सारण के विकास को मिलेगी रफ्तार, लंबित योजनाएं होंगी पूरी : रूडी

Apr 07, 2026 09:37 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, छपरा
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दिशा की बैठक में तय हुई विकास की रूपरेखा में सांसद राजीव प्रताप रूड़ी, जनार्दन सिंह सीग्रीवाल, विधायक जनक सिंह डीएम वैभव श्रीवास्तव एसएसपी विनीत कुमार न्यूमेरिक 02 सत्रों में हुई बैठक 04 दर्जन से...

सारण के विकास को मिलेगी रफ्तार, लंबित योजनाएं होंगी पूरी : रूडी

दिशा की बैठक में तय हुई विकास की रूपरेखा बैठक में योजनाओं की हुई समीक्षा फोटो 19 कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को आयुर्वेद दिशा की बैठक में सांसद राजीव प्रताप रूड़ी, जनार्दन सिंह सीग्रीवाल, विधायक जनक सिंह डीएम वैभव श्रीवास्तव एसएसपी विनीत कुमार न्यूमेरिक 02 सत्रों में हुई बैठक 04 दर्जन से अधिक विभागों के वरीय पदाधिकारी हुए शामिल पेज चार की लीड, 150 शब्द की खबर की जगह बना कर रखें छपरा, नगर प्रतिनिधि।जिला स्तरीय विकास समन्वय व निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के विकास कार्यों को नई रफ्तार , लंबित परियोजनाओं में आ रही तकनीकी अड़चनों को दूर करने और जनहित की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने को लेकर सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी के संकल्प साथ शुरू हुई।

सांसद की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में न केवल पूर्व में लिए गए निर्णयों की समीक्षा की गई, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास की स्पष्ट रूपरेखा भी तय की गई। बैठक में महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल सह-अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने दोनों सांसदों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।बैठक की शुरुआत 22 अगस्त 2025 को आयोजित पिछली दिशा बैठक में उठाए गए बिंदुओं के अनुपालन की समीक्षा से हुई। एक-एक बिंदु पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों से प्रगति रिपोर्ट ली गई और जहां कमी पाई गई, वहां शीघ्र सुधार के निर्देश दिए गए। जनहितकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सारण अग्रणी सांसद राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि सारण में विकास कार्यों को जनभागीदारी और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के प्रति जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि सारण कई जनहितकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में अग्रणी रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिशा की बैठकें केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विकास की गति को बनाए रखने और उसे और प्रभावी बनाने का सशक्त माध्यम हैं। भू-अर्जन से जुड़ी परियोजनाओं पर विशेष जोर भू-अर्जन से जुड़ी परियोजनाओं पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया गया कि जिले में चल रही सभी परियोजनाओं की समेकित सूची तैयार कर सभी सदस्यों को उपलब्ध कराई जाए। इस सूची में प्रत्येक परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित भूमि, पंचाटियों की संख्या, मुआवजा प्राप्त करने वाले लाभुकों की संख्या, लंबित मामलों की स्थिति तथा शेष भुगतान की समय-सीमा का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी। आठ सड़कों के किनारे स्थित वृक्षों की जियो टैगिंग पूरा पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी बैठक में गंभीरता दिखाई गई। जिले के सरकारी भूमि पर स्थित वृक्षों की जियो टैगिंग की समीक्षा करते हुए वन प्रमंडल पदाधिकारी ने बताया कि अब तक आठ सड़कों के किनारे स्थित वृक्षों की जियो टैगिंग पूरी कर ली गई है। इस पर संतोष व्यक्त करते हुए अन्य सार्वजनिक स्थलों के वृक्षों की भी जियो टैगिंग शीघ्र कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही वृक्षारोपण और पूर्व से लगे वृक्षों की निगरानी के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था विकसित करने और इसके लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिया गया। 9951 घरों तक नल जल कनेक्शन बैठक में शहरी विकास के अंतर्गत अमृत योजना के तीसरे चरण के तहत छपरा नगर निगम क्षेत्र में 9951 घरों तक नल जल कनेक्शन पहुंचाने की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि इसके लिए बुडको द्वारा निविदा जारी की जा चुकी है। निर्देश दिया गया कि कार्य को उच्च प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। साथ ही, कार्य शुरू करने से पहले सभी वार्ड पार्षदों, स्थानीय विधायकों व पूर्व विधायकों के साथ बैठक कर लाभुकों की सूची साझा की जाए और उनके सुझावों के आधार पर आवश्यक संशोधन करते हुए हर घर तक नल जल कनेक्शन सुनिश्चित किया जाए। रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं की बाधा होगी दूर रेलवे से जुड़े परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कहा गया कि जिन योजनाओं के क्रियान्वयन में रेलवे के साथ समन्वय आवश्यक है, उनकी समेकित सूची दोनों सांसदों को उपलब्ध कराई जाए ताकि उच्च स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति दी जा सके।सांसद राजीव प्रताप ने कहा कि रेल के क्षेत्र में सारण को अग्रणी बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है रेल सुविधाओं का अधिक से अधिक विस्तार पर भी मंथन करने की जरूरत है। यूटिलिटी कोऑर्डिनेशन ग्रुप’ के गठन का निर्णय इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के कार्यों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए ‘यूटिलिटी कोऑर्डिनेशन ग्रुप’ के गठन का निर्णय लिया गया। यह समूह विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा, ताकि सड़कों और गलियों की बार-बार खुदाई की समस्या से निजात मिल सके। साथ ही स्पष्ट किया गया कि जिस विभाग द्वारा खुदाई कराई जाएगी, उसी की जिम्मेदारी मरम्मत कार्य को पूर्ण कराने की होगी। विद्यालयों की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए बनी रणनीति शिक्षा के क्षेत्र में भी कई अहम निर्देश दिए गए। जिले के जिन विद्यालयों की भूमि पर अतिक्रमण है, वहां शीघ्र पैमाइश कराकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही सभी शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए मई के प्रथम सप्ताह में सांसद की अध्यक्षता में अलग से बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसमें विद्यालय, महाविद्यालय, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों से जुड़े विषयों पर विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। अवैध रूप से बने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सख्ती राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे अवैध रूप से स्थापित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिया गया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिन प्रतिष्ठानों ने भूमि का विधिवत परिवर्तन नहीं कराया है, उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। कई सदस्यों ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे गलत तरीके से व्यावसायिक प्रतिष्ठान बना दिए गए हैं इसके कारण वाहनों के प्रचलन सहित कई अन्य समस्याओं का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। वही पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में आ रही समस्याओं पर भी चर्चा हुई। कुछ पंचायतों में स्थल की उपयुक्तता को लेकर उठाए गए सवालों के मद्देनजर संबंधित स्थलों की जांच कराने का निर्देश दिया गया, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। पीएनजी कनेक्शन चालू नहीं होने पर नाराजगी ऊर्जा क्षेत्र में एलपीजी और पीएनजी की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में लगभग 6700 घरों में पीएनजी कनेक्शन चालू हो चुका है, जबकि 4300 घरों में मीटर लगाए जाने के बावजूद कनेक्शन चालू नहीं हो पाया है। इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित एजेंसी को शीघ्र सभी लंबित कनेक्शन चालू करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अधिक से अधिक घरों में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए सीजीडी आईओसीएल को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। अनियमितता पाए जाने पर संवेदक के खिलाफ कार्रवाई ग्रामीण सड़कों के निर्माण कार्यों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्देश दिया गया है कि सभी सड़कें निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही बनाई जाएं। किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी और संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को नियमित निगरानी और गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ और बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध हो सके।कृषि और सहकारिता क्षेत्र की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि गेहूं की खरीदारी में अधिक से अधिक सीमांत किसानों को शामिल किया जाए, ताकि उन्हें भी योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जीविका स्वयं सहायता समूह और कृषि विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। सांसद ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को दिलाने के लिए ईमानदारी से प्रयास करने की जरूरत है। विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रशासन सजग : डीएम जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि दिशा की बैठक में लिए गए निर्णय यह दर्शाते हैं कि सारण में विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधि पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब योजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। तकनीकी नवाचार और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना की नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके। विशेष रूप से आधारभूत संरचना, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा और ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं पर फोकस किया जा रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि विकास की गति न केवल तेज हो, बल्कि उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और सारण जिले को विकास के नए आयाम तक ले जाया जा सके। इनसेट नगर निगम बना अपशिष्ट प्रबंधन का नोडल एजेंसी छपरा । नगर निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर भी ठोस पहल की गई। सूखे कचरे के प्रबंधन के लिए क्लस्टर आधारित व्यवस्था विकसित करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत जिले में तीन से चार उपयुक्त स्थलों का चयन कर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इस कार्य में छपरा नगर निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है। छपरा शहर को साफ सुथरा रखने के लिए भी बैठक में चर्चा की गई सफाई व्यवस्था को और दुरुस्त करने पर बल दिया गया।

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