
नवोदय प्रवेश परीक्षा की तैयारी तेज, 30 दिसंबर को होगी परीक्षा
जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा छह में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। इस वर्ष 80 सीटों के लिए 3608 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा 30 दिसंबर को होगी।
छपरा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा छह में नामांकन के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा को लेकर शुक्रवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण की मौजूदगी में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी सात परीक्षा केंद्रों के सीएस, विद्यालयों के प्राचार्य व सभी बीईओ शामिल हुए। डीईओ ने निर्देश दिया कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी वातावरण में संपन्न हो। उन्होंने सीटिंग प्लानिंग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि परीक्षार्थियों को उनकी निर्धारित सीट पर बैठाना अनिवार्य होगा। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य डॉ. समरकेतु ने परीक्षा से संबंधित अबतक की तैयारी और व्यवस्थाओं की जानकारी डीईओ को दी।
उन्होंने बताया कि सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बताया गया कि नवोदय विद्यालय में छठी कक्षा की कुल 80 सीटों के लिए इस वर्ष 3608 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया है। यह प्रवेश परीक्षा 30 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। मिट्टी है तो जीवन है: विश्व मृदा दिवस पर किसानों को मिला संदेश फोटो 17 : विश्व मृदा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला कृषि कार्यालय में वितरण किए गए मृदा स्वास्थ्य के साथ किसान और कृषि पदाधकारी छपरा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। विश्व मृदा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला कृषि कार्यालय के सभागार में जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक निदेशक रसायन मिट्टी जांच प्रयोगशाला बाबू चंद सिंह ने की। इस दौरान किसानों को मिट्टी की सेहत, संतुलित उर्वरक उपयोग और टिकाऊ खेती के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सदर प्रेमलता कुमारी, सोनपुर की प्रवीणा कुमारी, कृषि समन्वयक विनोद कुमार सिंह, अनिरुद्ध कुमार सिंह, बिजय सिंह, शंभू सिंह, किसान सलाहकार अमित कुमार, संजय सिंह, लोकेश सिंह, नूतन निवेदिता, प्रखंड कृषि पदाधिकारी जैविक मधुसूदन कुमार सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों के अधिकारी और किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम में किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए, जिससे उन्हें अपनी भूमि की गुणवत्ता के अनुसार फसल चयन और उर्वरक उपयोग में मदद मिलेगी। वक्ताओं ने कहा कि मिट्टी की उर्वरता बचाना आज की सबसे बड़ी चुनौती है और जागरूक किसान ही भविष्य की खेती को मजबूत बनाएंगे। कार्यक्रम जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में भी आयोजित किया गया, जहां कृषि अधिकारियों ने किसानों को मिट्टी जांच और वैज्ञानिक कृषि पद्धति अपनाने की सलाह दी।

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