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बालू माफियाओं की खोज में जुटी ईओयू, टीम बनाकर कर रही चिह्नित

हिन्दुस्तान टीम,छपराNewswrap
Mon, 12 Jul 2021 09:50 PM
बालू माफियाओं की खोज में जुटी ईओयू, टीम बनाकर कर रही चिह्नित

छपरा। नगर प्रतिनिधि

लाल बालू के खेल में शामिल बालू माफियाओं के आर्थिक साम्राज्य को ध्वस्त करने के लिए राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। बालू माफियाओं को चिह्नित करने के लिए ईओयू टीम बनाकर खोज में जुटी हुई है। जिला प्रशासन को इसके लिए एक पत्र भी भेजा गया है और उसकी रिपोर्ट मांगी गयी है। रिपोर्ट आने के पहले ईओयू अपने स्तर से भी इस पर काम कर रही है। बालू वाले इलाके में दो सदस्यीय टीम को भेज कर गोपनीय तरीके से माफियाओं की खोज करा रही है। इस काम को लेकर आर्थिक अपराध इकाई को पूरी छूट भी दी गई है। ईओयू की दो सदस्यीय टीम में उन्हीं अफसरों को शामिल किया गया है जो संबंधित इलाके के हों या फिर उस क्षेत्र से पूरी तरह वाकिफ हों। जिले की भौगोलिक संरचना की अच्छी जानकारी भी रखते हों। यह कार्य बालू के कारोबार वाले जिले में अलग-अलग टीम गोपनीय तरीके से कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आर्थिक अपराध इकाई की टीम कई बार सारण का दौरा भी कर चुकी है और गोपनीय तरीके से सोनपुर से लेकर मांझी, बनियापुर व अन्य स्थानों के बालू माफियाओं के बैंक खाते से लेकर उनके द्वारा अर्जित की गयी अकूत संपत्ति की भी जानकारी जुटाई है। आर्थिक अपराध इकाई को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। जानकारी के मुताबिक, ईओयू को सोनपुर- डोरीगंज के कुछ बालू माफियाओं के बैंक खाते व उनके द्वारा खरीदी गई लग्जरी गाड़ियों के बारे में अहम जानकारी मिली है। यह भी पता चला है कि कई बालू माफियाओं ने राज्य के बाहर भी अपनी संपत्ति बनाई है और दूसरे कई धंधों में भी निवेश किया है। टीम में शामिल एक पदाधिकारी ने बताया कि सारण के अलावा अन्य जिलों में भी आर्थिक अपराध इकाई की टीम राज्य मुख्यालय से भेजी गई थी। हालांकि आर्थिक अपराध इकाई की टीम को स्थानीय पुलिस के स्तर पर सहयोग नहीं मिलने की भी बात सामने आई है। मालूम हो कि सारण में कई ऐसे बालू माफिया रातों-रात अमीर बन गए हैं, जो पहले आर्थिक रूप से काफी कमजोर थे। अब महंगी गाड़ियों के भी मालिक बन गए हैं और ऐशो आराम की जिंदगी जी रहे हैं। ईओयू की जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि बालू माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण भी समय-समय पर मिलता रहा है।

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