के लिए बुधवार की सुबह उमड़ी उपभोक्ताओं की भीड़ 5 - रसूलपुर भारत गैस एजेंसी सड़क गली में भारी संख्या में खाली गैस सैलेंडर से लदी उपभोक्ताओं की बाइकें रसूलपुर। थाना क्षेत्र में रसोई गैस को लेकर उपभोक्ता काफी हलकान हैं। गैस डिलिवरी वैन चालकों ने मोबाइल स्विचऑफ कर लिया है। मीडिया में चल रही गैस किल्लत की खबर जान लोग और भी उतावला हो रहे हैं और घर में गैस स्टॉक करने में लग गये हैं। रसूलपुर चट्टी पर भारत गैस एजेंसी कार्यालय के बाहर गुरूवार को सूर्योदय होते ही लोग केवाईसी कराने और गैस बुकिंग के लिए पर्ची कटाने के लिए लाइन में लग गये।दस बजते बजते काफी भीड़ बढ़ी तो धक्का- मुक्की होने लगी। हालांकि कार्यालय कर्मियों की सुझबूझ और मौके पर पुलिस बल के साथ तैनात मजिस्ट्रेट राजेश कुमार मित्तल ने शांतिपूर्वक लोगों से केवाईसी कराया और फिर पर्ची भी कटवाई। बुधवार तक पांच सौ से ऊपर सैलेंडर बुक हो चुका है। साढ़े चार सौ गैस ही एक बार में गोदाम में मिलता है। उधर माधोपुर गांव में उपभोक्ताओं के घरों के सामने गैस सिलेंडर रखें दिखे पर साप्ताहिक गैस डिलिवरी वाहन नहीं आया। दिघवारा के दोनों एचपी एवं इन्डेन गैस एजेंसी पर भीड़ 3 - शीतलपुर एचपी गैस ऐजेन्सी पर गैस के लिए उमड़ी भीड़ दिघवारा, निसं। दिघवारा के दोनों एचपी व इन्डेन गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ गई है। दिघवारा प्रखंड के दोनों एजेन्सी पर आवश्यकता से कम गाड़ी पिछले चार पांच दिनों से पहुंच रही है जिससे हर लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है । इन्डेन गैस एजेन्सी के मैनेजर राकेश कुमार ने बताया कि यहां प्रति दिन तीन गाड़ी गैस की आवश्यकता है मगर अभी एक गाड़ी आने के कारण लोगो को थोङी परेशानी हो रही है। शीतलपुर स्थित एचपी गैस एजेंसी पर गुरुवार को भी बड़ी संख्या में लोग गैस सिलेंडर के लिए पहुंचे, लेकिन गैस उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर वापस जाना पड़ा। ऐसे में कई परिवारों को मजबूरन इलेक्ट्रिक इंडक्शन या लकङी का सहारा लेना पड़ रहा है। इधर मांझी में गुरुवार की सुबह महम्मदपुर में महम्मदपुर-रसूलपुर मार्ग पर स्थित लक्ष्मण एचपी गैस एजेंसी के सामने मुख्य सड़क पर करीब पांच सौ मीटर लंबी गैस उपभोक्ताओं की कतार लग गई, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। रसोई गैस की कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई वितरण व्यवस्था को सामान्य रखने को लेकर डीएम की अध्यक्षता में बैठक तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि सारण में फिलहाल गैस की किल्लत नहीं फ़ोटो 12 रसोई गैस वितरण व्यवस्था को लेकर कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक करते डीएम, साथ में जिला आपूर्ति पदाधिकारी न्यूमेरिक 67 दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति छपरा, नगर प्रतिनिधि। सारण जिले में रसोई गैस की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और किसी भी तरह की कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एलपीजी आपूर्तिकर्ता कंपनियों के प्रतिनिधियों, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और मार्केटिंग ऑफिसरों के साथ बैठक कर गैस वितरण व्यवस्था की समीक्षा की और निगरानी के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। सभी मार्केटिंग ऑफिसरों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्येक गैस एजेंसी का प्रतिदिन निरीक्षण करें और गैस के स्टॉक व वितरण की स्थिति का दैनिक प्रतिवेदन जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि गैस वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और थाना प्रभारी को भी अपने क्षेत्र में गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है। विधि व्यवस्था बनाए रखने को 67 दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त गैस एजेंसियों द्वारा पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में 21 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। ये अधिकारी प्रतिदिन गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इसके अलावा प्रत्येक गैस एजेंसी पर गैस वितरण के दौरान विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग 67 दंडाधिकारी और पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त आदेश जारी किया गया है। बैठक में उपस्थित एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि जिले में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं है। सभी उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पारदर्शी और नियंत्रित तरीके से गैस उपलब्ध कराई जा रही है। उपभोक्ताओं को इस संबंध में जानकारी देने के लिए जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों के बाहर सूचना संबंधी बैनर लगाने का निर्देश भी दिया। सभी एसडीओ- एमओ को फील्ड में रहने की हिदायत जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और मार्केटिंग ऑफिसरों को निर्देश दिया कि वे लगातार फील्ड में रहकर गैस वितरण व्यवस्था की निगरानी करें और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करें।रसोई गैस से संबंधित शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय किया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 06152-245023 जारी किया गया है, जिस पर सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक उपभोक्ता गैस वितरण से जुड़ी किसी भी समस्या की जानकारी दे सकते हैं। नियंत्रण कक्ष में दो पालियों में नोडल अधिकारी और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि कहीं भी गैस की कालाबाजारी या अनियमितता का मामला सामने आता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध एसेंशियल कमोडिटी एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे, जबकि सभी अनुमंडल पदाधिकारी और मार्केटिंग ऑफिसर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।
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