आवास योजना, स्वच्छता अभियान और मनरेगा की प्रगति पर जिलाधिकारी ने की बैठक, कई योजनाओं की धीमी रफ्तार पर जताई
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी अपूर्ण आवासों को जल्द पूरा कराने और अन्य योजनाओं के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मनरेगा सहित कई योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस 2.0 में दर्ज 1,68,566 लाभुकों का सत्यापन कराया जा रहा है। इनमें अब तक 1,06,357 लोगों का सत्यापन किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष सभी लाभार्थियों का सत्यापन जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया। वहीं वर्ष 2024-25 और 2025-26 में तीसरी किस्त की राशि पाने वाले 18,214 लाभार्थियों में से 13,765 ने अपना आवास निर्माण कार्य पूरा कर लिया है।
पिछले एक महीने में 435 आवास का निर्माण पूरा हुआ है। जिलाधिकारी ने सभी अपूर्ण आवासों को लाभुकों से संपर्क कर शीघ्र पूरा कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लाभुक निर्माण कार्य पूरा नहीं करेंगे, उनसे राशि की वसूली के लिए नीलाम पत्र वाद दायर किया जाएगा।बैठक में बताया गया कि वर्ष 2016-17 से 2021-22 तक कुल 79,594 आवास स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 77,840 आवास का निर्माण पूरा हो चुका है। जिलाधिकारी ने शेष आवासों को भी जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत भी सभी अपूर्ण आवासों को एक माह के भीतर पूरा कराने को कहा गया। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की समीक्षा में बताया गया कि जिले की 318 पंचायतों में से 242 पंचायतों में वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (डब्ल्यूपीयू) का निर्माण कराया गया है। जिलाधिकारी ने सभी पंचायतों के वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने और सभी डब्ल्यूपीयू को क्रियाशील रखने का निर्देश दिया। साथ ही खराब पड़े ई-रिक्शा और पैडल ट्राइसाइकिल की तत्काल मरम्मत कराने को कहा गया। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा प्रखंड समन्वयकों को पंचायतों का प्रतिदिन भ्रमण करने का निर्देश दिया। व्यक्तिगत शौचालयों की जियो टैगिंग का कार्य भी जल्द पूरा करने को कहा गया। बैठक में प्रखंड स्तर के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया गया। अनुपालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसके अलावा मोक्षधाम के विकास, पंचायतों में खेल मैदान तथा ग्रामीण हाट निर्माण के लिए उपयुक्त स्थलों का प्रस्ताव जल्द भेजने को कहा गया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के मृत चिह्नित लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कराने का भी निर्देश दिया गया। वहीं प्रत्येक प्रखंड में धान अधिप्राप्ति लक्ष्य के मुकाबले कम खरीद वाले पैक्सों की जांच बीडीओ और बीसीओ को संयुक्त रूप से करने और कारण सहित प्रतिवेदन देने को कहा गया। मनरेगा के तहत सूचीबद्ध सभी मजदूरों का ई-केवाईसी कार्य भी शत-प्रतिशत पूरा कराने का निर्देश दिया गया। अभी तक लगभग 55 प्रतिशत मजदूरों का ई-केवाईसी हो सका है। बैठक में उप विकास आयुक्त, निदेशक डीआरडीए, निदेशक एनईपी, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, जिला समन्वयक एलएसबीए, प्रखंड समन्वयक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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