अब अनुदानित शिक्षकों व विद्यालयों के विवाद का होगा त्वरित निपटारा
छपरा में जिला शिक्षा अपीलीय प्राधिकार ने अनुदानित इंटर और उच्च माध्यमिक विद्यालयों से जुड़े सभी विवादों के निपटारे का निर्णय लिया है। अब सभी शिकायतें और विवाद अपीलीय प्राधिकार के पास ही भेजे जाएंगे।...

छपरा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। अनुदानित इंटर व उच्च माध्यमिक विद्यालयों से जुड़े सभी तरह के विवादों का निपटारा अब जिला शिक्षा अपीलीय प्राधिकार करेगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि विभागीय अधिसूचना संख्या 972, दिनांक 19 मई 2015 के तहत बिहार अनुशासित शिक्षण संस्था प्राधिकार नियमावली लागू की गई है। इस नियमावली के अनुसार जिला शिक्षा अपीलीय प्राधिकार गठित किया गया है, जो संबंधित विद्यालयों से जुड़े सभी विवादों और शिकायतों की सुनवाई करेगा। नए प्रावधान के तहत विद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की सेवा शर्तें, पदस्थापन, वेतन भुगतान, अनुशासनात्मक कार्रवाई, नियुक्तियों से संबंधित विवाद और अनुदान वितरण में गड़बड़ी जैसे मामलों का निपटारा अपीलीय प्राधिकार के स्तर पर किया जाएगा।
डीईओ ने स्पष्ट किया है कि अब ऐसे किसी भी मामले को सीधे जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में नहीं भेजा जाएगा। विद्यालय प्रबंध समितियां, प्राचार्य और शिक्षक अपने सभी विवादों और शिकायतों को अपीलीय प्राधिकार के पास ही लेकर जाएं।डीईओ ने सभी संबंधितों को निर्देशित किया है कि आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें और अधीनस्थ सभी शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को इसकी जानकारी दे दें ताकि भविष्य में किसी तरह की असुविधा न हो। -- मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधा सुनिश्चित करें : आरडीडीई फोटो - 18 जिला स्कूल के सभागार में अभियंताओं के साथ बैठक करते आरडीडीई राजदेव राम छपरा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जिला स्कूल सभागार में क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई) राजदेव राम की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में तीनों जिले-सारण, सिवान और गोपालगंज के डीएमटी तथा ईई के साथ संबंधित पदाधिकारी शामिल हुए।बैठक में आरडीडीई ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विधानसभा चुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधाएं (एएमएफ) उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसके लिए सभी पदाधिकारी समय पर तैयारी सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि योजनानुसार विद्यालयों का चयन कर प्राथमिकता सूची (सूची-13 और सूची-14) में उपलब्ध कराना होगा। साथ ही, निष्पादित असैनिक व मरम्मति संबंधी कार्यों के भुगतान के लिए संचित जांच सूची के आधार पर प्रतिवेदन भेजा जाना चाहिए। बैठक में यह भी तय हुआ कि सभी कनीय अभियंता, अवर अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय प्रबंधक अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत करेंगे। आरडीडीई ने कहा कि चुनाव की तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में आरडीडीई कार्यालय की कार्यक्रम पदाधिकारी सोनाली संचिता, प्रधान लिपिक मनोज कुमार, विवेक राज व अन्य थे।
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