डायवर्जन ध्वस्त होने के तीन दिनों बाद सायफन डालने का काम शुरू
गुरुवार को डायवर्जन के बह जाने से गड़खा बाजार और आसपास के गांवों में आवागमन में भारी परेशानी हुई। लोग 2 किमी अतिरिक्त दूरी तय कर रहे हैं। रविवार को नदी में सायफन और रेत की बोरियां डालने का काम शुरू...

बीते गुरुवार को पानी के बहाव में बह गया था डायवर्जन डायवर्जन के बहने से लोगों को आवागमन में हो रही भारी परेशानी 13 निर्माणाधीन गड़खा पुल के पास नदी पर ध्वस्त डायवर्जन के पास नदी में डाली जा रही रेत की बोरियां हिन्दुस्तान असर गड़खा, एक संवाददाता। गड़खा बाजार स्थित निर्माणाधीन पुल के पास बनाये गये डायवर्जन ध्वस्त होने के तीन दिनों बाद आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था बहाल करने के लिए रविवार को नदी में सायफन और रेत की बोरियां डालने का काम शुरू हो गया। इससे गड़खा बाजारवासियों व आसपास के गांवों के लोगों में खुशी है। उम्मीद है कि सोमवार या मंगलवार तक डायवर्जन बनाने का काम पूरा हो जाएगा। लोगों की परेशानी को देखते हुए आपके अपने अखबार हिंदुस्तान ने 18 अक्टूबर के अंक में इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था। जाहिर है कि बीते गुरुवार को डायवर्जन पानी के बहाव में फिर बह गया था तबसे लोगों को आवागमन में हो रही भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। गड़खा बाजार, मैकी, बीबीपुर, रायपुरा समेत आसपास के गावों के रहने वाले लोगों को दो किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर आना-जाना पड़ रहा है। उन्हें गंडकी नदी के समानांतर बने आरडब्ल्यूडी रोड का प्रयोग करना पड़ रहा है। डायवर्जन के बह जाने के कारण राहगीरों को भी लंबी दूरी तय कर मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ रहा है। थाना, ब्लॉक, सर्किल ऑफिस, अस्पताल आने जाने में आम से लेकर खास सबों की परेशानी बढ़ गई है। दुकानदारों को भी काफी परेशानी हो रही है। बड़ी संख्या में लोगों ने डीएम को आवेदन देकर नदी पर मानक के अनुसार डायवर्जन बनाये जाने की मांग की थी।
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