जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की हिदायत
सारण जिले में प्रशासनिक कार्यों की गति तेज करने के लिए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सख्त निर्देश दिए हैं। जनशिकायतों का समयबद्ध निष्पादन और संभावित बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों पर जोर दिया गया है। सभी अधिकारियों को संबंधित कार्यों की निगरानी और प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनशिकायतों के त्वरित निष्पादन और बाढ़ तैयारी पर निर्देश सामुदायिक रसोई संचालन के लिए उपयुक्त स्थलों को करें चिह्नित छपरा, नगर प्रतिनिधि। सारण जिले में प्रशासनिक कार्यों की गति तेज करने, जनशिकायतों के समयबद्ध निष्पादन और संभावित बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
बैठक में निर्देश
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित साप्ताहिक समन्वय बैठक में जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक में जनगणना कार्य, सहयोग पोर्टल, अतिक्रमण हटाओ अभियान, आरटीपीएस लंबित आवेदन और न्यायालय से संबंधित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश देते हुए सभी चार्ज पदाधिकारियों को शत-प्रतिशत एच एल बी में ऑनलाइन प्रविष्टि कार्य तत्काल प्रारंभ कराने को कहा। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के 20 चार्ज में लगभग 93 प्रतिशत एच एल बी में ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि का कार्य पूरा हो चुका है। जिलाधिकारी ने शेष सभीएच एल बी में बिना विलंब कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सहयोग शिविर और मॉनिटरिंग
जिलाधिकारी ने सहयोग शिविरके तहत प्राप्त सभी आवेदनों को विकसित किए गए सहयोग पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कराने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया। उन्होंने बताया कि पोर्टल के माध्यम से आवेदन स्वतः संबंधित पदाधिकारी को कार्रवाई के लिए आवंटित हो जाएगा। यदि निर्धारित समय सीमा में निष्पादन नहीं होता है तो मामला संबंधित विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी के लॉगिन में प्रदर्शित होगा और वहां भी कार्रवाई लंबित रहने पर सीधे जिलाधिकारी के लॉगिन में दिखेगा। इससे शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
बाढ़ आपदा की तैयारी
बैठक में संभावित बाढ़ आपदा को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को बाढ़ की स्थिति में आश्रय स्थल व सामुदायिक रसोई संचालन के लिए उपयुक्त स्थलों को चिह्नित कर सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अंचलवार रोस्टर के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार चलाने को कहा गया।
न्यायालय में लंबित मामले
इसके अलावा विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों के संबंध में समय पर तथ्य विवरणी दाखिल करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया। जिलाधिकारी ने सीपी ग्राम,मुख्यमंत्री ई-डैशबोर्ड, जनता दरबार और समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित कर कार्रवाई प्रतिवेदन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।आरटीपीएस के तहत राशन कार्ड से संबंधित लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्धारित समय सीमा पार कर चुके सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में उपविकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता विधि-व्यवस्था, निदेशक डीआरडीए सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी जुड़े रहे।
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