अमन, शांति, भाईचारा व इंसानियत का संदेश है ईद-उल-अजहा

हिन्दुस्तान, छपरा
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ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर जिले भर में नमाज अदा की गई। इमामों ने अमन और भाईचारे का संदेश दिया। कुर्बानी का असली उद्देश्य बुराइयों को खत्म करना है। बकरीद पर लोग बाजार में बकरियों की खरीदारी में व्यस्त रहे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल तैनात रहा।

अमन, शांति, भाईचारा व इंसानियत का संदेश है ईद-उल-अजहा

त्याग, सब्र व अल्लाह की राह में कुर्बानी का पर्व नमाज के बाद इमामों ने दिया अमन, शांति और इंसानियत का संदेश फोटो- 14- छपरा ईदगाह में गुरुवार को बकरीद की नमाज अदा करते मुसलमान 9 छपरा ईदगाह में गुरुवार को बकरीद की नमाज अदा करते मुसलमान फोटो 8- दिघवारा बाईसागवा ईदगाह में गुरुवार को नमाज अदा करते मुस्लिम लोग पेज चार की लीड छपरा, हमारे प्रतिनिधि। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर गुरुवार को जिले भर की मस्जिदों और ईदगाहों में अकीदत और एहतराम के साथ नमाज अदा की गई। नमाज के बाद आयोजित खुतबा (तकरीर) में इमामों और उलेमाओं ने अमन, शांति, भाईचारा और इंसानियत की भलाई का संदेश दिया। उलेमाओं ने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, सब्र और अल्लाह की राह में कुर्बानी का पर्व है। यह पर्व हमें देश की सुरक्षा, समाज में शांति और मानवता की रक्षा के लिए हर प्रकार का बलिदान देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी का असली उद्देश्य केवल जानवर की बलि देना नहीं, बल्कि अपने अंदर की बुराइयों, घमंड और नफरत को खत्म करना है। ईद-उल-अजहा इस संकल्प को ताजा करने का दिन है कि हम इन्सानियत और देश की सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार का बलिदान करने से नहीं हिचकिचाएंगे। भले ही हमें किसी भी प्रकार की कठिनाइयों और संकटों का सामना करना पड़े। सुबह से दिखा नूरानी माहौल जिले की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह छह बजे से लेकर दस बजे तक अलग-अलग समय पर नमाज अदा की गई। कुर्ता-पायजामा और टोपी पहने लोग इत्र की खुशबू के साथ जब नमाज के लिए निकले तो पूरा माहौल नूरानी हो उठा। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी, जिससे आपसी भाईचारे और मोहब्बत का खूबसूरत दृश्य देखने को मिला। नमाज के बाद लोगों ने सुन्नत-ए-इब्राहीम पर अमल करते हुए कुर्बानी दी। इस दौरान मदरसों और अनाथालयों से जुड़े लोग कुर्बानी के चमड़े एकत्र करने में व्यस्त दिखे। शाम होते ही लोग एक-दूसरे के घर पहुंचकर त्योहार की खुशियां साझा करते नजर आए। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया।

सुन्नत-ए-इब्राहीम की याद में मनाया जाता है पर्व

उलेमाओं ने बताया कि हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अल्लाह के हुक्म पर अपने सबसे प्यारे बेटे हजरत इस्माईल की कुर्बानी देने का संकल्प लिया था। उनकी इसी आज्ञाकारिता और त्याग की याद में दुनियाभर के मुसलमान ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी करते हैं। उन्होंने कहा कि इस्लाम में त्याग और बलिदान का विशेष महत्व है। ईद-उल-अजहा इंसान को यह संदेश देती है कि वह मानवता, भाईचारे और समाज की भलाई के लिए हमेशा तैयार रहे।

बकरी के लिए जुटे खरीदार, बाजार भी रहा गुलजार

छपरा। बकरीद को लेकर बकरी की खरीदारी के लिए खरीदार जुटे व बाजार भी गुलजार रहा। बाजार में सेवइयों समेत कपड़े, जूते-चप्पल की बिक्री हुई। बकरीद को लेकर कुर्बानी के लिए 15 से 50000 तक के बकरों की बाजार में बिक्री हुई। यूं तो बकरीद पर कुर्बानी के लिए बकरा पालने को तरजीह दिया जाता है ताकि उसे लगाव व प्रेम पैदा हो, तब उसकी कुर्बानी दी जाए मगर शहर में जगह के अभाव के कारण लोग जानवर पालने की जगह खरीदारी करते हैं। कुर्बानी के लिए लोग बकरा पालने वालों के घर पहुंचे और खरीदारी की। इस साल बकरे की कीमत 15 से 50 हजार रुपए तक पहुंच गई। जिले के करीम चक मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि एक माह पूर्व 25000 में बकरे की खरीदारी की थी । वही अली ने बताया की कुर्बानी के लिए इस वर्ष 20000 में बकरी की खरीदारी की। खनुआ पर बिक रहे बकरों का रेंज 15000 से ऊपर ही रहा।

मांझी में भाईचारे के साथ अदा हुई बकरीद की नमाज

फोटो- 1 - मांझी के ईदगाह में गुरुवार को बकरीद की नमाज अदा करते मुस्लिम समुदाय के लोग। दाउदपुर(मांझी)। प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में गुरुवार को बकरीद का त्योहार हर्षोल्लास व आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। सुबह छह बजे से नमाज अदा करने का सिलसिला शुरू हुआ, जो करीब साढ़े सात बजे तक चलता रहा। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग नए परिधानों में सज-धज कर अपने नजदीकी मस्जिदों और ईदगाहों में पहुंचे और सामूहिक रूप से नमाज अदा की।

एकमा में भाईचारे और उल्लास के साथ मनाई गई बकरीद

4 - एकमा के परसा गढ़ के बड़ी मस्जिद में गुरुवार बकरीद की नमाज अदा करते नमाजी एकमा। नगर पंचायत एकमा सहित प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में गुरुवार को बकरीद का पर्व आपसी भाईचारे और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। परसागढ़ बाजार स्थित बड़ी मस्जिद समेत कई मस्जिदों में सुबह से ही नमाज अदा करने के लिए नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी मस्जिद में मौलाना मुबारक ने दूरदराज से पहुंचे नमाजियों को बकरीद की नमाज अदा कराई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर पर्व की मुबारकबाद दी और अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।

इसुआपुर में बकरीद की नमाज को लेकर ईदगाहों में उमड़ी भीड़

फोटो- 5- इसुआपुर बाजार स्थित ईदगाह परिसर में गुरुवार को बकरीद की नमाज अदा करते हुए नमाज़ी। इसुआपुर, एक संवाददाता। प्रखंड में बकरीद शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो गई । शांति व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीपीओ मढ़ौरा -2 सुधांशु कुमार, सीओ सतीश कुमार सिंह, बीडीओ इंजीनियर सत्यम सिंह, मजिस्ट्रेट कमल राम, सीडीपीओ चंद्रकांति कुमारी, थानाध्यक्ष गौरव कुमार गौरव, बीएओ अनीश कुमार , एसआई पूजा कुमारी मुस्तैद थे। ईदगाह परिसर में नमाजियों को संबोधित करते हुए जामा मस्जिद इसुआपुर के इमाम इजहार अशरफ ने कहा कि ईद-उल-अजहा का संदेश कुर्बानी, भाईचारा और इंसानियत है। प्रखंड के विभिन्न गांवों दरवां, रेपुर, रामचौरा, सहवां, टेढ़ा, अगौथर, महुली, चांदपुरा, परसा,मुरवां, शामपुर व अन्य गांवों में भी बकरीद हर्षोल्लास के साथ मनाई गया।

परसा में भी शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया बकरीद

परसा,एक संवाददाता। विभिन्न गांवों में गुरुवार को बकरीद का पर्व हर्षोल्लास व शांति पूर्वक मनाया गया। माड़र, सरायसहो, बहड़माड़र, अंजनी, चेतन परसा, अन्याय, शंकरडीह,सैदपुर सहित कई मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ ज्यादा दिखी। सभी भीड़-भाड़ वाले मस्जिदों व ईदगाहों के समीप शांति व्यवस्था कायम रखने को लेकर पुलिस अधिकारी प्रतिनियुक्त किए गए थे। चौकीदारों को भी चौकसी के साथ मस्जिदों के समीप लगाया गया था। पर्व में शांति व्यवस्था कायम रखने के उद्देश्य से सोनपुर डीएसपी प्रीतेश कुमार भी थाना पहुंचे व थानाध्यक्ष ओमप्रकाश से जानकारी ली।कई गांवों में थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस बल के जवान पूरी मुश्तैदी के साथ गश्ती करते रहे।कई जनप्रतिनिधियों ने भी मुस्लिम भाईयों के घर पहुंचकर बकरीद की बधाईयां दी।

तरैया में शांतिपूर्ण माहौल में अदा हुई बकरीद की नमाज

तरैया। ईद उल अजहा के अवसर पर प्रखंड के विभिन्न मस्जिदों में शांतिपूर्ण माहौल में नमाज अदा की गई। तरैया, शहनेवाजपुर, गलिमापुर, माधोपुर छोटा, राजवाड़ा, रसीदपुर, भटगाई, फरीदपुरा और नंदनपुर सहित कई क्षेत्रों में लोगों ने हर्षोल्लास के साथ नमाज अदा की। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी प्रमुख मस्जिदों पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया।

ईद-उल-अजहा पर सारण पुलिस रही पूरी तरह सतर्क

छपरा, हमारे संवाददाता। ईद-उल-अजहा पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण व सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था गुरुवार को की गई। पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। सीनियर एसपी विनीत कुमार ने बताया कि जिले के प्रमुख चौक-चौराहों, मस्जिदों, ईदगाहों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारियों व जवानों की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार गश्ती अभियान चलाया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, अव्यवस्था या अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। पुलिस की ओर से विशेष निगरानी टीमों का भी गठन किया गया था, जो विभिन्न क्षेत्रों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए थीं।

सामान्य प्रश्न

ईद-उल-अजहा का पर्व किस प्रकार मनाया गया?
ईद-उल-अजहा का पर्व हर्षोल्लास व आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। नमाज अदा करने के बाद इमामों ने अमन और भाईचारे का संदेश दिया।
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