बाजार में मिलावटी दूध-पनीर की भरमार, बरतें सावधानी
होली व लग्न में बढ़ी दूध की मांग, दूध और सस्ते दर पर पनीर बेचे जा रहे हैं, जिससे लोगों की सेहत खराब होने की संभावना बढ़ गयी है।जानकारी के अनुसार, सामान्य दिनों में जिले में प्रतिदिन करीब 30 से 35 हजार...

होली व लग्न में बढ़ी दूध की मांग, खपत 35 हजार लीटर से बढ़कर 70 हजार लीटर पहुंचने का अनुमान 320 रुपये किलो तक बिक रहा मिलावटी पनीर छपरा, हिन्दुस्तान संवाददाता। होली और लग्न के मौसम में जिले में दूध की बढ़ती मांग के बीच बाजारों में सिंथेटिक व मिलावटी दूध और उससे बने पनीर की बिक्री तेज हो गई है। शहर के चौक-चौराहों से लेकर ग्रामीण बाजारों तक खुलेआम पैकेट में दूध और सस्ते दर पर पनीर बेचे जा रहे हैं, जिससे लोगों की सेहत खराब होने की संभावना बढ़ गयी है।जानकारी के अनुसार, सामान्य दिनों में जिले में प्रतिदिन करीब 30 से 35 हजार लीटर दूध की खपत होती है, लेकिन पर्व और शादी-विवाह के कारण यह मांग तेजी से बढ़ गई है।
अनुमान है कि होली के आसपास दूध की खपत 70 हजार लीटर प्रतिदिन तक पहुंच सकती है। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर का फायदा उठाकर मिलावटी दूध बाजार में पहुंच रहा है। कारोबारियों ने कहा,बाहर से मंगाना पड़ता है दूध सुधा से जुड़े छपरा के दूध कारोबारी व कचहरी स्टेशन के पास डोरीगंज के ग्वाला व्यवसायी राजेंद्र यादव ने बताया कि स्थानीय स्तर पर ग्वालों द्वारा करीब 20 से 25 हजार लीटर दूध ही उपलब्ध कराया जा पाता है। बाकी दूध बाहर से मंगाना पड़ता है। मांग अधिक होने पर कुछ लोग सस्ते और मिलावटी उत्पाद बाजार में उतार देते हैं, जिससे असली और नकली दूध की पहचान मुश्किल हो जाती है।जिले में करीब 2500 मिष्ठान्न दुकानों और बड़ी संख्या में चाय दुकानों पर दूध की खपत सबसे अधिक होती है। बाजार में सिंथेटिक दूध से बने पनीर 320 रुपये प्रति किलो तक बेचे जा रहे हैं, जिसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। क्या कहते हैं दुकानदार और ग्राहक मिठाई दुकानदार सुखारी पंडित ने बताया कि शुद्ध दूध से बनी मिठाइयों की गुणवत्ता बेहतर होती है और ग्राहक उसे अधिक पसंद करते हैं। दुकानदार राकेश शाह ने कहा कि नकली पनीर की सप्लाई अक्सर बाजार में आती है, लेकिन ग्राहकों की सेहत को ध्यान में रखते हुए वे स्वयं दूध खरीदकर पनीर तैयार करते हैं और उसी से मिठाई बनाते हैं। मानपुर निवासी ग्राहक विकास राय ने बताया कि नकली उत्पादों के इस्तेमाल से सेहत पर बुरा असर पड़ता है। वहीं बनियापुर के राकेश सिंह ने कहा कि बाजार में सस्ते दाम पर नकली पनीर अधिक मात्रा में उपलब्ध है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसलिए जांच-परख कर ही मिठाई और पनीर की खरीदारी करनी चाहिए। फिजिशियन डॉ. संतोष प्रियदर्शी के अनुसार मिलावटी दूध के सेवन से बच्चों में पेट दर्द, डायरिया, फूड प्वाइजनिंग और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने लोगों को विश्वसनीय और परिचित दुकानों से ही दूध और दूध उत्पाद खरीदने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि दूध की शुद्धता की प्राथमिक जांच घर पर की जा सकती है, लेकिन पूरी पुष्टि के लिए प्रयोगशाला जांच ही सबसे सुरक्षित तरीका है। कोट समय-समय पर मिलावटी दूध से पनीर और मिठाई बनाने वालों के खिलाफ जांच व कार्रवाई की जाती है। विभाग में कर्मियों की कमी के कारण पूरे क्षेत्र की नियमित निगरानी संभव नहीं हो पाती है। आने वाले दिनों में नई बहाली के बाद जांच अभियान तेज किया जाएगा और मिलावटी दूध, पनीर व मिठाई बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नारायण राम खाद्य निरीक्षक
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